{"_id":"61327f5a8ebc3e0b145afb6d","slug":"fighting-the-battle-against-joint-pain-winning-from-corona-panipat-news-knl82064032","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से जीतने वाले जोड़ों के दर्द से लड़ रहे जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से जीतने वाले जोड़ों के दर्द से लड़ रहे जंग
विज्ञापन
पानीपत। फिजियोथैरेपी विंग।
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संदीप सिंह
पानीपत। कोरोना से ठीक हुए मरीज जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। अधिकतर लोगों को कमर, पंजों, घुटनों व कंधों में दर्द है। अस्पताल की फिजियोथैरेपी विंग में हर रोज ऐसे 8-10 रोगी आ रहे हैं। फिजियोथैरेेपी विंग में ऐसे लगभग 200 रोगियों का इलाज चल रहा है, इनमें सिविल अस्पताल के 5 डॉक्टरों समेत 25 कर्मचारी भी शामिल हैं। कोरोना के बाद जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों का अत्याधुनिक मशीनों से इलाज किया जा रहा है। मरीजों को फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल विभिन्न प्रकार की एक्सरसाइज भी बता रही हैं। इन रोगियों में अधिकतर 45-60 साल की आयु के अधिकतर मरीज हैं।
जनवरी 2020 में सिविल अस्पताल में फिजियोथैरेपी विंग बनी थी। अब तक इस विंग में 7500 लोगों की ओपीडी हो चुकी है। इनमें से अधिकतर वे लोग शामिल हैं, जो कार्यालय में एक ही जगह बैठकर लंबे समय तक काम करते हैं। 60 प्रतिशत लोगों को कमर व 25 प्रतिशत लोगों को घुटनों में दर्द है।
कोरोना को हराने वाले 70 प्रतिशत लोग जोड़ों के दर्द से परेशान : डॉ. अमित
डॉ. अमित कुमार ने बताया कि कोरोना से रोगियों की इम्यूनिटी कमजोर हो चुकी है। शरीर में मौजूद प्रोटीन को वायरस ने तोड़ा है। वायरस का मुख्य खाना ही प्रोटीन होता है। प्रोटीन की कमी से शरीर में थकावट होती है। जिस कारण जोड़ों में दर्द होता है। कोरोना को हराने के बाद लोग जोड़ों के दर्द के रोगी हुए हैं। इसलिए लोगों से अपील है कि वे प्रोटीनयुक्त खाना खाएं और अधिक पानी का सेवन करें।
विज्ञापन
पहले के मुकाबले बढ़ गई ओपीडी : डॉ. नेहा
कोरोना के कारण शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कोरोना से ठीक हुए लोग जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। उनके पास ऐसे बहुत रोगी आ रहे हैं। उनका अत्याधुनिक मशीनों से इलाज चल रहा है। फिजियोथैरेपी विंग में ओपीडी 50 के करीब पहुंच गई है।
-डॉ. नेहा बंसल, फिजियोथैरेपिस्ट, सिविल अस्पताल
विज्ञापन
पानीपत। कोरोना से ठीक हुए मरीज जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। अधिकतर लोगों को कमर, पंजों, घुटनों व कंधों में दर्द है। अस्पताल की फिजियोथैरेपी विंग में हर रोज ऐसे 8-10 रोगी आ रहे हैं। फिजियोथैरेेपी विंग में ऐसे लगभग 200 रोगियों का इलाज चल रहा है, इनमें सिविल अस्पताल के 5 डॉक्टरों समेत 25 कर्मचारी भी शामिल हैं। कोरोना के बाद जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों का अत्याधुनिक मशीनों से इलाज किया जा रहा है। मरीजों को फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल विभिन्न प्रकार की एक्सरसाइज भी बता रही हैं। इन रोगियों में अधिकतर 45-60 साल की आयु के अधिकतर मरीज हैं।
जनवरी 2020 में सिविल अस्पताल में फिजियोथैरेपी विंग बनी थी। अब तक इस विंग में 7500 लोगों की ओपीडी हो चुकी है। इनमें से अधिकतर वे लोग शामिल हैं, जो कार्यालय में एक ही जगह बैठकर लंबे समय तक काम करते हैं। 60 प्रतिशत लोगों को कमर व 25 प्रतिशत लोगों को घुटनों में दर्द है।
विज्ञापन
कोरोना को हराने वाले 70 प्रतिशत लोग जोड़ों के दर्द से परेशान : डॉ. अमित
डॉ. अमित कुमार ने बताया कि कोरोना से रोगियों की इम्यूनिटी कमजोर हो चुकी है। शरीर में मौजूद प्रोटीन को वायरस ने तोड़ा है। वायरस का मुख्य खाना ही प्रोटीन होता है। प्रोटीन की कमी से शरीर में थकावट होती है। जिस कारण जोड़ों में दर्द होता है। कोरोना को हराने के बाद लोग जोड़ों के दर्द के रोगी हुए हैं। इसलिए लोगों से अपील है कि वे प्रोटीनयुक्त खाना खाएं और अधिक पानी का सेवन करें।
विज्ञापन
पहले के मुकाबले बढ़ गई ओपीडी : डॉ. नेहा
कोरोना के कारण शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कोरोना से ठीक हुए लोग जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। उनके पास ऐसे बहुत रोगी आ रहे हैं। उनका अत्याधुनिक मशीनों से इलाज चल रहा है। फिजियोथैरेपी विंग में ओपीडी 50 के करीब पहुंच गई है।
-डॉ. नेहा बंसल, फिजियोथैरेपिस्ट, सिविल अस्पताल