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अवैध उद्योगों को नियमित करने की कवायद तेज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 02:48 AM IST
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Efforts to regularize illegal industries intensified
पानीपत। शहर के अंदर चल रहे अवैध उद्योगों को नियमित करने की कवायद तेज हो गई है। उद्योगों का सर्वे किया जा रहा है और 31 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद पांच अधिकारियों की कमेटी सौंपी गई सर्वे रिपोर्ट की जांच करेगी, इसके बाद कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर उद्योगों को नियमित किया जाएगा। ऐसी इकाइयों को उद्योगों के संचालन संबंधी सभी अनुमति मिल सकेगी। हालांकि शहर के अंदर सिर्फ ग्रीन श्रेणी वाले उद्योग ही चल सकेंगे जबकि रेड एवं ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को अपनी इकाई औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित करनी होगी।
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उद्योगों का सर्वे आरएसआई सॉप्टिस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है। 31 दिसंबर तक यह अपनी वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उपायुक्त ने पांच अधिकारियों की एक कमेटी गठित कर दी है, जिसका चेयरमैन नगर निगम आयुक्त और सदस्य सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सहायक निदेशक क्षितिज कपूर को नियुक्त किया गया है। इनके अलावा इसमेें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत सिंह एवं संपदा अधिकारी भी शामिल रहेंगे। सर्वे कंपनी की ओर से दी गई रिपोर्ट को कमेटी सत्यापित करेगी। जिसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अवैध उद्योग नियमित होंगे।
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सर्वे कंपनी ने अगस्त में फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी
सर्वें कंपनी आरएसआई सॉप्टिस प्राइवेट लिमिटेड ने बीते अगस्त को उद्योगों के सर्वे की रिपोर्ट दोबारा पेश की थी। महज एक सप्ताह में ही सर्वे पूरा कर रिपोर्ट दे दी गई थी। अगस्त के सर्वे से एक वर्ष पहले हुए सर्वे में खामियां मिलने पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सहायक निदेशक क्षितिज कपूर ने दोबारा सर्वे करने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनी ने वक्त यूं ही निकाल दिया, जिसके बाद बीते अगस्त में किया गया सर्वे महज एक सप्ताह में ही पूरा कर दिया गया। जांच में यह रिपोर्ट फर्जी निकली। इसे भी खारिज कर दिया गया और फिर सर्वे करने का निर्देश दिया गया। अब यह सर्वें 31 दिसंबर तक सौंपना।
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सर्वे रिपोर्ट में दिखाई थीं महज 10 हजार फैक्टरियां
कंपनी ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में शहर में महज 10 हजार फैक्टरियां दिखाई थीं, जबकि विभाग के अनुसार उत्पादन करने वाली ही आठ हजार फैक्टरियां हैं। एमएसएमई के अंतर्गत आने वाली फैक्टरियों की संख्या 18 हजार है। उद्यमियों के अनुसार शहर में 30 हजार फैक्टरी हैं। लघु उद्योग एसोसिएशन के प्रधान राकेश चुघ का कहना है कि मॉडल टाउन और सेक्टर को छोड़कर पानीपत की हर कालोनी में एक उद्योग चल रहा है।
लंबे समय से उठाई जा रही है फैक्टरियों को नियमित करने की मांग
उद्यमियों की ओर से लंबे वक्त से कॉलोनियों में चलने वाली फैक्टरियों को नियमित करने की मांग उठाई जा रही है। फैक्टरियों को सीएलयू और सीटूओ मिले। सांसद विधायकों ने भी इस संबंध में सदन में आवाज उठाई है। अब सरकार फैक्टरियों को नियमित करने के लिए ही सर्वे करा रही है।

कोट ..........
कंपनी शहर में सर्वे कर रही है। सरकार की ओर से कंपनी को सर्वे करने के लिए एक माह का वक्त मिला है। नगर निगम कमिश्नर के नेतृत्व में एक कमेटी बनी हुई है। कंपनी की रिपोर्ट को कमेटी सत्यापित करेगी। जिसके बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
- क्षितिज कपूर, सहायक निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग
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