फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   electricity, problem, people, electricity department, panipat

इधर बिजली की हाय-तौबा, उधर बिजली सरप्लस

Sat, 29 Apr 2017 01:23 AM IST
ब्यूरो पानीपत
ब्यूरो पानीपत Updated Sat, 29 Apr 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
electricity, problem, people, electricity department, panipat
नो डिमांड के चलते पानीपत की 4 उत्पादन यूनिटोंसमेत छह बंद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
चिलचिलाती गर्मी में बिजली का ड्रामा... पब्लिक परेशान और फिर हंगामा। कहानी थोड़ी बेबूझ है, लेकिन सच्ची है। आजकल बिजली के अजब खेल देखने को मिल रहे हैं। मांग पूरी न होने से जनता में हाहाकार की स्थिति पैदा हो रही है। अधिक लाइन लॉस के क्षेत्रों में कभी तो बिजली कट लगाने का शेड्यूल जारी कर दिया जाता है तो कभी बिना बताए ही लाइन में फाल्ट कहकर अघोषित कट लगाए जा रहे है। लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में आठ-आठ घंटे के पावर कट फॉर्मूले पर कई मंत्री भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने आपत्ति जता चुके हैं। परंतु निगम तो अपने लॉस को पूरा करने में लगा हुआ है। ऐसे में परेशानी चाहे पब्लिक को हो, या फिर मंत्रियों को, उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। पानीपत जिले की बात की जाए तो उसमें सुबह से दोपहर तक 70 से 75 मेगावाट बिजली की खपत होती है। यदि बात रात 9 बजे के बाद की जाए तो यह खपत बढ़कर 180 से 190 मेगावाट तक पहुंच जाती है। नो डिमांड के चलते पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की 920 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता रखने वाली चार यूनिटों को बंद रखा गया है, जबकि यमुनानगर की तीन सौ मेगावाट क्षमता वाली यूनिट एक को बंद कर दिया है।
विज्ञापन


लाइन लॉस को पूरा करने के नाम पर बिजली निगम द्वारा अनशेड्यूल कट धड़ल्ले से लगाए जा रहे है। शहरी क्षेत्रों में बिजली को लेकर हालत दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे है। वहीं, जिले के सैकड़ों गांव ऐसे हैं जहां पर दिनभर बिजली के दर्शन नहीं होते। 24 घंटे में से मात्र 10 घंटे बिजली रहती है। इस बीच भी डेढ़ दो घंटे तक बिजली कटौती कर दी जाती है। मात्र 8 घंटे ही ग्रामीणों को रात के समय बिजली मिल पा रही है। लाइन लॉस को लेकर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा पहले तैयार किए गए शेड्यूल के अनुसार बिजली के लॉस के अनुसार कट लगाने का समय निर्धारित कर दिया था। सर्कल के अंतर्गत जिले की सभी डिवीजनों में कट लगाने भी शुरू कर दिए थे। जैसे ही कट लगने शुरू हुए, वैसे ही कंज्यूमर ने विरोध भी जताना शुरू कर दिया।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार बिजली वितरण निगम द्वारा दो दिन पूर्व कट लगाने का दोबारा से शेड्यूल तैयार किया है। अब बिना बताए ही कट लगाकर लाइन लॉस पूरा करने में निगम जुट गया है। जिन सब डिवीजनों के अंतर्गत लाइन लॉस 50 प्रतिशत से ऊपर है तो वहां पर 8 घंटे, 40 से 50 प्रतिशत के बीच के लॉस के चलते 6 घंटे, 30 से 40 प्रतिशत के दौरान 4 घंटे और 20 से 30 प्रतिशत लॉस वाले क्षेत्रों में दो घंटे के बिजली कट लगाने शुरू कर दिए हैं। इन कटों का कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। किसी भी समय कट लगा दिए जाते हैं। अंदर खाते लगाए जाने वाले कटों से बिजली निगम जहां लॉस पूरा करने में लगा हुआ है, वहीं तेज गर्मी होने के चलते कंज्यूमर का भी खूब पसीना निकल रहा है। शहरी क्षेत्र के कई फीडर तो ऐसे है जहां पर लाइनों में फाल्ट अक्सर रहता है। पूरा-पूरा दिन लाइनों में फाल्ट बताकर निकाल दिया जाता है। जिसके चलते पूरा दिन बिजली की आंख मिचौली जारी रहती है। दोपहर व शाम के समय बिजली के अधिक कट लगते हैं। उसी समय बच्चों के स्कूल से घर लौटने का समय होता है। इसके अलावा शाम के समय खाना बनाने व खाने के समय बिजली अक्सर गुल रहती है। कई कंज्यूमरों का मानना है यदि बिजली के कट इसी तरह से लगते रहते तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे, क्योंकि गर्मी के इस सीजन में बिना बिजली के रहना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिजली सरप्लस तो अघोषित कट क्यों?
जानकारी के अनुसार उच्चाधिकारी अब बिजली को फालतू मान रहे हैं। वहीं आम पब्लिक का कहना है कि जब हमारे पास बिजली फालतू है तो फिर हमें बिजली को बाहर से क्यों खरीदना पड़ रहा है? अगर बिजली सरप्लस है तो अघोषित कट लगाने का क्या औचित्य है? ऐसे में परेशानी तो बिजली का पूरा बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को हो रही है। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि लाइन लॉस दिखाकर जानबूझकर बिजली के अघोषित कट निगम द्वारा लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम को कट लगाने बंद करके बिजली सप्लाई को सही रूप में देनी चाहिए, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।

