फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   First postponed for two years, now tender for sewerage of Gangapuri Road has been awarded for Rs 9.38 lakh more.

Panipat News: पहले दो साल लटकाया, अब 9.38 लाख रुपये ज्यादा में लगा दिया गंगापुरी रोड के सीवर का टेंडर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 02:37 AM IST
विज्ञापन
First postponed for two years, now tender for sewerage of Gangapuri Road has been awarded for Rs 9.38 lakh more.
पानीपत। वार्ड 10 के गंगापुरी रोड की सीवर लाइन के प्रोजेक्ट की गलतियां छुपाने के लिए निगम अधिकारियों ने इस काम को दो साल तक लटकाए रखा। फाइनेंस कमेटी ने जवाब मांगा तो अधिकारियों ने फाइल गुम करने का बहाना बना दिया। कमेटी ने एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही तो अफसर गुम हुए दस्तावेज ढूंढ लाए। बार बार हो रही इन गलतियों को सुधारने के चक्कर में अधिकरियों ने अब पुराने टेंडर और वर्क ऑर्डर को ही खारिज कर 9.38 लाख रुपये ज्यादा का नया एस्टीमेट बनाकर नया टेंडर लगा दिया।
विज्ञापन


पहले अधिकारियों ने 2021 में इस काम के लिए 22.20 लाख का टेंडर लगाया, इसका वर्क ऑर्डर भी जारी किया, लेकिन काम रोक लिए। अब नवंबर 2023 में उसी काम के लिए 31.58 लाख का टेंडर लगा दिया है, जो पहले से 9.38 लाख रुपये ज्यादा है। इस पूरे प्रकरण का अब खुलासा हो रहा है। अधिकरियों ने माना कि दो साल पहले उनके ही एस्टीमेट गलत बने थे। इस गलती को छुपाने में दो साल बिता दिए। अब मामला उजागर होने लगा तो नए सिरे से टेंडर लगाना पड़ा।
विज्ञापन



वार्ड-10 के गंगापुरी रोड पर सीवर लाइन बिछाने का एक नहीं बल्कि दो टेंडर लगाए गए थे। दोनों के ही अधिकरियों ने गलत एस्टीमेट बना दिए। टेंडर से पहले निगम इंजीनियरिंग ब्रांच ने तकनीकी जांच तक नहीं की। बिना निकासी के प्लान के ही टेंडर लगाए गए। निकासी के पानी को डिस्पोज करने का विकल्प तक अधिकारियों के पास नहीं था। एक ओर सनौली रोड और दूसरी ओर यार्न मार्केट रोड के सीवर लाइन के लेवल इस लाइन के लेवल पर ही नहीं थे। अगर ये काम हो भी जाता तो भी गंगापुरी रोड के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों के पुराने एस्टीमेट अधूरे और खामियों से भरे थे। उनमें सीवर लाइन का साइज दस इंच का था, जिसमें गंगापुरी रोड एरिया की निकासी संभव नहीं हो सकती। इसलिए अब 18 इंच की पाइपलाइन लगाने का नया एस्टीमेट बनाकर टेंडर लगाया गया है। इस गलती को छुपाने के लिए एस्टीमेट वाला पेज ही गायब कर दिया गया। तीन नवंबर को फाइनेंस कमेटी ने फाइल गुम करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए, जिसके बाद फाइल मिल गई।


अधिकारियों ने बिना लेवल मैच किए ही गंगापुरी रोड पर सीवर लाइन बिछाने के लिए 22.20 लाख का टेंडर लगाया। इसका वर्क ऑर्डर दिसंबर 2021 में जारी किया। बाद में एक अन्य हिस्से को भी इसमें जोड़ने के लिए अलग से करीब 10 लाख रुपये का टेंडर लगा दिया। जब सीवर की निकासी की लाइन जोड़ने की बात आई तो सनौली रोड की मेन लाइन बंद मिली। यार्न मार्केट की ओर पहले लाइन थी ही नहीं। तकनीकी जांच न करने की लापरवाही से ये काम अब तक नहीं हो पाया।
अधिकारियों की यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस-जिस ने भी इस प्रकरण में लापरवाही बरती है या गलती की है, उनके खिलाफ सदन की बैठक में एफआईआर दर्ज करवाने की फिर से मांग की जाएगी। इससे पहले भी फाइल गुम करने पर अधिकारियों के खिलाफ फाइनेंस कमेटी की बैठक में एफआईआर दर्ज करवाने का प्रस्ताव पास हो चुका है।


- रविंद्र भाटिया, पार्षद एवं सदस्य, फाइनेंस कमेटी।
पहले डीएस पाइप लगाए जाने थे और सीवर लाइन की लंबाई भी कमी थी। अब डीडब्ल्यूसी पाइप लगाए जाएंगे और सीवर लाइन की लंबाई भी बढ़ाई गई है। इसलिए टेंडर भी दोबारा करना पड़ा और इसकी राशि भी ज्यादा हुई है।

- विवेक सांगवान, जेई, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed