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Panipat News: नूंह में 30 बूचड़खानों की मंजूरी के विरोध में गोशाला महासंघ
Thu, 09 Oct 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:19 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। गोशाला महासंघ हरियाणा ने नूंह में 30 बूचड़खानों की मंजूरी का विरोध किया है। इसके बैनर तले जिले की गोशालाओं के प्रधान व प्रतिनिधियों ने बुधवार को जिला सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बूचड़खानों की मंजूरी रद्द करने की मांग की।
गाेशाला महासंघ के जिला प्रधान एवं सिवाह गोशाला के प्रधान रविंद्र कादियान, प्रदेश संयोजक कुलबीर खर्ब, प्रदेश कोषाध्यक्ष हरिओम तायल, प्रदेश उपाध्यक्ष राजरूप पान्नू व बडौली गोशाला के कार्यकारी प्रधान रविंद्र मिटान बड़ोली ने कहा कि नूंह में पहले ही दो बूचड़खाने चल रहे हैं। अब सरकार ने नूंह में ही 28 और बूचड़खानों की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि गोसेवकों को अंदेशा है कि बूचड़खानों की आड़ में गो हत्या की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी अनदेखी की तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर राजकुमार जलालपुर, कुलदीप रोहिल्ला, राजबीर सिंह कादियान सिवाह, राजेश जलालपुर, सोमदत्त शर्मा, संजय शर्मा व आजाद सिंह मौजूद रहे।
छह महीने का चारा अनुदान राशि की मांग
जिला प्रधान रविंद्र कादियान ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2025-26 में गोवंश के लिए 595 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। बछड़ों के लिए 10 रुपये, गायों के लिए 20 और सांड के लिए 25 रुपये रोजाना दिया जाता है। गोशालाओं को अब तक मार्च 2025 तक की चारा अनुदान राशि मिली है। अप्रैल से सितंबर महीने तक की चारा राशि बकाया है।
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पानीपत। गोशाला महासंघ हरियाणा ने नूंह में 30 बूचड़खानों की मंजूरी का विरोध किया है। इसके बैनर तले जिले की गोशालाओं के प्रधान व प्रतिनिधियों ने बुधवार को जिला सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बूचड़खानों की मंजूरी रद्द करने की मांग की।
गाेशाला महासंघ के जिला प्रधान एवं सिवाह गोशाला के प्रधान रविंद्र कादियान, प्रदेश संयोजक कुलबीर खर्ब, प्रदेश कोषाध्यक्ष हरिओम तायल, प्रदेश उपाध्यक्ष राजरूप पान्नू व बडौली गोशाला के कार्यकारी प्रधान रविंद्र मिटान बड़ोली ने कहा कि नूंह में पहले ही दो बूचड़खाने चल रहे हैं। अब सरकार ने नूंह में ही 28 और बूचड़खानों की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि गोसेवकों को अंदेशा है कि बूचड़खानों की आड़ में गो हत्या की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी अनदेखी की तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर राजकुमार जलालपुर, कुलदीप रोहिल्ला, राजबीर सिंह कादियान सिवाह, राजेश जलालपुर, सोमदत्त शर्मा, संजय शर्मा व आजाद सिंह मौजूद रहे।
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छह महीने का चारा अनुदान राशि की मांग
जिला प्रधान रविंद्र कादियान ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2025-26 में गोवंश के लिए 595 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। बछड़ों के लिए 10 रुपये, गायों के लिए 20 और सांड के लिए 25 रुपये रोजाना दिया जाता है। गोशालाओं को अब तक मार्च 2025 तक की चारा अनुदान राशि मिली है। अप्रैल से सितंबर महीने तक की चारा राशि बकाया है।
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