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Panipat News: डीएपी के लिए परेशान किसान, प्रशासन नहीं ले रहा कोई सुध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:39 AM IST
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Farmers worried about DAP, administration is not taking any care
समालखा। डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ष की तरह किसान समिति के बाहर घंटों लाइन में खड़ा रहने के बाद वापस लौट जाते हैं। प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि हर वर्ष डीएपी खाद किसानों के लिए मुसीबत बन कर आती है। खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी होती है। डीएपी के लिए किसान सुबह ही लाइनों में लग जाते हैं लेकिन खाद की कमी होने के कारण वे बिना लिए ही मायूस होकर चले जाते हैं। इस बार अब तक प्राइवेट खाद दुकानों पर ये उपलब्ध नहीं हो रहा है। सहकारी समितियों पर इसकी कमी ने समस्या को दोगुना कर दिया है। गेहूं की बिजाई के समय इसका प्रयोग किया जाता है। एक एकड़ में एक कट्टा डीएपी का प्रयोग होता है। जिसकी कीमत करीब 1350 रुपये है। मनाना गांव के किसान चांद को 15 एकड़, प्रदीप को 15 एकड़, मुकेश को 14 एकड़, मोदी को 60 एकड़, जिले सिंंह डिडवाड़ी को 06 एकड़, नरेश जौरासी को 04 एकड़ में गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की जरूरत है। लेकिन उन्हें खाद मिल नहीं सका। हैफेड के मैनेजर आजाद देशवाल ने बताया कि अभी तक डीएपी के 2700 और एनपीके के 300 कट्टे आ चुके हैं। जो वितरित हो चुके हैं। रविवार को 600 बैग आए थे। जो किसानों को दे दिए गए। उपलब्धता के आधार पर डीएपी किसानों को दिया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष 5000 कट्टों की खपत समिति के माध्यम से हुई थी और प्राइवेट दुकानदारों की अलग से खपत थी। हैफेड द्वारा उठान भी नहीं हो पा रहा है।
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