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Panipat News: किसान यूनियन के प्रधान चुने गए जगपाल रावल व सूरजभान अमान्य करार
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पानीपत। किसान भवन की चौधर को लेकर किसान नेताओं की जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। सीटीएम ने जगपाल व सूरजभान को प्रधान पद के लिए अमान्य करार दिया है। अब किसान यूनियन का दोबारा चुनाव होना है। चुनाव के लिए दोनों पक्षों से पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाई गई है। आज कमेटी किसान भवन में स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद बैठक करेगी। बैठक में चुनाव की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बार चुनाव के लिए वोटिंग हो सकती है। पहली बार सनौली व बापौली खंड के किसान एक साथ वोटिंग कर सकते हैं। जब तक चुनाव नहीं होता तब तक किसान भवन की देखभाल 11 सदस्यीय कमेटी करेगी।
किसान यूनियन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया ने अप्रैल में खुद को पांच साल के लिए किसान यूनियन का जिला प्रधान घोषित कर दिया था। इसका किसान यूनियन (चढूनी गुट) ने जमकर विरोध किया था। इसके बाद किसान भवन में हुई बैठक में साेनू मालपुरिया का कार्यकाल बढ़ाने से इंकार कर दिया था। यहां बैठक में टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित किया था। सोनू मालपुरिया ने दो अगस्त को अपना कार्यभार सौंपने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोनू मालपुरिया ने 28 जुलाई को बैठक कर अपने गुट के जगपाल रावल को प्रधान घोषित कर दिया। इसके खिलाफ तीन अगस्त को किसान भवन में दूसरे गुट ने बैठक बुलाई और टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित कर दिया गया। मालपुरिया गुट ने उन्हें प्रधान मानने से इनकार कर दिया। मंगलवार को टिंकू देशवाल ने निजी कारणों से प्रधानी छोड़ दी और अपना कार्यभार सूरजभान को सौंप कर उन्हें प्रधान घोषित कर दिया गया। अब सोनू मालपुरिया गुट उन्हें प्रधान मानने से इंकार करते हुए जगपाल को ही प्रधान बता रहा है।
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किसान यूनियन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया ने अप्रैल में खुद को पांच साल के लिए किसान यूनियन का जिला प्रधान घोषित कर दिया था। इसका किसान यूनियन (चढूनी गुट) ने जमकर विरोध किया था। इसके बाद किसान भवन में हुई बैठक में साेनू मालपुरिया का कार्यकाल बढ़ाने से इंकार कर दिया था। यहां बैठक में टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित किया था। सोनू मालपुरिया ने दो अगस्त को अपना कार्यभार सौंपने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोनू मालपुरिया ने 28 जुलाई को बैठक कर अपने गुट के जगपाल रावल को प्रधान घोषित कर दिया। इसके खिलाफ तीन अगस्त को किसान भवन में दूसरे गुट ने बैठक बुलाई और टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित कर दिया गया। मालपुरिया गुट ने उन्हें प्रधान मानने से इनकार कर दिया। मंगलवार को टिंकू देशवाल ने निजी कारणों से प्रधानी छोड़ दी और अपना कार्यभार सूरजभान को सौंप कर उन्हें प्रधान घोषित कर दिया गया। अब सोनू मालपुरिया गुट उन्हें प्रधान मानने से इंकार करते हुए जगपाल को ही प्रधान बता रहा है।
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