पानीपत। पाथरी गांव के युवक को बिसलेरी सोडा में कचरा मिला तो उसने कंपनी को बदलने के आदेश दिए। कंपनी ने बदलने से इनकार किया तो उसने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने कंपनी को सोडे खरीदने में लगे खर्च को वापस देने के आदेश दिए है। वहीं पीड़ित को मानसिक पीड़ा देने पर आयोग ने सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा मुकदमा खर्च के लिए भी 5500 रुपये देने के आदेश दिए हैं।
पाथरी गांव निवासी मोनू मलिक ने बताया कि उसने 26 अगस्त 2018 को पांच पेटी बिसलेरी कंपनी की फिजी सोडा खरीदी थी। हर पेटी में 600 एमएल की 24 बोतलें थी। उसने यह सोडा निजी प्रयोग के लिए 1269 खरीदा था। उसने पैकिंग खोलकर चेक की तो सोडे के अंदर कचरा मिला। वह वापस दुकानदार के पास गया और बदलने या उसके रुपये वापस करने की अपील की, लेकिन उसने इनकार कर दिया और कहा कि डॉयरेक्ट कंपनी इसको बदलेगी और रुपये वापस करेगी। उसने कंपनी को मेल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उपभोक्ता आयोग में याचिका लगाई। इस पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन ने कंपनी को 1269 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वापस करने के आदेश दिए। वहीं पीड़ित को मानसिक पीड़ा देने पर मुआवजे के रूप से सात हजार रुपये देने का आदेश दिया। इसके अलावा पीड़ित के मुकदमेबाजी में खर्च हुए 5500 रुपये भी कंपनी को देने होंगे।