{"_id":"6a29cf2cfb080959cf0d76c5","slug":"meritorious-students-from-government-schools-will-now-visit-isros-scientific-centers-panipat-news-c-244-1-sknl1016-158745-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: अब इसरो के वैज्ञानिक केंद्रों का भ्रमण करेंगे सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: अब इसरो के वैज्ञानिक केंद्रों का भ्रमण करेंगे सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थी
Thu, 11 Jun 2026 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों को अब देश के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इसरो के विभिन्न केंद्रों के शैक्षणिक भ्रमण की योजना तैयार की है।
इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयकों को पात्र विद्यार्थियों व रिसोर्स पर्सन के नाम भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना है। यह उन्हें नवाचार की दिशा में प्रेरित करेगा।
चयनित विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट तकनीक और रॉकेट प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका मिलेगा। वे आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को भी समझ पाएंगे। इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें पात्र विद्यार्थियों और संसाधन व्यक्तियों के नाम भेजने को कहा गया है।
विज्ञापन
चयन प्रक्रिया और पात्रता
एपीसी कुलभूषण जैन ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत चयन होगा। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को चुना जाएगा। पीएमश्री विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 11वीं के विज्ञान वर्ग के टॉपर भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। चयन के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। उनकी तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सीखने की जिज्ञासा भी देखी जाएगी।
शिक्षकों की भूमिका और भ्रमण स्थल
कुलभूषण जैन ने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले से एक पुरुष और एक महिला विज्ञान शिक्षक या संसाधन व्यक्ति को भ्रमण में शामिल किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी जो विज्ञान शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह भ्रमण छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने में मदद करेगा। इससे उनमें विज्ञान मॉडल, शोध परियोजनाओं और अंतरिक्ष विज्ञान में कॅरिअर बनाने की प्रेरणा बढ़ेगी।
इन संस्थानों का मिलेगा भ्रमण अवसर
- यूआर राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु।
- विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवनंतपुरम।
- सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा।
- स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद।
- फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी।
- नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, देहरादून।
वर्जन-
इसरो के विभिन्न केंद्रों का शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव साबित होगा। इससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
विज्ञापन
पानीपत। सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों को अब देश के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इसरो के विभिन्न केंद्रों के शैक्षणिक भ्रमण की योजना तैयार की है।
इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयकों को पात्र विद्यार्थियों व रिसोर्स पर्सन के नाम भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना है। यह उन्हें नवाचार की दिशा में प्रेरित करेगा।
विज्ञापन
चयनित विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट तकनीक और रॉकेट प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका मिलेगा। वे आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को भी समझ पाएंगे। इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें पात्र विद्यार्थियों और संसाधन व्यक्तियों के नाम भेजने को कहा गया है।
विज्ञापन
चयन प्रक्रिया और पात्रता
एपीसी कुलभूषण जैन ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत चयन होगा। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को चुना जाएगा। पीएमश्री विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 11वीं के विज्ञान वर्ग के टॉपर भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। चयन के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। उनकी तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सीखने की जिज्ञासा भी देखी जाएगी।
शिक्षकों की भूमिका और भ्रमण स्थल
कुलभूषण जैन ने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले से एक पुरुष और एक महिला विज्ञान शिक्षक या संसाधन व्यक्ति को भ्रमण में शामिल किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी जो विज्ञान शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह भ्रमण छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने में मदद करेगा। इससे उनमें विज्ञान मॉडल, शोध परियोजनाओं और अंतरिक्ष विज्ञान में कॅरिअर बनाने की प्रेरणा बढ़ेगी।
इन संस्थानों का मिलेगा भ्रमण अवसर
- यूआर राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु।
- विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवनंतपुरम।
- सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा।
- स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद।
- फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी।
- नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, देहरादून।
वर्जन-
इसरो के विभिन्न केंद्रों का शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव साबित होगा। इससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।