पानीपत। जन सेवा दल द्वारा रविवार को ऋषिकेश में त्रिवेणी तट पर अज्ञात 300 लोगों अस्थि कलशों को प्रवाहित किया। पहले तट पर हवन किया। पानीपत की संस्थाओं व लोगों ने जन सेवा दल के इस प्रयास की सराहना की है
महासचिव चमन गुलाटी ने बताया कि ऋषिकेश में रात्रि विश्राम के बाद रविवार को नृसिंह जयंती पर त्रिवेणी तट पर हवन कर प्रत्येक अस्थि कलश को खोलकर गंगा में प्रवाहित किया गया। युधिष्ठिर शर्मा ने बताया कि इन अज्ञात अस्थि कलशों को अंतिम विदाई के समय पानीपत व हरिद्वार में भावुक हृदय से अनेक समाजसेवकों ने गायत्री व महामृत्युंजय के मंत्रों से पुष्पांजलि देकर उनके मोक्ष की कामना की। प्रधान कृष्ण मनचंदा ने बताया कि इस उपलक्ष्य में पांच दिन पहले पानीपत के श्री देवी मंदिर में भजन संध्या आयोजित की गई थी। ऋषिकेश में अस्थि कलश विदाई समारोह में स्वामी अरुणदास, स्वामी लोकेश दास, पंडित निरंजन पराशर, स्वामी ब्रह्म ऋषि आदि अनेक संतों ने श्रद्धा पुष्प अर्पित कर दिवंगतों के मोक्ष की प्रार्थना की। कई तीर्थयात्री पहली बार गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे । आशियाना के सभी सेवा लाभार्थी भी यात्रियों में सम्मिलित रहे। सभी के आने जाने की सुविधाएं वाहन, जलपान व भंडारा की व्यवस्था जन सेवा दल द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रधान कृष्ण मनचंदा, महासचिव चमन गुलाटी, सुभाष बटला, राम बुद्धिराजा, श्यामलाल खुंगर, यश बंगा, अशोक मिगलानी, नारायण कपूर, अशोक, कमल गुलाटी, सुभाष ढींगरा, राजू कथूरिया, प्रेम खुराना, नारायण कपूर, सूरज भान फौजी आदि उपस्थित रहे।