दोपहर तक पानीपत में 72 मेगावाट की खपत
सेंट्रल जनरेशन शेड्यूल के अनुसार 4137 मेगावाट बिजली हरियाणा में डिमांड के अनुसार दी जा रही है। जबकि हरियाणा में 1311 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। हरियाणा में बिजली का लोड 5433 मेगावाट का है। उतर हरियाणा में बिजली की खपत 1898 मेगावाट है, जो फिलहाल 2348 मेगावाट मिल रही है। जिसमें पानीपत जिले में 72 मेगावाट बिजली की खपत भी शामिल है। जबकि दक्षिण हरियाणा में मिलने वाली 2988 मेगावाट बिजली में से 2868 मेगावाट ही बिजली खपत हो रही है। पानीपत में शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक 72 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। जो खपत रात होते ही डबल हो जाती है। सूत्रों के अनुसार रात्रि के समय बिजली लोड अधिक बढ़ जाता है। जिसके चलते 182 मेगावाट के करीब बिजली पानीपत में खपत होती है।

1575 मेगावाट की मिल रही है सप्लाई
अडानी जनरेशन द्वारा 1800 मेगावाट की तीन यूनिटों में से 1575 मेगावाट का बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यूनिट सात से 499 मेगावाट, यूनिट आठ से 556 मेगावाट और यूनिट नौ से 520 मेगावाट का बिजली उत्पादन किया जा रहा है। जिसे हरियाणा में सप्लाई किया जा रहा है। हालांकि पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट पांच व छह से 210-210 मेगावाट और यूनिट सात व आठ से 250-250 मेगावाट बिजली उत्पादन होता था। लेकिन 920 मेगावाट क्षमता वाली उक्त चारों यूनिटों को बिजली सरप्लस होने के चलते बंद कर रखा है। अधिकारी मानते है कि बाहर से बिजली मिल रही है, जो सरप्लस है। डिमांड के अनुसार ही यूनिटों को चला दिया जाएगा।

फूंक-फूंककर रख रहे कदम
लाइन लॉस पूरा करने के लिए पावर कट लगाने के साथ-साथ अधिकारी मई व जून के महीने के लिए फूंक-फूंककर कदमों को रख रहे हैं। जानकारी के अनुसार इन दिनों में गर्मी अधिक होने के कारण बिजली डिमांड भी बढ़ जाती है और ऊपर से शैडी (धान) का सीजन भी शुरू हो जाता है। ऐसे में बिजली खपत अधिक होती है। कई बिजली अधिकारियों का कहना है कि आगे आने वाले दिनों में बिजली की डिमांड प्रतिदिन के हिसाब से 5 हजार मेगावाट से ज्यादा बढ़ जाती है। जिसको लेकर भी अधिकारी कदमों को फूंक-फूंककर रख रहे हैं।

चार थर्मल प्लांटों में बिजली उत्पादन की स्थिति
यमुनानगर थर्मल प्लांट
यूनिट         मेगावाट       उत्पादन
एक           300            0
दो             300           219
खेदड़ (हिसार)
एक          600            378
दो           600            383
महात्मा गांधी थर्मल प्लांट (झज्जर)
एक         600           385
दो           600           0
पानीपत थर्मल पावर प्लांट
पांच         210         0
छह          210         0
सात         250         0
आठ         250         0
(नोट : यह आंकड़े रिकॉर्ड के मुताबिक शुक्रवार दोपहर चार बजे तक के हैं, जबकि पानीपत थर्मल पावर प्लांट की चार यूनिटों समेत छह में फिलहाल उत्पादन बंद पड़ा हुआ है।)


हमारे पास सरप्लस बिजली है। इसलिए बिजली की डिमांड नहीं है। नो डिमांड के चलते ही पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट 5 से 8 बंद कर रखी है। यदि डिमांड बढ़ती है तो बंद पड़ी यूनिटों को चालू करके बिजली उत्पादन शुरू करवा दिया जाएगा।
 एसके वधवा, चीफ इंजीनियर, पानीपत थर्मल स्टेशन।

लाइन लॉस पूरा करने के लिए ही अघोषित कट लगाए जा रहे हैं। बिजली चोरों को भी पकड़ने का अभियान भी सभी सब डिवीजनों द्वारा किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बिजली निगम हमेशा प्रयासरत रहता है। हर उपभोक्ता को बिजली मुहैया कराना ही उनकी प्राथमिकता है।

 पंकज धवन, एक्सईएन, शहरी डिविजन।

अघोषित कटों से ईमानदार कंज्यूमरों के साथ धोखा हो रहा है। सरकार की तरफ से कोई अच्छी सी योजना लागू की जानी चाहिए। इसके साथ ही बिजली चोरों से सख्ती से निपटना होगा, तभी जाकर लाइन लॉस पूरा किया जा सकता है।
ईश्वर शर्मा, सर्कल सचिव, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed