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मर्डर का पर्दाफाश, चार आरोपी काबू
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पानीपत। सीआईए-वन की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। देवीलाल पार्क में माली कम चौकीदार राजबीर के ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए सीआईए-1 ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 27 फरवरी की देर रात कमरे में सो रहे दो माली कम चौकीदारों पर लाठी, डडों व पत्थरों से ताबड़तोड़ वार कर दिया था। इसमें एक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा घायल हो गया था। पुलिस ने गहनता से पूछताछ करने के लिए चारों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बुधवार को बताया कि आरोपियों की पहचान सोनीपत के गांव जोशी निवासी आकाश, अभिषेक पुत्र विनोद, करनाल के गांव उपलानी निवासी विशाल, जोशी गांव निवासी राहुल के रूप में हुई है। आरोपियों से खुलासा हुआ कि आरोपी आकाश 27 फरवरी की देर शाम देवी लाल पार्क में युवती को घुमाने के लिए लाया था। इसी दौरान उसकी एक चौकीदार से कहासुनी हो गई। आकाश ने बताया कि चौकीदार ने दो हजार रुपयों की मांग की। इसके बाद आकाश ने अपने बड़े भाई अभिषेक को कॉल कर कहासुनी की सूचना दी। अभिषेक अपने पांच साथियों के साथ आया। उनमें विशाल और राहुल व तीन अन्य आरोपी शामिल थे। सभी ने मिलकर देर रात देवी लाल पार्क में कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर सो रहे अहर निवासी राजबीर और गांव राजपुरा निवासी रमेश पर लाठी, डडों व पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस बीच राजबीर की मौत होने पर आरोपी फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और खास मुखबिर की मदद से सुलझी गुत्थी
इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि उन्हें वारदात स्थल के पास से कुछ सीसीटीवी फुटेज मिली थी। वहीं आस पास के लोगों को फुटेज दिखाई तो एक युवक ने बताया कि तीन युवक उससे गार्ड के सोने के ठिकाने के बारे में पूछ रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपने खास मुखबिर के पास फोटो भेजी। उसकी मदद से आरोपियों की पहचान उजागर हुई और सभी को गिरफ्तार किया गया।
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परिजनों ने साथी माली पर जताया था हत्या का शक
मृतक राजबीर के परिजनों ने साथी माली गांव रजापुर निवासी रमेश पर हत्या का शक जाहिर किया था। सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने उसी को प्रमुख मानते हुए रमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, लेकिन इंस्पेक्टर राजपाल ने असल आरोपी न होने का खुलासा किया। इसके बाद एसपी शशांक कुमार सावन ने इंस्पेक्टर राजपाल को ही मामले की जांच सौंपते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
रिमांड के दौरान होगी यह पूछताछ
इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ करने की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि आखिर किस गार्ड से उनकी कहासुनी हुई थी। वह मृतक राजबीर ही था या कोई गार्ड था। इसके अलावा वारदात में संलिप्त फरार तीनों आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर काबू किया जाएगा और वारदात में प्रयोग की बाइक व डंडे बरामद किए जाएंगे।
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सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बुधवार को बताया कि आरोपियों की पहचान सोनीपत के गांव जोशी निवासी आकाश, अभिषेक पुत्र विनोद, करनाल के गांव उपलानी निवासी विशाल, जोशी गांव निवासी राहुल के रूप में हुई है। आरोपियों से खुलासा हुआ कि आरोपी आकाश 27 फरवरी की देर शाम देवी लाल पार्क में युवती को घुमाने के लिए लाया था। इसी दौरान उसकी एक चौकीदार से कहासुनी हो गई। आकाश ने बताया कि चौकीदार ने दो हजार रुपयों की मांग की। इसके बाद आकाश ने अपने बड़े भाई अभिषेक को कॉल कर कहासुनी की सूचना दी। अभिषेक अपने पांच साथियों के साथ आया। उनमें विशाल और राहुल व तीन अन्य आरोपी शामिल थे। सभी ने मिलकर देर रात देवी लाल पार्क में कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर सो रहे अहर निवासी राजबीर और गांव राजपुरा निवासी रमेश पर लाठी, डडों व पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस बीच राजबीर की मौत होने पर आरोपी फरार हो गए।
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सीसीटीवी फुटेज और खास मुखबिर की मदद से सुलझी गुत्थी
इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि उन्हें वारदात स्थल के पास से कुछ सीसीटीवी फुटेज मिली थी। वहीं आस पास के लोगों को फुटेज दिखाई तो एक युवक ने बताया कि तीन युवक उससे गार्ड के सोने के ठिकाने के बारे में पूछ रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपने खास मुखबिर के पास फोटो भेजी। उसकी मदद से आरोपियों की पहचान उजागर हुई और सभी को गिरफ्तार किया गया।
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परिजनों ने साथी माली पर जताया था हत्या का शक
मृतक राजबीर के परिजनों ने साथी माली गांव रजापुर निवासी रमेश पर हत्या का शक जाहिर किया था। सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने उसी को प्रमुख मानते हुए रमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, लेकिन इंस्पेक्टर राजपाल ने असल आरोपी न होने का खुलासा किया। इसके बाद एसपी शशांक कुमार सावन ने इंस्पेक्टर राजपाल को ही मामले की जांच सौंपते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
रिमांड के दौरान होगी यह पूछताछ
इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ करने की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि आखिर किस गार्ड से उनकी कहासुनी हुई थी। वह मृतक राजबीर ही था या कोई गार्ड था। इसके अलावा वारदात में संलिप्त फरार तीनों आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर काबू किया जाएगा और वारदात में प्रयोग की बाइक व डंडे बरामद किए जाएंगे।