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पानीपत से मेरा पुराना नाता रहा, घर जैसा लगता है : जस्टिस राज मोहन
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पानीपत। मंच पर वकीलों को संबोधित करते जस्टिस राज मोहन
- फोटो : Panipat
पानीपत। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस राज मोहन सिंह ने कहा कि पानीपत से पुराना नाता रहा है, यहां आकर घर जैसा महसूस होता है। वह शुक्रवार को पानीपत बार एसोसिएशन के सभागार में वकीलों से मुखातिब हुई। इस मौके पर बार एसोसिएशन के प्रधान ने सात मांगे उनके समक्ष रखीं। इस पर जस्टिस ने गवर्निंग बॉडी से बात कर हल निकालने का आश्वासन दिया।
जस्टिस राज मोहन सिंह ने कहा कि पानीपत ऐतिहासिक स्थल है। यहां के वकीलों के लिए अगर कुछ कर पाऊं तो मान की बात होगी। उन्होंने वकीलों को सलाह दी की कोई भी वकील 20-20 क्रिकेट मैच की तरह वकालत न करें। टेस्ट मैच की तरह लंबी पारी खेले। जूनियर वकीलों को मौका दे। जूनियर वकीलों से कहा कि सीनियर वकीलों का सम्मान करे।
गौरतलब है कि जस्टिस राम मोहन पानीपत बार एसोसिएशन के चार बार सदस्य रह चुके हैं। वर्ष 2004-05 के कार्यकाल में बार के सचिव भी रहे हैं। वर्ष 2014 में वह जस्टिस बनकर हाईकोर्ट गए थे। जस्टिस राज मोहन सिंह का बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। गवर्निंग बॉडी में प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन, उप-प्रधान एडवोकेट सुनील कुमार वधवा, सहसचिव संयम बत्रा, कैशियर जितेंद्र रावल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। मंच का संचालन सचिव वैभव देशवाल ने किया।
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रखी गईं मुख्य मांगें-
1. कार्यक्रमों एवं बैठकों के लिए हॉल बार एसोसिएशन को पूर्ण रूप से समर्पित हो
2. धारा 138 के मुकदमों के मामलों की जल्द निपटाने के लिए एक और कोर्ट खोली जाए
3. कोर्ट की ओर से घोषित पीओ को पकड़ने के लिए पुलिस को अलग से स्टाफ दिया जाए
4. चेंबर बिल्डिंग के साथ लगती जमीन के निर्माण पर लगा स्टे हटाया जाए
5. नए चेंबरों के लिए जगह अलॉट करवाई जाए
6. धोखाधड़ी के मामलों में 156बी की अपील पर आदेश जारी करने का निर्देश दिया जाए
7. बार चेंबरों के वॉशरूम पर लगे स्टे को भी हटाया जाए
जस्टिस ने किया जिला जेल प्रबंधन की तारीफ की
जस्टिस राज मोहन ने जिला जेल का भी दौरा किया। जहां पर उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनी और जेल अधीक्षक को जल्द उनका समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जेल की बैरक, कैदियों की तरफ से बनाई पेंटिंग, जेल का रेडियो अन्य जगहों का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल के विजिटर्स रजिस्टर में लिखा कि उन्होंने आज जेल का निरीक्षण किया। जेल परिसर बहुत ही सुंदर और साफ है। खाना भी अच्छा पाया गया है। बैरक का रख-रखाव अच्छा पाया गया। जेल में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए उत्कृष्ट प्रयासों को दिखाया गया है। जेल के बंदियों का पेंटिंग कार्य काबिलेतारीफ है।
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जस्टिस राज मोहन सिंह ने कहा कि पानीपत ऐतिहासिक स्थल है। यहां के वकीलों के लिए अगर कुछ कर पाऊं तो मान की बात होगी। उन्होंने वकीलों को सलाह दी की कोई भी वकील 20-20 क्रिकेट मैच की तरह वकालत न करें। टेस्ट मैच की तरह लंबी पारी खेले। जूनियर वकीलों को मौका दे। जूनियर वकीलों से कहा कि सीनियर वकीलों का सम्मान करे।
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गौरतलब है कि जस्टिस राम मोहन पानीपत बार एसोसिएशन के चार बार सदस्य रह चुके हैं। वर्ष 2004-05 के कार्यकाल में बार के सचिव भी रहे हैं। वर्ष 2014 में वह जस्टिस बनकर हाईकोर्ट गए थे। जस्टिस राज मोहन सिंह का बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। गवर्निंग बॉडी में प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन, उप-प्रधान एडवोकेट सुनील कुमार वधवा, सहसचिव संयम बत्रा, कैशियर जितेंद्र रावल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। मंच का संचालन सचिव वैभव देशवाल ने किया।
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रखी गईं मुख्य मांगें-
1. कार्यक्रमों एवं बैठकों के लिए हॉल बार एसोसिएशन को पूर्ण रूप से समर्पित हो
2. धारा 138 के मुकदमों के मामलों की जल्द निपटाने के लिए एक और कोर्ट खोली जाए
3. कोर्ट की ओर से घोषित पीओ को पकड़ने के लिए पुलिस को अलग से स्टाफ दिया जाए
4. चेंबर बिल्डिंग के साथ लगती जमीन के निर्माण पर लगा स्टे हटाया जाए
5. नए चेंबरों के लिए जगह अलॉट करवाई जाए
6. धोखाधड़ी के मामलों में 156बी की अपील पर आदेश जारी करने का निर्देश दिया जाए
7. बार चेंबरों के वॉशरूम पर लगे स्टे को भी हटाया जाए
जस्टिस ने किया जिला जेल प्रबंधन की तारीफ की
जस्टिस राज मोहन ने जिला जेल का भी दौरा किया। जहां पर उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनी और जेल अधीक्षक को जल्द उनका समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जेल की बैरक, कैदियों की तरफ से बनाई पेंटिंग, जेल का रेडियो अन्य जगहों का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल के विजिटर्स रजिस्टर में लिखा कि उन्होंने आज जेल का निरीक्षण किया। जेल परिसर बहुत ही सुंदर और साफ है। खाना भी अच्छा पाया गया है। बैरक का रख-रखाव अच्छा पाया गया। जेल में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए उत्कृष्ट प्रयासों को दिखाया गया है। जेल के बंदियों का पेंटिंग कार्य काबिलेतारीफ है।