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उद्यमी करते रहे इंतजार, सीएम से नहीं हुई बात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 01:26 AM IST
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Entrepreneurs kept waiting, did not talk to CM
पानीपत। प्रदेश के बजट से मुख्यमंत्री की ओर से वीडियो लिंक भेजकर उद्यमियों से उनकी राय जानने का प्रयास किया, लेकिन पानीपत को निराशा ही हाथ लगी। उद्यमी अपनी बारी का इंतजार करते और मुख्यमंत्री से उनकी बात नहीं हो सकी। पानीपत के उद्यमियों को आस थी कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्याओं के समाधान की मांग कर सकेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। उद्यमी डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी अपनी बात नहीं रख सके।
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प्रदेश सरकार फरवरी के अंतिम सप्ताह में बजट पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल विधानसभा में बजट पेश करेंगे। बजट में उद्योगों के लिए योजनाओं का समावेश करने के लिए बुधवार को प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को वीडियो लिंक से जोड़ा गया। यह बैठक दोपहर 3:45 बजे शुरू हुई और 5:15 पर खत्म हो गई लेकिन टेक्सटाइल नगरी के उद्यमियों को बात रखने मौका ही नहीं मिला। इससे उद्यमियों में निराशा है। उन्होंने तय किया था कि वे कई महत्वपूर्ण मुद्दे बैठक में रखेंगे।
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वीडियो मीटिंग में पानीपत से ये रहे शामिल
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा, एक्सपोर्टस एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल, पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सचदेवा और उद्यमी विनीत गोयल।
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12 हजार करोड़ का टैक्स देने हैं पानीपत के उद्योग
पानीपत के उद्योग 12 हजार करोड़ का टैक्स देते हैं लेकिन डेढ़ घंटा इंतजार करने के बाद भी उन्हे मौका नहीं मिला। गुरुग्राम, फरीदाबाद, यमुनानगर, हिसार और पानीपत के उद्यमियों को जोड़ा गया था। पानीपत के उद्यमियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने का खामियाज भुगतना पड़ रहा है वहीं पाइप नेचुरल गैस की अनिवार्यता भी उनकी मुसीबत है। उद्यमी पलायन कर गुजरात, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड जा रहे हैं।

पानीपत के उद्यमियों की प्राथमिकता
1. पानीपत को एनसीआर से बाहर किया जाए
2. पानीपत को जेडएलडी प्रोजेक्ट की सौगात मिले
3. टेक्सटाइल पार्क के प्रोजेक्ट पर काम शुरू करें
4. चीन की तर्ज पर मिले कॉमन बॉयलर की सौगात
5. उद्योगों को एसटीपी का पानी मिले
6. पंजाब की तर्ज पर सीएलयू लेने के नियम आसान हों
7. फायर एनओसी देने का अधिकार स्थानीय प्रशासन को मिले
8. उद्योगों के लिए पीएनजी की अनिवार्यता रद्द हो।
पीएनजी की अनिवार्यता खत्म होना ही हमारी सबसे बड़ी मांग थी
पानीपत के उद्यमियों के लिए पीएनजी की अनिवार्यता खत्म किया जाना ही सबसे बड़ी मांग है। पीएनजी के सेटअप के लिए 40 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इससे वे गुजरात की इंडस्ट्री का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। उद्यमी यहां से पलायन करने को मजबूर हैं। हालांकि वीडियो मीटिंग में बातें रखने का मौका नहीं मिल सका।
- भीम राणा , प्रधान डायर्स एसोसिएशन
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