फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Erosion has started on the embankment, danger of flood

Panipat News: तटबंध पर कटाव शुरू, बाढ़ का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 02:43 AM IST
विज्ञापन
Erosion has started on the embankment, danger of flood
यमुना में बढ़ते जलस्तर से हो रहा मिट्टी का कटाव। संवाद
- यमुना का जलस्तर बढ़ने से किसानों की फसलें डूबी, पेड़ बहे
विज्ञापन

- हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना में आया उफान
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली (पानीपत)। पहाड़ों पर बारिश से यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा। बुधवार को हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया पानी वीरवार को पानीपत जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। जिससे यमुना का जलस्तर और अधिक बढ़ गया है। नदी किनारे बसे छह से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नवादा-पार, तामशाबाद गांव में तटबंध के पास मिट्टी का कटाव शुरू हो गया है। जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं यमुना नदी किनारे फसलें डूब गई हैं। कुछ खेतों में खड़े पोपलर के पेड़ उखड़ कर नदी में बह गए हैं। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखें हुए हैं।
यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज से बुधवार सुबह से शाम तक प्रत्येक घंटे पानी छोड़ा गया था। यह पानीपत की सीमा में प्रवेश करने में करीब 24 घंटे का समय लेता है। जिस कारण वीरवार को भी यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदू के आस-पास ही बहता रहा। लगातार तेज बहाव के कारण यमुना किनारे बसे गांव राणा माजरा, पत्थरगढ़, नवादा-आर, नवादा-पार, तामशाबाद, रामड़ा, सनौली, रिसपुर, ननहेड़ा, अधमी, जलमाना में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। गांव नवादा आर से गांव नवाद पार की तरफ तटबंध के अंदर भूमि का कटाव होने लगा है।
विज्ञापन

वहीं यमुना तटबंध के अंदर कई किसानों के पोपलर व गन्ने की फसल यमुना के पानी में बह गई है। कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी के कट्टे डलवाए जा रहे हैं। जेसीबी व ट्रैक्टरों द्वारा यमुना के पानी से कटाव रोकने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। जेई मोहित का कहना है कि जिस स्थान पर कटाव हो रहा है वहां मिट्टी के कट्टे डलवाए गए हैं। जिससे तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने ठोकरें लगाने की मांग की

तामशाबाद के ग्रामीण गजे सिंह पूर्व सरपंच, कृष्ण फौर, अशोक कुमार, मुकेश, जसवंत व रणपाल फौर आदि का कहना है कि हमारे गांव के बिल्कुल पास से यमुना का पानी बह रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा यहां पर कई पत्थरों की ठोकरें लगाई गई हैं। पर पानी के तेज बहाव में ठोकरों के ऊपर से आकर कटाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि पत्थरों की लंबी ठोकरें लगानी चाहिये। ग्रामीणों ने बताया कि तामशाबाद के सामने यूपी की तरफ ऊंचा टीला है। जिसके चलते यमुना के पानी का बहाव हमारे गांव की तरफ ज्यादा रहता है। उन्होंने बताया कि 1978 में हमारे गांव के पास ही तटबंध टूट गया था और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था।


वीरवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी में कमी आई है जिस कारण शुक्रवार को यमुना का जलस्तर कम होने की संभावनाएं हैं। फिलहाल कटाव को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
-सुरेश सैनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग

यमुना में बढ़ते जलस्तर से हो रहा मिट्टी का कटाव। संवाद

यमुना में बढ़ते जलस्तर से हो रहा मिट्टी का कटाव। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed