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Panipat News: मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना कर मांगी मन्नत
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पानीपत। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन भक्तों ने मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा माता की पूजा अर्चना की। प्राचीन श्री मंदिर में मां की पूजा अर्चना को लेकर सुबह व शाम को भक्तों की लंबी कतार लगी रही। सैकड़ों भक्तों ने मां के दर्शन कर अपनी मन्नत मांगी। शाम के समय मंदिर की मुख्य सड़क के साथ आसपास की गलियाें में वाहनों के अधिक आने पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस को रास्ता देने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्राचीन श्री देवी मंदिर में शुक्रवार को माता के दर्शनों को लेकर भक्तों की सुबह से देर शाम तक लाइन लगी रही। सुबह के समय माता का शृंगार किया। इसके बाद मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए खोले गए। दोपहर 12 बजे माता ने विश्राम किया। इसके बाद शाम को चार बजे मंदिर को दर्शनों के लिए खोला। मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना को लेकर शाम को ही भक्तों की मंदिर में लाइन लग गई। देर शाम को शयन आरती की। मंदिर कमेटी के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में माता के दर्शनों के लिए एक लाइन बनाई गई है। इसी लाइन से हर कोई दर्शन कर रहा है। मंदिर में माता के दर्शनों के साथ भक्तों को प्रसाद भी दिया जाता है। मंदिर के तालाब स्थल पर मेला लगाया गया है। यहां बच्चे और महिलाओं के साथ बड़े भी खूब आनंद लेते हैं।
देर शाम को मंदिर की मुख्य सड़क और इसको जाने वाली दूसरी सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। मंदिर के साथ निकलने का भी लोगों को रास्ता नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने रास्ता खुलवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्र के दिनों में शाम के समय सड़क से निकल पाना मुश्किल है। यातायात पुलिस की व्यवस्था कम है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
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प्राचीन श्री देवी मंदिर में शुक्रवार को माता के दर्शनों को लेकर भक्तों की सुबह से देर शाम तक लाइन लगी रही। सुबह के समय माता का शृंगार किया। इसके बाद मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए खोले गए। दोपहर 12 बजे माता ने विश्राम किया। इसके बाद शाम को चार बजे मंदिर को दर्शनों के लिए खोला। मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना को लेकर शाम को ही भक्तों की मंदिर में लाइन लग गई। देर शाम को शयन आरती की। मंदिर कमेटी के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में माता के दर्शनों के लिए एक लाइन बनाई गई है। इसी लाइन से हर कोई दर्शन कर रहा है। मंदिर में माता के दर्शनों के साथ भक्तों को प्रसाद भी दिया जाता है। मंदिर के तालाब स्थल पर मेला लगाया गया है। यहां बच्चे और महिलाओं के साथ बड़े भी खूब आनंद लेते हैं।
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देर शाम को मंदिर की मुख्य सड़क और इसको जाने वाली दूसरी सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। मंदिर के साथ निकलने का भी लोगों को रास्ता नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने रास्ता खुलवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्र के दिनों में शाम के समय सड़क से निकल पाना मुश्किल है। यातायात पुलिस की व्यवस्था कम है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
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