{"_id":"1c9ea5fa29836dce684475e73830ee2c","slug":"for-enrollment-in-kv-organically-to-lay-alert","type":"story","status":"publish","title_hn":"केवी में दाखिलों के लिए बवाल, धरने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केवी में दाखिलों के लिए बवाल, धरने की चेतावनी
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 27 Mar 2014 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। केंद्रीय विद्यालय एनएफएल की ओर से नए सत्र में दाखिले न करने के फैसले के बाद अभिभावकों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा।
अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और स्कूल बंद करने की सूरत में दो अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाने की चेतावनी दी। वहीं स्कूल प्रबंधन अब किसी तरह का पक्ष रखने में पीछे हट गया है।
वार्ड-14 की पार्षद मंजू कादियान के प्रति रामचंद्र कादियान की अगुवाई में दर्जनों अभिभावक बुधवार को केंद्रीय विद्यालय एनएफएल में पहुंचे।
उन्होंने यहां पर स्कूल प्रिंसिपल से बात की और स्कूल बंद करने के फैसले को बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि वे ऐसी स्थिति में किसी अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं करवा सकते। प्रिंसिपल ने उनकी बातों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इसके बाद वे स्कूल से बाहर आ गए और प्रबंधन के खिलाफ के जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने चेताया कि वे स्कूल को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने देंगे। एक अप्रैल को उनके बच्चों का दाखिला नहीं लिया गया तो वे दो अप्रैल को स्कूल के बाहर ही अनशन पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
वे अपनी मांगों को लागू होने तक अनशन जारी रखेंगे। इस मौके पर धन सिंह, किताब सिंह, बलबीर, रणधीर सिंह, जयपाल, रमेश कुमार, संजय, प्रदीप, जयकिशन और कर्मबीर मौजूद रहे।
ये है मामला
एनएफएल में 1980 से केंद्रीय विद्यालय चल रहा है। इस स्कूल की एनएफएल वित्तीय मदद करता है। गत दिनों एनएफएल प्रबंधन ने स्कूल प्रबंधक को फंड देने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने भी नए सत्र से दाखिले करने से मना कर दिया था और विद्यार्थियों को गत दिनों नोटिस थमा दिए थे। जिसके बाद अभिभावकों ने भी विरोध शुरू कर दिया था।
वर्जन
स्कूल चलाने और बंद करने का फैसला प्रबंधन के हाथ में हैं। वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। एनएफएल वित्तीय मदद देता है तो वे भी स्कूल चलाने का तैयार हैं।
प्रमोद फराटे, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय एनएफएल, पानीपत
विज्ञापन
अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और स्कूल बंद करने की सूरत में दो अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाने की चेतावनी दी। वहीं स्कूल प्रबंधन अब किसी तरह का पक्ष रखने में पीछे हट गया है।
वार्ड-14 की पार्षद मंजू कादियान के प्रति रामचंद्र कादियान की अगुवाई में दर्जनों अभिभावक बुधवार को केंद्रीय विद्यालय एनएफएल में पहुंचे।
उन्होंने यहां पर स्कूल प्रिंसिपल से बात की और स्कूल बंद करने के फैसले को बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि वे ऐसी स्थिति में किसी अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं करवा सकते। प्रिंसिपल ने उनकी बातों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
इसके बाद वे स्कूल से बाहर आ गए और प्रबंधन के खिलाफ के जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने चेताया कि वे स्कूल को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने देंगे। एक अप्रैल को उनके बच्चों का दाखिला नहीं लिया गया तो वे दो अप्रैल को स्कूल के बाहर ही अनशन पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
वे अपनी मांगों को लागू होने तक अनशन जारी रखेंगे। इस मौके पर धन सिंह, किताब सिंह, बलबीर, रणधीर सिंह, जयपाल, रमेश कुमार, संजय, प्रदीप, जयकिशन और कर्मबीर मौजूद रहे।
ये है मामला
एनएफएल में 1980 से केंद्रीय विद्यालय चल रहा है। इस स्कूल की एनएफएल वित्तीय मदद करता है। गत दिनों एनएफएल प्रबंधन ने स्कूल प्रबंधक को फंड देने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने भी नए सत्र से दाखिले करने से मना कर दिया था और विद्यार्थियों को गत दिनों नोटिस थमा दिए थे। जिसके बाद अभिभावकों ने भी विरोध शुरू कर दिया था।
वर्जन
स्कूल चलाने और बंद करने का फैसला प्रबंधन के हाथ में हैं। वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। एनएफएल वित्तीय मदद देता है तो वे भी स्कूल चलाने का तैयार हैं।
प्रमोद फराटे, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय एनएफएल, पानीपत