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हर जरूरतमंद की मदद के लिए बढ़ा रहे मदद के हाथ, इसलिए नाम रखा सहयोग परिवार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2022 01:54 AM IST
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From the needy to the administration, they also help, the name is Sahyog family
पानीपत। कोरोना काल हो या लॉकडाउन, हर बुरे समय में शहरवासियों के लिए शहर के एक व्यापारी वर्ग ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। लॉकडाउन में भूखे परिवारों को खाना खिलाना हो, ऑक्सीजन सिलिंडर या कंसंट्रेटर बांटना हो, सील एरिया में खाने के पैकेट या दवा देनी हो, दिव्यांगों को व्हीलचेयर या हाथ का रिक्शा देना हो, गर्मी में शहरवासियों को ठंडा पानी पिलाना हो या मच्छर जनित बीमारियों से बचाना हो। हर काम को इस व्यापारी वर्ग ने आगे बढ़कर किया और सफलता हासिल की।
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व्यापारियों की इस संस्था ने लोगों के लिए अपने हेल्पलाइन नंबर तक जारी कर दिए। इसकी बदलौत आज भी ये वर्ग दिन रात जनसेवा में जुड़ा रहता है। बात दो साल पहले के कोरोना काल की है। जब रेडक्रॉस की ओर से दिव्यांग लोगों को व्हील चेयर या हाथ का रिक्शा नहीं मिल पा रहा था। इन व्यापारियों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए और दिव्यांगों को मदद देनी शुरू की। पिछले दो साल में ये वर्ग 80 से ज्यादा दिव्यांगों को व्हील चेयर और हाथ की रिक्शा दे चुका है। वहीं, करीब 10 लोगों को वॉकर और बैसाखी दी है।
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जब लॉकडाउन लगा तो इस परिवार ने भूखे लोगों को खाना खिलाने का काम शुरू कर दिया। रोजाना 1750 पैकेट खाने के बांटे। इसी दौरान स्लम एरिया के बच्चों के लिए रोज 400 लीटर दूध और कोरोना के फ्रंट लाइन वर्करों के लिए रोजाना 100 लीटर लस्सी दी। शुरुआत में होम आइसोलेशन और सील किए गए घरों में किराने की दुकान से राशन और मेडिकल स्टोर से दवाई तक पहुंचाने का काम इन्हीं ने किया।
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इसके बाद शुरू हुई ऑक्सीजन किल्लत के दौर में संस्था के सदस्यों ने जिला प्रशासन और रेडक्रॉस से मिलकर लोगों के घरों तक ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण का काम किया। इन्होंने अपने पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाए और लोगों को दिए। इनमें से चार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आज भी जरूरतमंदों के घर पर रखे हैं।
अब 44 डिग्री की भयंकर गर्मी में ये लोग शहरवासियों को ठंडा पानी पिलाने का काम कर रहे हैं। शहर में जहां भी पानी की किल्लत होती है, लोग इनके हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते हैं तो तुरंत ठंडे पानी से भरा एक टैंकर प्यासे लोगों को पानी पिलाने पहुंच जाता है। इसके लिए इस परिवार ने तीन गाड़ियों को लगाया है। ये केवल कॉलोनियों ही नहीं बल्कि शहर के मुख्य चौक चौराहों और स्कूलों तक को पानी देने का काम कर रहे हैं।

ये वर्ग पिछले पांच साल से मच्छर जनित बीमारियों से भी लोगों को बचाने का भरपूर प्रयास करता है। 2017 में डेंगू, मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए संस्था से जुड़े लोगों ने खुद ही फॉगिंग मशीन उठाई और शहर में फॉगिंग करना शुरू कर दिया।
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