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वकील ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर की आत्महत्या, परिजन बोले: मानसिक परेशान थे
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पानीपत। सेक्टर-18 निवासी वकील ने रविवार को सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में अपने मकान में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह परिजन उठे तो भूतल वाले कमरे में फंदे पर लटका शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों के अनुसार आत्महत्या का कारण उनकी मानसिक परेशानी है।
सेक्टर 13-17 थाने की पुलिस के अनुसार सेक्टर-18 निवासी ईश्वर सिंह सरोहा (53) जिला बार एसोसिएशन में पिछले करीब 22 वर्षों से वकालत कर रहे थे। वह मूलरूप से बिहोली गांव के रहने वाले थे। हाल में वह सेक्टर 18 में रहते थे। वह दूसरी मंजिल पर पत्नी के साथ रहते थे। पहली मंजिल पर बच्चे और ग्राउंड फ्लोर पर किराएदार रहते हैं। गत दिनों किराएदार मकान खाली कर चले गए। अब भूतल खाली था। पुलिस ने बताया कि ईश्वर सिंह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उनका पीजीआई रोहतक से इलाज भी चल रहा था। शनिवार रात वह अपने परिवार के साथ खाना खाकर सोए थे। सुबह करीब सात बजे परिजन नीचे आए तो भूतल पर उनका शव गमछे के फंदे पर लटका मिला।
मृतक ईश्वर सिंह के बड़े भाई धर्मपाल ने बताया कि वह 15 दिनों से अपने चैंबर में भी नहीं जा रहे थे। वह घर पर ही रहते थे। शनिवार शाम को ईश्वर से मिलने आया था। ईश्वर को अपने गांव बिहोली आने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
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पुलिस के अनुसार ईश्वर सिंह के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी पारुल, बेटा रौनक और सबसे छोटी बेटी भूमि है। पारुल चंडीगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, जबकि रौनक दिसंबर में कनाडा जाने वाला था। उसकी लगभग सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। ईश्वर छह-बहन भाइयों में सबसे छोटे थे।
वर्जन
परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
- दीपक कुमार, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी
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सेक्टर 13-17 थाने की पुलिस के अनुसार सेक्टर-18 निवासी ईश्वर सिंह सरोहा (53) जिला बार एसोसिएशन में पिछले करीब 22 वर्षों से वकालत कर रहे थे। वह मूलरूप से बिहोली गांव के रहने वाले थे। हाल में वह सेक्टर 18 में रहते थे। वह दूसरी मंजिल पर पत्नी के साथ रहते थे। पहली मंजिल पर बच्चे और ग्राउंड फ्लोर पर किराएदार रहते हैं। गत दिनों किराएदार मकान खाली कर चले गए। अब भूतल खाली था। पुलिस ने बताया कि ईश्वर सिंह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उनका पीजीआई रोहतक से इलाज भी चल रहा था। शनिवार रात वह अपने परिवार के साथ खाना खाकर सोए थे। सुबह करीब सात बजे परिजन नीचे आए तो भूतल पर उनका शव गमछे के फंदे पर लटका मिला।
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मृतक ईश्वर सिंह के बड़े भाई धर्मपाल ने बताया कि वह 15 दिनों से अपने चैंबर में भी नहीं जा रहे थे। वह घर पर ही रहते थे। शनिवार शाम को ईश्वर से मिलने आया था। ईश्वर को अपने गांव बिहोली आने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
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पुलिस के अनुसार ईश्वर सिंह के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी पारुल, बेटा रौनक और सबसे छोटी बेटी भूमि है। पारुल चंडीगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है, जबकि रौनक दिसंबर में कनाडा जाने वाला था। उसकी लगभग सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। ईश्वर छह-बहन भाइयों में सबसे छोटे थे।
वर्जन
परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
- दीपक कुमार, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी