फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Mid day meal workers demonstrated at the residence of the education minister

Panipat News: मिड डे मील वर्कर्स ने शिक्षा मंत्री के आवास पर किया प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 02:47 AM IST
विज्ञापन
Mid day meal workers demonstrated at the residence of the education minister
पानीपत। मिड-डे-मील वर्कर्स ने शनिवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के एल्डिको स्थित आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी की और मांगों को रखा। वर्कर्स ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के न होने पर उनके बड़े भाई हरपाल ढांडा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एक सप्ताह बाद मांगों पर बातचीत के लिए बैठक कराने का भरोसा दिया। यूनियन ने मांगों का समाधान न होने पर आगामी दिनों में बड़ी रैली व आंदोलन करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन

यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष राजरानी व महासचिव जयभगवान के नेतृत्व में वर्कर ने शनिवार को दोपहर 12 से ढाई बजे तक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वर्कर्स के मानदेय में कटौती की जा रही हैं। देश में 25 लाख के करीब मिड डे मील वर्कर काम कर रही हैं। जो देश के 12 करोड़ बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनाती हैं और देश के भविष्य को तैयार करने में लगी है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( एनइपी ) 2020 लेकर आई है। इसमें कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद किया जा रहा है और स्कूल बंद किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार पांच हजार स्कूलों को बंद कर चुकी है। इनमें अधिकतर लड़कियों के प्राथमिक स्कूल हैं। वर्कर्स का कहना है कि उन्हें तय मानदेय भी 10 महीने में मिल पाता है जबकि काम तो करीबन 11 महीने करना पड़ता है। हमें भी शिक्षकों व अन्य स्टाफ की तरह 12 महीने वेतन मिलना चाहिए व यह 26 हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। स्कूल में ड्यूटी के दौरान भोजन बनाते हुए दुर्घटनाओं में घायल हो जाते हैं या वर्करों की मौत हो जाती है लेकिन उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक मदद का प्रावधान नहीं है। 2013 में 45वें राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन ने मिड डे मील वर्करों सहित सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन सहित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की सिफारिश की थी। इन्हें आज तक लागू नहीं किया गया। इसके खिलाफ वर्करों में भारी गुस्सा है। इस अवसर पर जिला सचिव निर्मला, राज्य सचिव ओम प्रकाश माटा, सीटू जिला सचिव सुनील दत, किसान सभा के नेता डॉ. सुरेंद्र मलिक और राजपाल उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed