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एमआईएस-सी का खतरा गहराया, दो और बच्चे मिले संक्रमित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:12 AM IST
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MIS-C threat deepens, two more children found infected
कोरोना और ब्लैक फंगस के खतरे के बीच अब जिले में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) का खतरा गहरा चुका है। इसकी चपेट में बच्चे आ रहे हैं। अधिकतर वे बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं, जो कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। बुधवार को ऐसे दो और बच्चे मॉडल टाउन स्थित रेनबो अस्पताल में दाखिल हुए हैं। इन बच्चों के शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन आ गई है। साथ ही बच्चे उल्टी दस्त व चमड़ी के रोग से ग्रस्त हैं। इन माता-पिता पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इन पांचों रोगियों की डिटेल निजी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दी है। सभी बाल रोगियों की उम्र 8 वर्ष से कम है। एमआईएस-सी के खतरे को टालने का उपाय खुद को कोरोना संक्रमित होना बचाना ही है, क्योंकि बड़ों से ही बच्चे संक्रमित हो रहे हैं।
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हमारे अस्पताल में पांच बच्चे इस रोग से ग्रस्त भर्ती हैं : डॉ. गिरिश
हमारे पास एमआईएस-सी के लक्षण वाले पहले तीन बाल रोगी थे। अब दो और ऐसे बाल रोगी आए हैं। इनमें भी पहले तीन बच्चों जैसे ही लक्षण हैं। इनकी डिटेल स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। लोगों से अपील है कि वे इस बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक रहें। डॉ. गिरिश, रेनबो अस्पताल
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क्या है एमआईएस-सी
बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन हो सकती है। इसमें हृदय, फेफड़े, गुर्दे, मस्तिष्क, त्वचा, आंखें या आंतें शामिल हैं। अगर बच्चों में ऐसे भी लक्षण हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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बीमारी के लक्षण
तेज बुखार
पेट दर्द
उल्टी
दस्त
गर्दन में दर्द
आंखों में लाली
हाथों और पैरों की त्वचा में सूजन
थकान महसूस होना
पेट में तेज दर्द
सांस लेने में तकलीफ
तेज दिल की धड़कन
बीमारी गंभीर है, इसलिए जागरूकता जरूरी : डॉ. जैन
सिविल अस्पताल में एमआईएस-सी का कोई मरीज नहीं आया है। निजी अस्पताल में ऐसे मरीज आने की जानकारी है। ये गंभीर बीमारी है। इसके खिलाफ जागरूक होना जरूरी है।
-डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल
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