{"_id":"6039551c8ebc3e76995e3eab","slug":"meeting-panipat-news-knl6245347","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैठक में निगम पर पार्षदों के हंगामें के बढ़े आसार तो निगम ने जानकारी के अभाव का फंसाया पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैठक में निगम पर पार्षदों के हंगामें के बढ़े आसार तो निगम ने जानकारी के अभाव का फंसाया पेंच
विज्ञापन
meeting
- फोटो : Panipat
नगर निगम हाउस की 3 मार्च को निर्धारित मीटिंग अब स्थगित हो सकती है। निगम ने इसका कारण कुछ एजेंडे की जानकारी न होने और मुख्यालय से मंगवाने के लिए समय की डिमांड की है, जबकि इसके अलावा भी मीटिंग को स्थगित करवाने के कई दूसरे कारण भी माने जा रहे हैं। सबसे पहला कारण पार्षदों द्वारा सदन बैठक में निगम अधिकारियों पर बरसने की तैयारी बताया जा रहा है। इसके लिए कई पार्षद को खुलेआम ऐलान तक कर चुके हैं कि वे मीटिंग में कई निगम अधिकारियों के खिलाफ कड़ा फैसला लेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें धरना प्रदर्शन तक क्यों न करना पड़ जाए।
दूसरा कुछ निकाय व सरकार की तरफ से बनाए गए प्रस्ताव में भी निगम सदन प्रतिबंध लगाना चाहता है, जिससे अधिकारी असंमजस में है कि सदन जवाब में जनप्रतिनिधियों को कैैसे संतुष्ट करेंगे। इसके लिए निगम ने मेयर कार्यालय की तरफ से भेजे गए एजेंडों की जानकारी के अभाव का पेंच फंसा दिया है। निगम ने मेयर को लिखा है कि कुछ एजेंडों की जानकारी उनके पास नहीं है, जो एसीएस कार्यालय से आनी है। इसमें दस दिन तक का समय लगा सकता है।
माना जा रहा है कि निगम का ये दांव काम कर गया तो बैठक को स्थगित करना पड़ेगा। क्योंकि अगर बैठक में निगम अधिकारी सदन के सवालों के जवाब नहीं दे पाए तो उनके पास पहले से इस पत्र की कॉपी उपलब्ध होगी, जिसमें वे जवाब न होने का पत्राचार कर चुके हैं। वहीं, अगर जनप्रतिनिधियों को उनके सवालों के तर्कपूर्ण जवाब नहीं मिले तो उनका मीटिंग में आने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। अब मीटिंग को स्थगित कर दिया गया तो एजेंडों में शामिल कुछ ऐसी मांग जो निगम से नहीं करवाए जानी चाहिए थी, उन्हें निगम पूरी कर चुका होगा।
विज्ञापन
ये रखे गए थे अहम एजेंडे, जिन पर उलझ सकती थी बात-
मेयर व पार्षदों की सूझबूझ से सदन मीटिंग में कुछ टेंडरों को कैंसल करने का प्रपोजल तैयार किया गया था। इसमें जेबीएम कंपनी के टेंडर को रद्द करने, पैमेंट रोकने समेत जुर्माना लगाने, निंबरी डंपिंग स्टेशन पर 27 करोड़ के टेंडर को भी रद्द करने, बाजारों व नाला गैंग के लिए टेंडरों को बार-बार एक्सटेंड करने की बजाए कैंसल करने, कथूरिया मैनपावर के टेंडर कैंसल करने का एजेंडा भेजा था।
इसके अलावा बीपीएल सर्वे करवाने, लाल डोरे की निगम में शामिल प्रॉपर्टी को सौ प्रतिशत छूट देने, प्रॉपर्टी टैक्स के ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाने की सीमा बढ़ाने, वार्ड 11 में इडब्ल्यूएस फ्लैट की डेवलेपमेंट रिपोर्ट, बिंझौल डेयरी शिफ्ट करने की रिपोर्ट समेत प्रॉपर्टी टैक्स कार्यालय को वापस वहीं जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था।
विज्ञापन
दूसरा कुछ निकाय व सरकार की तरफ से बनाए गए प्रस्ताव में भी निगम सदन प्रतिबंध लगाना चाहता है, जिससे अधिकारी असंमजस में है कि सदन जवाब में जनप्रतिनिधियों को कैैसे संतुष्ट करेंगे। इसके लिए निगम ने मेयर कार्यालय की तरफ से भेजे गए एजेंडों की जानकारी के अभाव का पेंच फंसा दिया है। निगम ने मेयर को लिखा है कि कुछ एजेंडों की जानकारी उनके पास नहीं है, जो एसीएस कार्यालय से आनी है। इसमें दस दिन तक का समय लगा सकता है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि निगम का ये दांव काम कर गया तो बैठक को स्थगित करना पड़ेगा। क्योंकि अगर बैठक में निगम अधिकारी सदन के सवालों के जवाब नहीं दे पाए तो उनके पास पहले से इस पत्र की कॉपी उपलब्ध होगी, जिसमें वे जवाब न होने का पत्राचार कर चुके हैं। वहीं, अगर जनप्रतिनिधियों को उनके सवालों के तर्कपूर्ण जवाब नहीं मिले तो उनका मीटिंग में आने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। अब मीटिंग को स्थगित कर दिया गया तो एजेंडों में शामिल कुछ ऐसी मांग जो निगम से नहीं करवाए जानी चाहिए थी, उन्हें निगम पूरी कर चुका होगा।
विज्ञापन
ये रखे गए थे अहम एजेंडे, जिन पर उलझ सकती थी बात-
मेयर व पार्षदों की सूझबूझ से सदन मीटिंग में कुछ टेंडरों को कैंसल करने का प्रपोजल तैयार किया गया था। इसमें जेबीएम कंपनी के टेंडर को रद्द करने, पैमेंट रोकने समेत जुर्माना लगाने, निंबरी डंपिंग स्टेशन पर 27 करोड़ के टेंडर को भी रद्द करने, बाजारों व नाला गैंग के लिए टेंडरों को बार-बार एक्सटेंड करने की बजाए कैंसल करने, कथूरिया मैनपावर के टेंडर कैंसल करने का एजेंडा भेजा था।
इसके अलावा बीपीएल सर्वे करवाने, लाल डोरे की निगम में शामिल प्रॉपर्टी को सौ प्रतिशत छूट देने, प्रॉपर्टी टैक्स के ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाने की सीमा बढ़ाने, वार्ड 11 में इडब्ल्यूएस फ्लैट की डेवलेपमेंट रिपोर्ट, बिंझौल डेयरी शिफ्ट करने की रिपोर्ट समेत प्रॉपर्टी टैक्स कार्यालय को वापस वहीं जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था।