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Panipat News: जल्द शुरू होगी मिनी फोरेंसिक लैब, साइबर एक्सपर्ट होंगे नियुक्त
Mon, 22 Sep 2025 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:22 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नए कानून लागू होने के बाद फोरेंसिक जांच का दायर बढ़ गया है। इस कारण प्रयोगशालाओं में कार्यभार भी कई गुना बढ़ रहा है। मधुबन लैब से आवाज का सैंपल लेने के लिए तीन से चार माह की वेटिंग है। जिसे देखते हुए प्रत्येक जिले में मिनी फोरेंसिक लैब शुरू की जाएंगी। पानीपत में भी डेढ़ से दो माह के बीच मिनी फोरेंसिक साइंस लैब काम शुरू कर देगी। जिसमें आवाज के नमूने लिए जाएंगे। साथ ही विसरा डीएनए व मुकदमों से जुड़े अन्य प्रकार के नमूने एकत्र किए जाएंगे। जहां से जांच के लिए मधुबन लैब भेजा जाएगा।
प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में मिनी फोरेंसिक साइंस लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। प्रदेश के कुछ जिलों में लैब ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं पानीपत में भी जल्द एमएफएसयू का काम पूरा हो जाएगा। शहर थाना परिसर में एमएफएसयू का कार्यालय बनाया गया है जिसकी इंचार्ज डॉ. नीलम आर्य को नियुक्त किया है। उन्हीं की देखरेख में लैब तैयार की जा रही है। जिसमें मिनी साइबर लैब, साउंड प्रूफ रूम और क्लेक्शन सेंटर तैयार किया जा रहा है। मिनी साइबर लैब में साइबर क्राइम से जुड़ी छोटी-छोटी जांच होगी। जिनमें डाटा रिकवर करना, बैंक स्टेटमेंट और आईपी एड्रेस से जुड़ी जांच होंगी। इसके साथ ही साउंड प्रूफ रूम को आवाज के नमूने लेने के लिए तैयार किया जा रहा है।
अब तक मधुबन लैब में लिए जाते हैं आवाज के नमूने
अब तक प्रदेश में आवाज के नमूने लेने और जांच करने का काम मधुबन लैब में ही हो रहा है। इसके लिए जांच अधिकारी को पहले लैब जाकर समय लेना पड़ता है। समय मिलने के बाद जिसकी आवाज का नमूना लिया जाना है उसे लेकर जाना पड़ता है। डॉ. नीलम आर्य ने बताया कि फिलहाल मधुबन लैब में इतने नमूने लंबित हैं कि आवाज का नमूना देने के लिए भी तीन से चार माह की वेटिंग चल रही है। लैब बनने के बाद नमूना यहीं पर लिया जाएगा उसका मिलान मधुबन लैब में किया जाएगा। साथ ही माल मुकदमे के लिए अलग-अलग जांच अधिकारियों को लैब जाने की जरूरत नहीं होगी। एमएफएसयू में कलेक्शन सेंटर तैयार होगा। जहां पर पूरे जिले के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी।
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बड़ी संख्या में लंबित हैं जांच
पानीपत से जुड़ी जांच बड़ी संख्या में मधुबन लैब में लंबित हैं जिसमें सबसे अधिक जांच विसरा से संबंधित हैं। विसरा की 7500 से अधिक जांच लंबित हैं। वहीं, साइबर की 3500, डीएनए से संबंधित 1600 से अधिक नमूनों की जांच लंबित हैं।
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वर्जन
डेढ़ से दो माह में पानीपत एमएसएफयू काम करना शुरू कर देगी जिससे मधुबन लैब का कार्यभार कुछ कम होगा। साथ ही जल्द नमूनों की जांच होने से अपराधियों को सजा दिलाने की गति में भी तेजी आएगी।
- डॉ. नीलम आर्य, इंचार्ज एनएसएफयू पानीपत
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पानीपत। नए कानून लागू होने के बाद फोरेंसिक जांच का दायर बढ़ गया है। इस कारण प्रयोगशालाओं में कार्यभार भी कई गुना बढ़ रहा है। मधुबन लैब से आवाज का सैंपल लेने के लिए तीन से चार माह की वेटिंग है। जिसे देखते हुए प्रत्येक जिले में मिनी फोरेंसिक लैब शुरू की जाएंगी। पानीपत में भी डेढ़ से दो माह के बीच मिनी फोरेंसिक साइंस लैब काम शुरू कर देगी। जिसमें आवाज के नमूने लिए जाएंगे। साथ ही विसरा डीएनए व मुकदमों से जुड़े अन्य प्रकार के नमूने एकत्र किए जाएंगे। जहां से जांच के लिए मधुबन लैब भेजा जाएगा।
प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में मिनी फोरेंसिक साइंस लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। प्रदेश के कुछ जिलों में लैब ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं पानीपत में भी जल्द एमएफएसयू का काम पूरा हो जाएगा। शहर थाना परिसर में एमएफएसयू का कार्यालय बनाया गया है जिसकी इंचार्ज डॉ. नीलम आर्य को नियुक्त किया है। उन्हीं की देखरेख में लैब तैयार की जा रही है। जिसमें मिनी साइबर लैब, साउंड प्रूफ रूम और क्लेक्शन सेंटर तैयार किया जा रहा है। मिनी साइबर लैब में साइबर क्राइम से जुड़ी छोटी-छोटी जांच होगी। जिनमें डाटा रिकवर करना, बैंक स्टेटमेंट और आईपी एड्रेस से जुड़ी जांच होंगी। इसके साथ ही साउंड प्रूफ रूम को आवाज के नमूने लेने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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अब तक मधुबन लैब में लिए जाते हैं आवाज के नमूने
अब तक प्रदेश में आवाज के नमूने लेने और जांच करने का काम मधुबन लैब में ही हो रहा है। इसके लिए जांच अधिकारी को पहले लैब जाकर समय लेना पड़ता है। समय मिलने के बाद जिसकी आवाज का नमूना लिया जाना है उसे लेकर जाना पड़ता है। डॉ. नीलम आर्य ने बताया कि फिलहाल मधुबन लैब में इतने नमूने लंबित हैं कि आवाज का नमूना देने के लिए भी तीन से चार माह की वेटिंग चल रही है। लैब बनने के बाद नमूना यहीं पर लिया जाएगा उसका मिलान मधुबन लैब में किया जाएगा। साथ ही माल मुकदमे के लिए अलग-अलग जांच अधिकारियों को लैब जाने की जरूरत नहीं होगी। एमएफएसयू में कलेक्शन सेंटर तैयार होगा। जहां पर पूरे जिले के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी।
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बड़ी संख्या में लंबित हैं जांच
पानीपत से जुड़ी जांच बड़ी संख्या में मधुबन लैब में लंबित हैं जिसमें सबसे अधिक जांच विसरा से संबंधित हैं। विसरा की 7500 से अधिक जांच लंबित हैं। वहीं, साइबर की 3500, डीएनए से संबंधित 1600 से अधिक नमूनों की जांच लंबित हैं।
वर्जन
डेढ़ से दो माह में पानीपत एमएसएफयू काम करना शुरू कर देगी जिससे मधुबन लैब का कार्यभार कुछ कम होगा। साथ ही जल्द नमूनों की जांच होने से अपराधियों को सजा दिलाने की गति में भी तेजी आएगी।
- डॉ. नीलम आर्य, इंचार्ज एनएसएफयू पानीपत