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हाई वोल्टेज तार टूटा, उपकरण फुंके
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 12 Jan 2014 12:12 AM IST
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पानीपत। बिजली निगम की लापरवाही आमजन पर भारी पड़ रही है। शहर की दत्ता कॉलोनी में बीती रात 11 हजार वोल्ट का तार टूट गया।
इससे बिजली के कई उपकरण फुंक गए। निगम के अधिकारियों की माने तो उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां कितनी गंभीरता से निभा रहे हैं। शहर की दत्ता कॉलोनी में शिव मंदिर के पास शुक्रवार रात को 11 हजार वोल्ट का तार टूट गया।
क्षेत्रवासियों की माने तो अगर तार दिन मेें टूटता तो किसी की जान भी जा सकती थी। यह हादसा उस जगह पेश आया जहां भीड़भाड़ रहती है। तार टूटने का कारण इंसुलेटर में पानी चला जाना माना जा रहा है। रात को करीब 9:30 बजे नमी के कारण पानी की बूंद इंसुलेटर में चली गई थी।
इसके बाद इंसुलेटर में फाल्ट हो गया और तार टूट गया। किसी भी इंसुलेटर के अंदर अगर हल्की सी भी दरार हो जाती है तो उसमें पानी चला जाता है। पानी जाते ही वहां पर अर्थिंग के कारण फाल्ट होता है।लाइन में किसी भी तरह का फाल्ट होने के बाद एक दम से फीडर ट्रिप कर जाता है।
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इसके बाद लाइन की पावर चली जाती है। लेकिन दत्ता कॉलोनी में तार टूटने के बाद भी जीतगढ़ स्थित फीडर ट्रिप नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों की माने तो उन्होंने तार टूटने के बाद ही बिजली कर्मियों को इसकी सूचना दी। सूचना देने के बाद भी बिजली कर्मी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे।
फाल्ट के बाद टूटकर तार रातभर जमीन पर ही लटकती रही। तार टूटने के बाद भी लाइन में करेंट दौड़ता रहा। इससे क्षेत्रवासियों के घरों में रखे बिजली के उपकरण फुंक गए। कई घरों में मीटर भी फुंके। क्षेत्रवासी रामधारी, सतीश कुमार, अनुज शर्मा और रवि चौहान ने बताया कि उनके घरों में ट्यूब से लेकर टीवी और कई घरों में फ्रिज भी फुंक गए। दत्ता कालोनी में एक माह में तार टूटने या बिजली की आपूर्ति फेस टू फेस होने की यह तीसरी घटना है।
इससे पहले तार टूटने की घटना को निगम अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। कॉलोनीवासियाें ने बताया कि अगर इससे पहले तार टूटने की घटना को निगम अधिकारी गंभीरता से लेते तो शायद तीसरी घटना नहीं होती। बार-बार घटनाएं हो रही हैं, लेकिन निगम अधिकारी कुुंभकरणी नींद मेेें सोए हैं।
दत्ता कॉलोनी में तार टूटने के बाद गांव शोदापुर, नौहरा, जीतगढ़, दत्ता कॉलोनी, ज्योति नगर और सिठाना के क्षेत्र में अंधेरा छा गया। लाइट चली जाने के बाद संबंधित क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी हुई।
वर्जन
तार टूटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तरह का फाल्ट होता है तो फीडर ट्रिप कर जाता है, अगर फीडर ट्रिप नहीं हुआ तो इसके कारणों का पता लगाया जाएगा।
महेंद्र सिंह धीमान, एसडीओ, सब अर्बन, बिजली निगम, पानीपत
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इससे बिजली के कई उपकरण फुंक गए। निगम के अधिकारियों की माने तो उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां कितनी गंभीरता से निभा रहे हैं। शहर की दत्ता कॉलोनी में शिव मंदिर के पास शुक्रवार रात को 11 हजार वोल्ट का तार टूट गया।
क्षेत्रवासियों की माने तो अगर तार दिन मेें टूटता तो किसी की जान भी जा सकती थी। यह हादसा उस जगह पेश आया जहां भीड़भाड़ रहती है। तार टूटने का कारण इंसुलेटर में पानी चला जाना माना जा रहा है। रात को करीब 9:30 बजे नमी के कारण पानी की बूंद इंसुलेटर में चली गई थी।
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इसके बाद इंसुलेटर में फाल्ट हो गया और तार टूट गया। किसी भी इंसुलेटर के अंदर अगर हल्की सी भी दरार हो जाती है तो उसमें पानी चला जाता है। पानी जाते ही वहां पर अर्थिंग के कारण फाल्ट होता है।लाइन में किसी भी तरह का फाल्ट होने के बाद एक दम से फीडर ट्रिप कर जाता है।
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इसके बाद लाइन की पावर चली जाती है। लेकिन दत्ता कॉलोनी में तार टूटने के बाद भी जीतगढ़ स्थित फीडर ट्रिप नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों की माने तो उन्होंने तार टूटने के बाद ही बिजली कर्मियों को इसकी सूचना दी। सूचना देने के बाद भी बिजली कर्मी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे।
फाल्ट के बाद टूटकर तार रातभर जमीन पर ही लटकती रही। तार टूटने के बाद भी लाइन में करेंट दौड़ता रहा। इससे क्षेत्रवासियों के घरों में रखे बिजली के उपकरण फुंक गए। कई घरों में मीटर भी फुंके। क्षेत्रवासी रामधारी, सतीश कुमार, अनुज शर्मा और रवि चौहान ने बताया कि उनके घरों में ट्यूब से लेकर टीवी और कई घरों में फ्रिज भी फुंक गए। दत्ता कालोनी में एक माह में तार टूटने या बिजली की आपूर्ति फेस टू फेस होने की यह तीसरी घटना है।
इससे पहले तार टूटने की घटना को निगम अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। कॉलोनीवासियाें ने बताया कि अगर इससे पहले तार टूटने की घटना को निगम अधिकारी गंभीरता से लेते तो शायद तीसरी घटना नहीं होती। बार-बार घटनाएं हो रही हैं, लेकिन निगम अधिकारी कुुंभकरणी नींद मेेें सोए हैं।
दत्ता कॉलोनी में तार टूटने के बाद गांव शोदापुर, नौहरा, जीतगढ़, दत्ता कॉलोनी, ज्योति नगर और सिठाना के क्षेत्र में अंधेरा छा गया। लाइट चली जाने के बाद संबंधित क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी हुई।
वर्जन
तार टूटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तरह का फाल्ट होता है तो फीडर ट्रिप कर जाता है, अगर फीडर ट्रिप नहीं हुआ तो इसके कारणों का पता लगाया जाएगा।
महेंद्र सिंह धीमान, एसडीओ, सब अर्बन, बिजली निगम, पानीपत