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Panipat News: टीडीआई पर बिजली निगम का 2.93 करोड़ के बकाया, बिजली निगम मौन
Thu, 28 May 2026 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 28 May 2026 02:02 AM IST
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पानीपत। टीडीआई सिटी सेक्टर-38-39 बिल्डर पर बिजली निगम का करीब 2.93 करोड़ रुपये का बिल बकाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गंभीर विषय है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम अब रिकवरी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। फिर बकायेदारों के साथ कनेक्शन काट दिया जाएगा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली निगम ने एक लाख से अधिक का बिजली बिल बकाया होने पर उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। पानीपत सर्कल में 150 से अधिक डिफॉल्टरों पर भूमि राजस्व अधिनियम के तहत केस बनाकर तहसीलदार को भेजा गया है। टीडीआई सिटी सेक्टर 38-39 पर स्ट्रीट लाइट, वाटर टैंक मोटर और कॉमन एरिया कनेक्शन का 2.93 करोड़ से अधिक का बिजली बिल लंबे समय से लंबित है। इस भारी-भरकम बकाए के कारण बिजली तो काट दी गई है। इससे करीब 600 परिवार अंधेरे और पानी के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन निगम इस मोटी रकम की रिकवरी के लिए कोई ठोस कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। बिल्डर को बचाने के लिए आरटीआई से भी छुपाया जा रहा।
आयुक्त ने रिकॉर्ड के साथ पेश होने के आदेश दिए
स्थानीय निवासी विवेक कुमार ने आरोप लगाया कि बिजली निगम दोहरा रवैये अपना रहा है। उन्होंने अगस्त 2025 में आरटीआई आवेदन कर यूएचबीवीएन से 2.93 करोड़ की रिकवरी के लिए बारे में जाना था। बिजली निगम ने इसमें अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। प्रथम अपील में भी किसी प्रकार की जानकारी दी दी। उनको राज्य सूचना आयोग में अपनी बात रखी। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वितीय अपील को स्वीकार कर लिया है और राज्य सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह की पीठ के समक्ष 21 जुलाई को सुबह 11:00 बजे इसकी अंतिम सुनवाई तय की है। आयोग ने राज्य जन सूचना अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड के साथ पेश होने के कड़े आदेश जारी किए हैं।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली निगम ने एक लाख से अधिक का बिजली बिल बकाया होने पर उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। पानीपत सर्कल में 150 से अधिक डिफॉल्टरों पर भूमि राजस्व अधिनियम के तहत केस बनाकर तहसीलदार को भेजा गया है। टीडीआई सिटी सेक्टर 38-39 पर स्ट्रीट लाइट, वाटर टैंक मोटर और कॉमन एरिया कनेक्शन का 2.93 करोड़ से अधिक का बिजली बिल लंबे समय से लंबित है। इस भारी-भरकम बकाए के कारण बिजली तो काट दी गई है। इससे करीब 600 परिवार अंधेरे और पानी के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन निगम इस मोटी रकम की रिकवरी के लिए कोई ठोस कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। बिल्डर को बचाने के लिए आरटीआई से भी छुपाया जा रहा।
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आयुक्त ने रिकॉर्ड के साथ पेश होने के आदेश दिए
स्थानीय निवासी विवेक कुमार ने आरोप लगाया कि बिजली निगम दोहरा रवैये अपना रहा है। उन्होंने अगस्त 2025 में आरटीआई आवेदन कर यूएचबीवीएन से 2.93 करोड़ की रिकवरी के लिए बारे में जाना था। बिजली निगम ने इसमें अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। प्रथम अपील में भी किसी प्रकार की जानकारी दी दी। उनको राज्य सूचना आयोग में अपनी बात रखी। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वितीय अपील को स्वीकार कर लिया है और राज्य सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह की पीठ के समक्ष 21 जुलाई को सुबह 11:00 बजे इसकी अंतिम सुनवाई तय की है। आयोग ने राज्य जन सूचना अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड के साथ पेश होने के कड़े आदेश जारी किए हैं।
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