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मां बोली, बेटी को ला दो, नहीं करानी डॉक्टरी की पढ़ाई
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इसराना। तनवी जो अभी यूक्रेन में फसी हुई है।
- फोटो : Panipat
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इसराना। यूक्रेन में फंसी तन्वी की मां ज्योति का कहना है कि मेरी बेटी को किसी तरह वापस घर लाए दे सरकार। नहीं करानी है डॉक्टरी की पढ़ाई। मां के आंखों से रह-रहकर आंसू छलक उठते हैं। इसराना हलके के गांव बांध की रहने वाली तन्वी के परिजनों ने बताया कि बंकर में पूरी बात बेटी जागकर बिता रही है।
तन्वी का छोटा भाई शौर्य और मां ज्योति रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से बेहद परेशान हैं। मां ने बताया कि सोमवार की दोपहर बेटी से वीडियो कॉल पर बात हुई है। बेटी ने बताया कि रविवार शाम पांच बजे से सोमवार दोपहर तक अन्य विद्यार्थियों के साथ बंकर में रह रही हैं। पूरी रात जागते हुए ही गुजर रही है। धमाकों की आवाज बेहद नजदीक लगती हैं, जिससे सांस थम जाती हैं। भय का माहौल हैं, सभी चाह रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द उन्हें भारत लाने की दिशा में कदम उठाए।
तन्वी ने बताया कि खाने के लिए बस कुछ बचा है। ब्रेड, मैगी और नमकीन से काम चल रहा है। सोमवार को संस्थान की तरफ से बताया गया कि अपने कुछ जरूरी कागजात तैयार रखो। यूक्रेन से बाहर पोलैंड या हंगरी बॉर्डर पर भेजा जा सकता है। मां कई दिनों से बेटी की चिंता में न तो ठीक से खा रहीं न ही सो पा रही हैं। छोटा भाई शौर्य दीदी को बुलाने लिए कह रहा है।
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पीएम से लगाई बेटी को लाने की गुहार
मां ज्योति ने पीएम से गुहार लगाते हुए कहा यूक्रेन में फंसे बच्चों को वतन लौटने में मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार ही यूक्रेन से बेटी को ला सकती है। पीएम से ही उम्मीद है कि वह बेटी को सकुशल भारत लेकर आएंगे।
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तन्वी का छोटा भाई शौर्य और मां ज्योति रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से बेहद परेशान हैं। मां ने बताया कि सोमवार की दोपहर बेटी से वीडियो कॉल पर बात हुई है। बेटी ने बताया कि रविवार शाम पांच बजे से सोमवार दोपहर तक अन्य विद्यार्थियों के साथ बंकर में रह रही हैं। पूरी रात जागते हुए ही गुजर रही है। धमाकों की आवाज बेहद नजदीक लगती हैं, जिससे सांस थम जाती हैं। भय का माहौल हैं, सभी चाह रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द उन्हें भारत लाने की दिशा में कदम उठाए।
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तन्वी ने बताया कि खाने के लिए बस कुछ बचा है। ब्रेड, मैगी और नमकीन से काम चल रहा है। सोमवार को संस्थान की तरफ से बताया गया कि अपने कुछ जरूरी कागजात तैयार रखो। यूक्रेन से बाहर पोलैंड या हंगरी बॉर्डर पर भेजा जा सकता है। मां कई दिनों से बेटी की चिंता में न तो ठीक से खा रहीं न ही सो पा रही हैं। छोटा भाई शौर्य दीदी को बुलाने लिए कह रहा है।
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पीएम से लगाई बेटी को लाने की गुहार
मां ज्योति ने पीएम से गुहार लगाते हुए कहा यूक्रेन में फंसे बच्चों को वतन लौटने में मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार ही यूक्रेन से बेटी को ला सकती है। पीएम से ही उम्मीद है कि वह बेटी को सकुशल भारत लेकर आएंगे।