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हैवी लाइसेंस जारी करने में फर्जीवाड़ा, तीन हुए निलंबित, नौ से जवाब तलब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2022 01:39 AM IST
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Fraud in issuing heavy license, three suspended, nine answers summoned
पानीपत। बिना ट्रेनिंग के हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का सर्टिफिकेट दिए जाने के फर्जीवाड़े में रोडवेज के नोडल अफसर समेत 12 कर्मचारियों पर गाज गिरी है। मामले में रोडवेज महाप्रबंधक ने वीरवार को तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है जबकि नौ कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके अलावा ट्रेनिंग स्कूल के पूरे स्टॉफ को बदल दिया है। इसमें से सात कर्मचारियों की ड्यूटी पानीपत डिपो से बदलवा दी गई है।
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बता दें कि रोडवेज के ट्रेनिंग स्कूल में बिना प्रशिक्षण दिए ही प्रशिक्षुओं को हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का सर्टिफिकेट दिया जा रहा था। इसके बदले प्रशिक्षुओं से मोटी राशि वसूली जा रही थी। प्रकरण का खुलासा होने पर जीएम रोडवेज ने इसकी जांच शुरू की, जो अब एक माह बाद पूरी हुई है। इस प्रकरण में प्रथमदृष्टया 12 कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। इसमें मुख्य आरोपी 1209 नंबर बैच के ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज सुनील को माना गया है। जीएम कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि सुनील ही पिछले कुछ समय से ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज के पद पर तैनात होकर सर्टिफिकेट में धांधली कर रहा था। वहीं नोडल ऑफिसर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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उन्होंने बताया कि फर्जीवाड़े में जो प्रशिक्षु गैर हाजिर रहते थे, उनकी भी हाजिरी लगवाई जाती थी। ट्रेनिंग स्कूल इंचार्ज और दोनों प्रशिक्षक 18 प्रशिक्षुओं की हाजिरी भरते थे। पूर्व जीएम ने सुनील को ट्रेनिंग स्कूल का इंचार्ज बनाया था, जिसके बाद ट्रेनिंग स्कूल में धांधली बढ़ती जा रही थी। मामले में पूर्व जीएम के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
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जीएम को शक हुआ तो शुरू कराई जांच
जीएम ने बताया कि 1209 नंबर बैच के सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर कराने की फाइल जब उनके पास आई तो उन्हें शक हुआ। इसमें 129 लोगों को हैवी लाइसेंस का सर्टिफिकेट दिया जाना था। उन्होंने फाइल को दोबारा चेक कराने के लिए भेज दिया, जिसमें पता चला कि कुछ प्रशिक्षुओं ने ट्रेनिंग ही नहीं ली थी और उनके सर्टिफिकेट बनवा दिए गए थे। फिर जांच में एक के बाद एक कड़ी जुड़ती गई और मामले का पर्दाफाश हो गया।
ऐसे लगाई थी ड्यूटी-
हैवी लाइसेंस की ट्रेनिंग देने के लिए ड्राइवर सुनील कुमार, प्रशिक्षक प्रदीप और प्रशिक्षक नरेश को नियुक्त किया गया था। पूर्व जीएम ने सुनील कुमार को इन ट्रेनरों का इंचार्ज बनाया था। इंचार्ज सुनील कुमार ने रोडवेज डिपो में एक प्राइवेट व्यक्ति को अवैध रूप से डाटा एंट्री ऑपरेटर लगाया हुआ था।

भ्रष्टाचार और लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त : जीएम
बिना ट्रेनिंग दिए ही हैवी लाइसेंस बनाने के आरोप में 12 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें से तीन को निलंबित कर नौ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डिपो में भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर कोई लापरवाही और भ्रष्टाचार करता मिला तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
--कुलदीप जांगड़ा, जीएम रोडवेज।
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