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यूरिया की किल्लत से परेशान किसान
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समालखा। समालखा में यूरिया के लिए लाईन में खड़े किसान।
- फोटो : Panipat
समालखा। यूरिया की किल्लत से परेशान किसानों ने नई अनाज मंडी मेें बुधवार को नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। पिछले कई सप्ताह से यूरिया की किल्लत के झेल रहे किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। बिना यूरिया के फसल की पैदावर ठीक नहीं होगी। किसानों का कहना है कि यूरिया नहीं मिल रहा है और जो मिलता है वो काफी कम है। कई दिन धक्के खाने के बाद कट्टे मिलते हैं। कई किसान तो घंटों खड़ा रहने के बाद भी नहीं मिलने पर वापस लौट जाते हैं।
मंगलवार को नई अनाज मंडी सोसायटी में 900 कटटे यूरिया के आए थे और किसानों को दो-दो कट्टे दिए गए। देखते ही देखते कट्टे बंट गए। वहीं खाद-दवा की दुकानों से खरीदने पर दुकानदार यूरिया के कट्टे के साथ ही दवा और जिंक थोप रहे हैं। किसान जोगिंद्र समालखा, कश्मीर नारायणा, बलबीर समालखा, रमेश नामुंडा, जीता जौरासी, रविंद्र, रिंकू मनाना, रामपाल, अनिल, नरेश आदि ने बताया कि पानी देने के बाद गेहूं को यूरिया की आवश्यकता है।
यूरिया नहीं डालने पर पैदावार अच्छी नहीं होगी लेकिन दुकानों पर यूरिया नहीं मिल रहा है। सोसाइटी पर कट्टे कम आ रहे हैं जबकि कई बड़े किसानों को ज्यादा कट्टे की जरूरत होती है। दुकानों पर यूरिया आने पर दुकानदार दवा जबरदस्ती थोपते हैं। यूरिया के साथ ही दवा व जिंक थोपी जा रही है। इन दुकानदारों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही। हैफेड के अधिकारी आजाद देशवाल ने बताया कि जितने कट्टे आ रहे हैं वो बिना किसी भेदभाव के किसानों की संख्या के अनुसार बंटवा रहे हैं।
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मंगलवार को नई अनाज मंडी सोसायटी में 900 कटटे यूरिया के आए थे और किसानों को दो-दो कट्टे दिए गए। देखते ही देखते कट्टे बंट गए। वहीं खाद-दवा की दुकानों से खरीदने पर दुकानदार यूरिया के कट्टे के साथ ही दवा और जिंक थोप रहे हैं। किसान जोगिंद्र समालखा, कश्मीर नारायणा, बलबीर समालखा, रमेश नामुंडा, जीता जौरासी, रविंद्र, रिंकू मनाना, रामपाल, अनिल, नरेश आदि ने बताया कि पानी देने के बाद गेहूं को यूरिया की आवश्यकता है।
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यूरिया नहीं डालने पर पैदावार अच्छी नहीं होगी लेकिन दुकानों पर यूरिया नहीं मिल रहा है। सोसाइटी पर कट्टे कम आ रहे हैं जबकि कई बड़े किसानों को ज्यादा कट्टे की जरूरत होती है। दुकानों पर यूरिया आने पर दुकानदार दवा जबरदस्ती थोपते हैं। यूरिया के साथ ही दवा व जिंक थोपी जा रही है। इन दुकानदारों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही। हैफेड के अधिकारी आजाद देशवाल ने बताया कि जितने कट्टे आ रहे हैं वो बिना किसी भेदभाव के किसानों की संख्या के अनुसार बंटवा रहे हैं।
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