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745 रुपये में बंदर पकड़ने का वर्क ऑर्डर जारी, सात दिन में करना होगा काम शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2020 01:18 AM IST
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monkey arrest tendar relase panipat
आखिरकार आयुक्त के आने के बाद बंदर पकड़ने के टेंडर को अलॉट कर उसका मंगलवार को ही वर्क ऑर्डर जारी हो ही गया है। निगम ने टेंडर उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी रइस को 745 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का दिया है। वर्क ऑर्डर में काम संबंधित फर्म को कई अन्य और सख्त हिदायतें भी जारी की गई हैं, जिन पर अगर फर्म खरा नहीं उतरती है तो टेंडर रद्द करने की चेतावनी भी दी गई है। टेंडर की शर्तों अनुसार फर्म को काम सात दिन में शुरू करना होगा, वहीं दो माह के समय में ही इस काम को पूरा भी करना होगा। शर्तानुसार सबसे पहले फर्म को एक शिकायत केंद्र बनाकर इसका फोन नंबर शहर में प्रसारित करना होगा, जिससे शहर वासी बंदरों की जानकारी उन्हें फोन के माध्यम से दे सकें।
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वर्क ऑर्डर में प्रति बंदर को मानवीय तरीके से पकड़ने, उसके रखरखाव करने, खाना-पान संबंधी जिम्मेदारी भी फर्म को सौंपी गई है। बंदर पकड़ने के बाद उस पर पहचान के लिए रंग करना होगा, ताकि वह बंदर शहर में दोबारा नहीं दिखना चाहिए। वहीं, बंदर पकड़ने के बाद उन्हें यमुनानगर के कलेसर के जंगल में छोड़कर आने की जिम्मेदारी भी फर्म की होगी। इस पूरी प्रक्रिया की वीडीयोग्राफी भी निगम अधिकारियों को सौंपनी होगी। इसके साथ कलेसर के जंगल से इनको छोड़कर आने के बिल भी निगम में जमा करवाने होंगे। वहां के अधिकारी की सत्यापित कॉपी भी निगम में जमा करवानी होगी। पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टेशन और बंदरों के रखरखाव का खर्च फर्म को खुद ही वहन करना होगा। टेंडर की शर्तों में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अगर काम के दौरान किसी भी बंदर को चोट लग जाती है तो उसको उपयुक्त तरीके से दफानाना होगा, वहीं उस बंदर के खर्च को निगम वहन नहीं करेगा।
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टेंडर अलॉट कर किए वर्क आर्डर
बंदर पकड़ने के टेंडर को अलॉट कर इसका वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। फर्म को काम एक सप्ताह में शुरू कर दो माह में समाप्त करना होगा। बंदर पकड़ने से लेकर उनके खान-पान और सुरक्षित तरीके से छोड़कर आने की जिम्मेदारी फर्म की रहेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और सत्यापित दस्तावेजों के बाद ही फर्म को पेमेंट की जाएगी।
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-ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
जल्द शुरू होगा काम : मेयर
आयुक्त के आने के बाद बंदर पकड़ने के टेंडर को हरी झंडी मिल गई है। इसका वर्क आर्डर जारी किया जा चुका है। बंदर पकड़ने का काम एक दो दिन में ही शुरू करवा दिया जाएगा। इसके लिए फर्म को सख्त दिशा-निर्देशों की पालना भी करनी होगी। किसी भी सूरत में किसी भी शहरवासी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा, वहीं मानवीय तरीके से बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगल में छोड़ने का प्रावधान बनाया गया है।
-अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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