{"_id":"62c5f5096e40957e8b331854","slug":"jbm-fined-for-not-resolving-in-three-hours-panipat-news-knl113819614","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन घंटे में समाधान नहीं करने पर जेबीएम पर लगाया जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन घंटे में समाधान नहीं करने पर जेबीएम पर लगाया जुर्माना
विज्ञापन
पानीपत। स्वच्छ हरियाणा मोबाइल एप्लीकेशन पर मिली सफाई संबंधित शिकायतों का निवारण न होने पर निगम ने जेबीएम को 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आगे भी एजेंसी के काम में सुधार न हुआ तो जुर्माना लगाया जाता रहेगा। इस मोबाइल एप्लीकेशन पर निगम को जून में करीब 250 शिकायतें मिली थीं। इनमें ज्यादातर शिकायतें सफाई संबंधित थी। इनमें से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की भी काफी शिकायतें थी। इनमें से करीब 35 शिकायतों का समाधान नहीं किया गया।
शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत को फॉलो करते हुए इसका निगम को जवाब भेजा, जिसके बाद निगम ने एजेंसी पर जुर्माना लगाया। स्वच्छ हरियाणा मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये शहरवासी न केवल सफाई संबंधित शिकायतें कर सकते हैं बल्कि डोर टू डोर कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाइट, रोड, नालियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की शिकायत भी की जा सकती है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के सिटीजन फीडबैक को देखते हुए इसे अक्तूबर 2021 में लॉन्च किया गया था। इस एप के जरिए भेजी गई शिकायतें सीधे निगम के शिकायत संबंधित अधिकारी के पास जाती हैं, जिनका तुंरत प्रभाव से तीन घंटे में समाधान करवाना होता है। इसी एप के जरिये शहरवासी अपनी शिकायत को फॉलो कर सकते हैं कि उनकी शिकायत कब और किस अधिकारी के पास गई है। उसका समाधान हुआ भी है या नहीं।
कमेटी रखेगी शिकायतों पर नजर, करेगी निगरानी
जिला स्तर पर हर शिकायत का अलग-अलग इंचार्ज बनाया गया है। इस पर की जाने वाली स्ट्रीट लाइटों, सफाई, कूड़े और शौचालयों की शिकायत अलग-अलग अधिकारियों के पास जाएंगी। इनके ऊपर निकाय स्तर पर भी कमेटी बनाई गई है, जो एप पर आनी वाली शिकायतों और इसके समाधान पर नजर रखेगी। इस एप के जरिये जनता से शिकायत और उसके समाधान का फीडबैक भी लिया जाएगा कि वे निगम के प्रयास से कितने संतुष्ट हैं या नहीं हैं।
विज्ञापन
स्वच्छ हरियाणा एप पर मिलने वाली शिकायतों का निवारण न होने पर जेबीएम कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस एप पर मिलने वाली शिकायतों का तीन घंटे में समाधान करना था, जो जेबीएम की ओर से नहीं किया गया। आगे भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी।
- गुरमीत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
विज्ञापन
शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत को फॉलो करते हुए इसका निगम को जवाब भेजा, जिसके बाद निगम ने एजेंसी पर जुर्माना लगाया। स्वच्छ हरियाणा मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये शहरवासी न केवल सफाई संबंधित शिकायतें कर सकते हैं बल्कि डोर टू डोर कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाइट, रोड, नालियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की शिकायत भी की जा सकती है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के सिटीजन फीडबैक को देखते हुए इसे अक्तूबर 2021 में लॉन्च किया गया था। इस एप के जरिए भेजी गई शिकायतें सीधे निगम के शिकायत संबंधित अधिकारी के पास जाती हैं, जिनका तुंरत प्रभाव से तीन घंटे में समाधान करवाना होता है। इसी एप के जरिये शहरवासी अपनी शिकायत को फॉलो कर सकते हैं कि उनकी शिकायत कब और किस अधिकारी के पास गई है। उसका समाधान हुआ भी है या नहीं।
विज्ञापन
कमेटी रखेगी शिकायतों पर नजर, करेगी निगरानी
जिला स्तर पर हर शिकायत का अलग-अलग इंचार्ज बनाया गया है। इस पर की जाने वाली स्ट्रीट लाइटों, सफाई, कूड़े और शौचालयों की शिकायत अलग-अलग अधिकारियों के पास जाएंगी। इनके ऊपर निकाय स्तर पर भी कमेटी बनाई गई है, जो एप पर आनी वाली शिकायतों और इसके समाधान पर नजर रखेगी। इस एप के जरिये जनता से शिकायत और उसके समाधान का फीडबैक भी लिया जाएगा कि वे निगम के प्रयास से कितने संतुष्ट हैं या नहीं हैं।
विज्ञापन
स्वच्छ हरियाणा एप पर मिलने वाली शिकायतों का निवारण न होने पर जेबीएम कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस एप पर मिलने वाली शिकायतों का तीन घंटे में समाधान करना था, जो जेबीएम की ओर से नहीं किया गया। आगे भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी।
- गुरमीत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर निगम।