फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   LPG price rose from Rs 51 per kg to Rs 74, 70 big industries on the verge of closure

एलपीजी का दाम 51 रुपये प्रति किलोग्राम से 74 रुपये पहुंचा, बंद होने की कगार पर आए 70 बड़े उद्योग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:45 AM IST
विज्ञापन
LPG price rose from Rs 51 per kg to Rs 74, 70 big industries on the verge of closure
कोयले के बाद अब एलपीजी के रेट बढ़ने से उद्यमियों के लिए व्यापार करना मुश्किल हो गया है। पिछले एक माह में एलपीजी के दाम 23 रुपये बढ़ चुके हैं। उद्यमियों को अब 51 की बजाय 74 रुपये किलोग्राम के हिसाब से एलपीजी मिल रही है। ऐसे में हर उद्यमी को एक दिन में 50 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एलपीजी महंगी होने से डाइंग, प्रिटिंग, कंबल और बेडशीट का उत्पादन भी 20 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। उद्यमियों ने जो ऑर्डर लिए हैं, उन्हें पुराने रेट में पूरा करना पड़ रहा है, ऐसे में उद्यमियों को करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। उद्यमियों की सरकार से मांग है कि एलपीजी के रेट कम किए जाए।
विज्ञापन

अनिल कुमार, संजीव अरोड़ा, भीम राणा ने बताया कि एलपीजी के रेट बढ़ने से उन्हें कोयले का प्रयोग करना पड़ेगा, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। पानीपत के 70 बड़े उद्योगों में एलपीजी का प्रयोग होता है, जोकि लगातार बढ़ रहे एलपीजी के दामों से बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। अब उद्यमी एनसीआर से पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि एक उद्योग में औसतन हर रोज 5 टन एलपीजी की लागत है। एक दिन में पानीपत के उद्योगों में 350 टन एलपीजी की लागत हो रही है। उद्यमी प्रयोग के लिए 19, 23 व 50 किलोग्राम के सिलिंडर इस्तेमाल कर रहे हैं। उद्यमी एक दिन में 2 करोड़ 59 लाख रुपये की एलपीजी खरीद रहे हैं। हर उद्यमी को बढ़े दामों के कारण 50 हजार रुपये का प्रतिदिन नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

एनजीटी के निर्देशों पर कोयले को छोड़ एलपीजी प्रयोग कर रहे थे उद्यमी
एनजीटी ने 2018 में एनसीआर में उद्यमियों को निर्देश दिए थे कि वो उद्योगों में पीएनजी की सप्लाई लें, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। 2019 में अक्तूबर में एनजीटी ने पीएनजी की सप्लाई नहीं लेने वाले उद्योगों पर ताला लगाने के निर्देश दे दिए थे। सरकार के हस्तक्षेप के बाद एनजीटी ने राहत देते हुए एलपीजी का भी विकल्प चुनने की छूट दे दी थी। इसके बाद पानीपत के 70 उद्यमियों ने अपने उद्योगों में सेटअप बदलकर एलपीजी का करा लिया था। अब एलपीजी के रेट बढ़ने से परेशान उद्यमी दोबारा कोयले के प्रयोग की ओर जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनजीटी ने इंडिया के कोयले पर लगाया है प्रतिबंध
एनजीटी ने प्रदूषण की समस्या को देखते हुए बॉयलर में इंडिया के कोयले पर प्रतिबंध लगाया था। उद्यमियों ने इंडोनेशिया के कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। एक माह में कोयले का रेट 7 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 15 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसलिए कपड़े का उत्पादन बहुत महंगा हो गया।
उद्यमी पलायन को मजबूर हैं- भीम
गैस के रेट एक माह में 23 रुपये बढ़ गए हैं। एनजीटी के निर्देश पर उद्यमियों ने एलपीजी की सप्लाई ले ली थी। अब उद्यमी एनसीआर से पलायन करने को मजबूर हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट पानीपत से पंजाब जा चुके हैं। कोयले के रेट में बढ़ोत्तरी होने से अब कंबल , बेडशीट, डाइंग व प्रिटिंग के रेट 20 प्रतिशत बढ़ गए हैं। हमें पुराने रेट पर उत्पादन करना पड़ रहा है। इससे हर रोज 50 हजार का नुकसान हो रहा है।

भीम राणा, अध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन
उद्यमियों को प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग नहीं करने देंगे। अगर कोई उद्यमी प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग करते मिला तो कार्रवाई निश्चित है। एनजीटी के निर्देशों पर ही काम किया जाएगा। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सबका फर्ज है।
कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर , एचएसपीसीबी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed