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Panipat News: बिजली निगम के काम में मिली खामियां
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सनौली। बिजली निगम बकायेदारों से रिकवरी को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में कुछ लोग आराम से बिजली जला रहे हैं। यही नहीं निगम का बिजली वितरण का ठेके पर दिया काम भी पूरी तरह से सही नहीं है। आधे लोगों तक बिल पहुंच पाते हैं और आधे अपने स्तर पर ऑनलाइन बिल जमा करा देते हैं। जबकि बिजली निगम की ओर से 20 से 50 किलोवाट के कनेक्शन की रीडिंग लाने व बिल देने के लिए एक एजेंसी को ठेका दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इन सब खामियों का खुलासा सीएम फ्लाइंग की शुक्रवार को बिजली निगम की छाजपुर सब डिवीजन के निरीक्षण में हुअर। 799 कनेक्शनों पर 93978960 रुपये की पूर्ति की जानी है। यह रिकवरी छह माह से पड़ी है। फ्लाइंग ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि रिकवरी की जाने की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है। उप निरीक्षक राज सिंह, उप निरीक्षक चरण सिह, एएसआई सतनारायण सिंह समेत टीम ने शुक्रवार को छाजपुर सब डिवीजन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
यहां यूडीसी (सीए) अजुर्न हाजिर मिले। एसडीओ यतिंद्र कटारा कोर्ट में तारीख पर गए हुए थे। कार्यालय में 108 नियमित व 34 एचकेआरएन समेत 142 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत होना पाए गए। इनमें 140 हाजिर व दो छुट्टी पर जाना पाए गए। कार्यालय में आठ सीसीटीवी कैमरा लगे मिले। टीम ने 20 से 50 केवी तक के मध्यम सप्लाई कनेक्शन की रीडिंग का ठेका मैसर्ज इंवेंटिव साॅफ्टवेयर सोलूशन प्राइवेट लिमिटेड को देना पाया गया। इनके बिजली मीटर 134 मोडम पर लगे हुए है। मोडम से ही रीडिंग ली जाती है। छाजपुर सब डिवीजन में 39 कनेक्शन पर मोडम नहीं लगे हुए हैं। जिनकी रीडिंग लेने के लिए कार्यालय द्वारा राकेश लाइनमैन और सुंदर एएलएम को नियुक्त किया हुआ है। ये रीडिंग लेने के बाद सीए को लिखवाते हैं। इसके बाद इन रीडिंग को पंचकूला बिल बनवाने के लिए भेजते हैं। पिछले छह महीने की रीडिंग सीट को जांच करने पर लाइनमैन या सहायक लाइनमैन के हस्ताक्षर होने नहीं पाए गए। टीम ने मैसर्ज इंवेंटिव साफ्टवेयर सोलूशन प्राइवेट लिमिटेड के काम समीक्षा की। इसके लिए आठ उपभोक्ता के बिजली मीटर से रीडिंग लेकर बिजली बिल वितरण करने के बारे में जानकारी ली गई। दो उपभोक्ताओं ने बताया कि उनको बिल प्राप्त नहीं होता। बिल ऑनलाइन ही निकलवाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त एक उपभोक्ता ने बताया कि कोई कर्मचारी उसके मीटर की रीडिंग लेने नहीं आया। बाकी पांच ने रीडिंग लेने जाने की जानकारी दी।
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एक जनवरी से 30 जून तक 2391 नए कनेक्शन के आवेदन होना पाया गया। जिनमें से 1477 कनेक्शन फाइल रिलिज कर दी गई और 898 फाइलों को पहले का बिजली बिल बकाया पाने पर रद्द करना पाया। 16 फाइल विचाराधीन मिली। यहां 42 हजार कनेक्शन चालू पए गए। जिनमें से पांच हजार रुपये से ज्यादा की डिफाल्टिंग के 1055 कनेक्शन हैं। जिसमें से 150 कनेक्शन की रिकवरी की जा चुकी है। 106 कनेक्शनों को पीडीसीओ करवाने के आदेश जून महीने में जारी किए गए हैं। 16 उपभोक्ताओं के मीटर खराब पाए गए। सीएम विंडो से संबंधित तीन शिकायत लंबित पाई गई। इसके अलावा बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगानी नहीं पाई गई। आमजन के बैठने की व्यवस्था नहीं मिली। कार्यालय में सफाई भी निम्न स्तर की पाई गई।
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उल्लेखनीय है कि इन सब खामियों का खुलासा सीएम फ्लाइंग की शुक्रवार को बिजली निगम की छाजपुर सब डिवीजन के निरीक्षण में हुअर। 799 कनेक्शनों पर 93978960 रुपये की पूर्ति की जानी है। यह रिकवरी छह माह से पड़ी है। फ्लाइंग ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि रिकवरी की जाने की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है। उप निरीक्षक राज सिंह, उप निरीक्षक चरण सिह, एएसआई सतनारायण सिंह समेत टीम ने शुक्रवार को छाजपुर सब डिवीजन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
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यहां यूडीसी (सीए) अजुर्न हाजिर मिले। एसडीओ यतिंद्र कटारा कोर्ट में तारीख पर गए हुए थे। कार्यालय में 108 नियमित व 34 एचकेआरएन समेत 142 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत होना पाए गए। इनमें 140 हाजिर व दो छुट्टी पर जाना पाए गए। कार्यालय में आठ सीसीटीवी कैमरा लगे मिले। टीम ने 20 से 50 केवी तक के मध्यम सप्लाई कनेक्शन की रीडिंग का ठेका मैसर्ज इंवेंटिव साॅफ्टवेयर सोलूशन प्राइवेट लिमिटेड को देना पाया गया। इनके बिजली मीटर 134 मोडम पर लगे हुए है। मोडम से ही रीडिंग ली जाती है। छाजपुर सब डिवीजन में 39 कनेक्शन पर मोडम नहीं लगे हुए हैं। जिनकी रीडिंग लेने के लिए कार्यालय द्वारा राकेश लाइनमैन और सुंदर एएलएम को नियुक्त किया हुआ है। ये रीडिंग लेने के बाद सीए को लिखवाते हैं। इसके बाद इन रीडिंग को पंचकूला बिल बनवाने के लिए भेजते हैं। पिछले छह महीने की रीडिंग सीट को जांच करने पर लाइनमैन या सहायक लाइनमैन के हस्ताक्षर होने नहीं पाए गए। टीम ने मैसर्ज इंवेंटिव साफ्टवेयर सोलूशन प्राइवेट लिमिटेड के काम समीक्षा की। इसके लिए आठ उपभोक्ता के बिजली मीटर से रीडिंग लेकर बिजली बिल वितरण करने के बारे में जानकारी ली गई। दो उपभोक्ताओं ने बताया कि उनको बिल प्राप्त नहीं होता। बिल ऑनलाइन ही निकलवाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त एक उपभोक्ता ने बताया कि कोई कर्मचारी उसके मीटर की रीडिंग लेने नहीं आया। बाकी पांच ने रीडिंग लेने जाने की जानकारी दी।
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एक जनवरी से 30 जून तक 2391 नए कनेक्शन के आवेदन होना पाया गया। जिनमें से 1477 कनेक्शन फाइल रिलिज कर दी गई और 898 फाइलों को पहले का बिजली बिल बकाया पाने पर रद्द करना पाया। 16 फाइल विचाराधीन मिली। यहां 42 हजार कनेक्शन चालू पए गए। जिनमें से पांच हजार रुपये से ज्यादा की डिफाल्टिंग के 1055 कनेक्शन हैं। जिसमें से 150 कनेक्शन की रिकवरी की जा चुकी है। 106 कनेक्शनों को पीडीसीओ करवाने के आदेश जून महीने में जारी किए गए हैं। 16 उपभोक्ताओं के मीटर खराब पाए गए। सीएम विंडो से संबंधित तीन शिकायत लंबित पाई गई। इसके अलावा बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगानी नहीं पाई गई। आमजन के बैठने की व्यवस्था नहीं मिली। कार्यालय में सफाई भी निम्न स्तर की पाई गई।