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Panipat News: हर तीसरा व्यक्ति रीढ़ से परेशान, युवा अधिक प्रभावित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:47 AM IST
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Every third person is troubled by spine, youth are more affected.
पानीपत। जिम में गलत तरीके से व्यायाम करने, कार्यालयों में बैठने की सही मुद्रा के ज्ञान के अभाव व बिना सही तकनीक के अधिक वजन उठाने से लोग शरीर के सबसे महत्वपुर्ण अंग रीढ़ की हड्डी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। फिजियोथेरेपिस्ट के अनुसार 10 में से तीन लोग रीढ़ की हड्डी के दर्द से परेशान हैं। यह तीन लोग न तो काम कर पाते हैं और न ही सो पाते हैं। रीढ़ की हड्डी के दर्द से सबसे अधिक प्रभावित जिम करने वाले युवा हैं, जो अप्रशिक्षित ट्रेनर के साथ ट्रेनिंग करते हैं, अधिक से अधिक भार उठाने की होड़ में रीढ़ की हड्डी के स्वस्थ को खराब कर लेते हैं। जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथेरेपिस्ट विंग में प्रतिदिन ऐसे लगभग 10 युवा आ रहे है। ऐसी औसतन पांच महिलाएं भी आ रही हैं, जो फैक्ट्री में बोझ उठाते हुए रीढ़ के दर्द से परेशान हुई हैं।
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रीढ़ की हड्डी, जिसे वर्टिब्रल कॉलम के रूप में भी जाना जाता है। 33 कशेरुकाओं से बनी एक संरचना है, जिसे रीढ़ की हड्डी को सहारा, लचीलापन और सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह आपके दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे आप खड़े हो सकते हैं, चल सकते हैं, बैठ सकते हैं और असंख्य गतिविधियां कर सकते हैं। शारीरिक सहायता से परे, आपकी रीढ़ की हड्डी में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र भी होता है, जो सभी शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है।
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अपनी रीढ़ की हड्डी की कैसे करें देखभाल

- नियमित व्यायाम करें : ऐसी गतिविधियों में भाग लें जो आपकी रीढ़ की हड्डी को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं, जैसे योग, तैराकी और कोर व्यायाम।
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- उचित मुद्रा बनाए रखना : खड़े होते, बैठते या उठाते समय अपनी मुद्रा पर ध्यान दें। खराब मुद्रा के कारण रीढ़ की हड्डी पर तनाव और असुविधा हो सकती है।



- पोषण: पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी युक्त संतुलित आहार आपकी रीढ़ की हड्डियों सहित हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है।


हाइड्रेटेड रहें: उचित हाइड्रेशन रीढ़ की हड्डी की डिस्क की लोच को बनाए रखने में मदद करता है, जो आघात अवशोषक के रूप में कार्य करती है।



धूम्रपान न करें: धूम्रपान से रीढ़ की हड्डी में रक्त का प्रवाह कम हो सकता है और डिस्क के विघटन का खतरा बढ़ सकता है।



सावधानी से उठाएं : भारी वस्तुएं उठाते समय, अपनी पीठ पर दबाव से बचने के लिए उचित उठाने की तकनीक का उपयोग करें।



नियमित जांच : रीढ़ की हड्डी की नियमित जांच के लिए काइरोप्रैक्टर्स या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों जैसे स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों से परामर्श लें।


वर्जन-
जिला नागरिक अस्पताल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि रीढ़ शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। अगर यह सही नहीं है तो आप न तो ढंग से चल पाते हो न बैठ पाते हो। युवा जिम में इसको खराब कर रहे हैं। महिलाओं को भार उठाने की सही तकनीक पता नहीं होती। इसलिए वह भी इसे चोट पहुंचाते ही हैं। उनके पास प्रतिदिन शरीर में दर्द के 100 सेअधिक मरीज आते हैं। इनमें 10-15 मरीज रीढ़ की हड्डी के दर्द से परेशान लोग आते हैं।
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