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Panipat News: मूक बधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के दोषी को 10 साल कैद
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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने 11 वर्षीय मूक बधिर बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी अंकित को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 10 साल की कैद और 65 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मार्च 2024 को सनौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला का कहना था कि 30 मार्च को उसका पति और बेटी घर पर थे। उसी समय गांव का ही अंकित उनके घर पर आया और बेटी को बहलाकर अपने साथ बिजलीघर के खाली कमरे में ले गया। जब वह घर पर पहुंची तो बेटी वहां नहीं मिली तो उन्होंने उसकी तलाश की। जब वह बिजलीघर पर पहुंची तो अंकित ने उनकी बेटी को अर्धनग्न अवस्था में पकड़ रखा था। जब मौके पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर वहां से भाग गया।
महिला ने बताया कि आरोपी ने 15 दिन पहले भी उनकी बेटी के साथ गलत काम करने का प्रयास किया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में हुई।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह अदालत में पेश किए, इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी अदालत में पेश की। अदालत गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सोमवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि मार्च 2024 को सनौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला का कहना था कि 30 मार्च को उसका पति और बेटी घर पर थे। उसी समय गांव का ही अंकित उनके घर पर आया और बेटी को बहलाकर अपने साथ बिजलीघर के खाली कमरे में ले गया। जब वह घर पर पहुंची तो बेटी वहां नहीं मिली तो उन्होंने उसकी तलाश की। जब वह बिजलीघर पर पहुंची तो अंकित ने उनकी बेटी को अर्धनग्न अवस्था में पकड़ रखा था। जब मौके पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर वहां से भाग गया।
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महिला ने बताया कि आरोपी ने 15 दिन पहले भी उनकी बेटी के साथ गलत काम करने का प्रयास किया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में हुई।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह अदालत में पेश किए, इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी अदालत में पेश की। अदालत गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सोमवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई।