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Panipat News: शराब तस्करी के लिए हर 100 किमी पर मौजूद रहते थे गुर्गे
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पानीपत। पंजाब से बिहार शराब की तस्करी के मास्टरमाइंड ने पूरा जाल बिछा रखा था। सरगना ने हर शहर में अपने गुर्गे लगा रखे थे। ये 100 किलोमीटर की दूरी पर खड़े होते थे और पुलिस की पल-पल की रिपोर्ट देते थे।
वहीं हर 120 किलोमीटर पर चालक को बदल दिया जाता था। चालक को 40 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था।
सीआईए-वन की टीम ने सेक्टर-13-17 थाना के अंतर्गत अवैध शराब से भरा कैंटर पकड़ा था। इसमें 502 पेटी शराब की थी। पुलिस ने मोनू व संदीप को गिरफ्तार किया था। कैंटर पर आगे पुलिस लिखवाया था और दोनों सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर चलते थे।
पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज की। पुलिस की प्रथम दृष्टया में सामने आया कि पंजाब से शराब लेकर बिहार तक जाने में पूरी सजगता बरती जाती थी।
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गिरोह का सरगना गाड़ी पर पूरी नजर रखता था। वह अपनी भी पहचान नहीं बताता था। सरगना ने पंजाब से बिहार तक हर 100 किलाेमीटर पर गुर्गे लगा रखे थे। वे पुलिस और अन्य गतिविधियों की पूरी जानकारी उनको देते थे। चालकों को 40 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था और हर 120 किलाेमीटर पर चालक को बदल दिया जाता था।
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वहीं हर 120 किलोमीटर पर चालक को बदल दिया जाता था। चालक को 40 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था।
सीआईए-वन की टीम ने सेक्टर-13-17 थाना के अंतर्गत अवैध शराब से भरा कैंटर पकड़ा था। इसमें 502 पेटी शराब की थी। पुलिस ने मोनू व संदीप को गिरफ्तार किया था। कैंटर पर आगे पुलिस लिखवाया था और दोनों सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर चलते थे।
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पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज की। पुलिस की प्रथम दृष्टया में सामने आया कि पंजाब से शराब लेकर बिहार तक जाने में पूरी सजगता बरती जाती थी।
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गिरोह का सरगना गाड़ी पर पूरी नजर रखता था। वह अपनी भी पहचान नहीं बताता था। सरगना ने पंजाब से बिहार तक हर 100 किलाेमीटर पर गुर्गे लगा रखे थे। वे पुलिस और अन्य गतिविधियों की पूरी जानकारी उनको देते थे। चालकों को 40 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था और हर 120 किलाेमीटर पर चालक को बदल दिया जाता था।