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Panipat News: सर्वे ड्यूटी के विरोध में सड़क पर उतरा कर्मचारी यूनियन
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पानीपत। नगर निगम अधिकारियों द्वारा सफाई दरोगाओं को संपत्तिकर सर्वे में लगाए जाने का नगर पालिका कर्मचारी यूनियन ने विरोध किया है। इसे लेकर शुक्रवार को यूनियन पदाधिकारियों की एक बैठक भी हुई। जिसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारियों ने फैसला लिया कि अगर सफाई दरोगाओं से सर्वे का काम वापस नहीं लिया गया तो वे काम छोड़ हड़ताल करने को मजबूर होंगे। जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी निगम उच्च अधिकारियों की होगी।
पदाधिकारियों का कहना है कि पहले ही सफाई कर्मियों और सफाई दरोगाओं के पास सफाई संबंधित काम ज्यादा होता है। दूसरा वे इस काम को लेकर सक्षम तक नहीं है। वे अपनी योग्यता के अनुसार काम भी कर रहे हैं जबकि संपत्तिकर में स्वयं सत्यापन का सर्वे उन पर जबरन थोपा जा रहा है। गौरतलब है कि दो दिन पहले निगम अधिकारियों ने सफाई दरोगाओं को बैठक के लिए बुलाया और उनको संपत्तिकर के स्वयं सत्यापन का काम करने के लिए कहा। जिस पर सफाई दरोगाओं ने उसी समय आपत्ति भी जताई लेकिन अधिकारियों ने सरकार के आदेशों का हवाला देेते हुए उन्हें इसकी जिम्मेदारी दी। इससे पहले निगम ने इस सर्वे में निगम की स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग टीम को लगाया है। जिससे पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग का काम बंद हो गया है। अगर सफाई का काम बंद हुआ तो शहरवासियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पहले ही अधिकारियों ने सफाई शाखा के धर्मपाल को संपत्तिकर शाखा में लगा दिया है। जिससे उनकी शाखा का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सबसे पहले धर्मपाल को वापस सफाई शाखा में लगाने की अधिकारियों से अपील की है। इसके साथ सफाई दरोगाओं से सर्वे का काम वापस लेने की गुजारिश की है। इस मामले को अमर उजाला ने अपने 11 अप्रैल के समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इस बैठक में प्रधान सुभाष चंडालिया, उप्रधान बलराज, कैशियर संजय, बलवान सिंह, ओमप्रकाश, रमेश, कृष्ण बागड़ी आदि मौजूद रहे।
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पदाधिकारियों का कहना है कि पहले ही सफाई कर्मियों और सफाई दरोगाओं के पास सफाई संबंधित काम ज्यादा होता है। दूसरा वे इस काम को लेकर सक्षम तक नहीं है। वे अपनी योग्यता के अनुसार काम भी कर रहे हैं जबकि संपत्तिकर में स्वयं सत्यापन का सर्वे उन पर जबरन थोपा जा रहा है। गौरतलब है कि दो दिन पहले निगम अधिकारियों ने सफाई दरोगाओं को बैठक के लिए बुलाया और उनको संपत्तिकर के स्वयं सत्यापन का काम करने के लिए कहा। जिस पर सफाई दरोगाओं ने उसी समय आपत्ति भी जताई लेकिन अधिकारियों ने सरकार के आदेशों का हवाला देेते हुए उन्हें इसकी जिम्मेदारी दी। इससे पहले निगम ने इस सर्वे में निगम की स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग टीम को लगाया है। जिससे पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग का काम बंद हो गया है। अगर सफाई का काम बंद हुआ तो शहरवासियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पहले ही अधिकारियों ने सफाई शाखा के धर्मपाल को संपत्तिकर शाखा में लगा दिया है। जिससे उनकी शाखा का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सबसे पहले धर्मपाल को वापस सफाई शाखा में लगाने की अधिकारियों से अपील की है। इसके साथ सफाई दरोगाओं से सर्वे का काम वापस लेने की गुजारिश की है। इस मामले को अमर उजाला ने अपने 11 अप्रैल के समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इस बैठक में प्रधान सुभाष चंडालिया, उप्रधान बलराज, कैशियर संजय, बलवान सिंह, ओमप्रकाश, रमेश, कृष्ण बागड़ी आदि मौजूद रहे।