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‘डैड्स’ से घर बैठे ही विद्यार्थी लें डुप्लीकेट मार्कशीट सर्टिफिकेट
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पानीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहल की है। सीबीएसई ने उम्मीदवारों को उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की डुप्लीकेट प्रतियों के साथ मदद करने के लिए एक डुप्लीकेट एकेडमिक डॉक्यूमेंट सिस्टम (डीएडीएस या डैड्स) लॉन्च किया है। अगर किसी विद्यार्थी दस्तावेज खो गए हैं तो इस पोर्टल से इन्हें प्राप्त किया जा सकता है। इससे कोरोना महामारी के दौरान और उसके बाद में भी विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अभी तक डुप्लीकेट मार्कशीट या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र आदि के लिए क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करने की आवश्यकता होती थी। इतना ही नहीं, एक निर्धारित फॉर्म पर आवेदन करने और बैंकों में आवश्यक चालान शुल्क जमा करने या वैकल्पिक रूप से फॉर्म भेजने और डाक द्वारा बैंक ड्राफ्ट भेजने की मशक्कत करनी पड़ती थी लेकिन अब यह लंबी प्रक्रिया नहीं झेलनी होगी।
समय, खर्च और ऊर्जा की होगी बचत
वर्तमान कोविड-19 की परिस्थितियों और विद्यार्थियों की स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग डीएडीएस- डुप्लीकेट एकेडमिक दस्तावेज प्रणाली को हाल ही में विकसित किया है। यह सुविधा विद्यार्थियों के मानवीय संपर्क और भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता को समाप्त कर देगी। वहीं इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का आवागमन का खर्च नहीं होगा और समय भी बचेगा।
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सीबीएसई के लिंक पर करना होगा आवेदन, कर सकेंगे ट्रैक
छात्र अब इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डुप्लीकेट मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट आदि प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को वेबसाइट सीबीएसई डॉट निक डॉट इन पर लॉग इन करना होगा और प्रक्रिया और विकल्पों के लिए सीबीएसई के लिंक पर आवेदन करना होगा। आवेदन प्राप्त होने पर शैक्षणिक दस्तावेजों को प्रिंट करेंगे और उन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को भेजेंगे। जिसे ट्रैक किया जा सकेगा। पोर्टल पर डिजिटल कॉपी के साथ ही प्रिंटेड कॉपी चुनने का विकल्प भी होगा।
ये होगा आवेदन शुल्क
वर्ष 2017 से पहले की फीस- 100 रुपये
5 साल तक- 250 रुपये
5 से 10 साल से अधिक- 500 रुपये
10 से 20 साल से अधिक- 1000 रुपये
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अभी तक डुप्लीकेट मार्कशीट या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र आदि के लिए क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करने की आवश्यकता होती थी। इतना ही नहीं, एक निर्धारित फॉर्म पर आवेदन करने और बैंकों में आवश्यक चालान शुल्क जमा करने या वैकल्पिक रूप से फॉर्म भेजने और डाक द्वारा बैंक ड्राफ्ट भेजने की मशक्कत करनी पड़ती थी लेकिन अब यह लंबी प्रक्रिया नहीं झेलनी होगी।
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समय, खर्च और ऊर्जा की होगी बचत
वर्तमान कोविड-19 की परिस्थितियों और विद्यार्थियों की स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग डीएडीएस- डुप्लीकेट एकेडमिक दस्तावेज प्रणाली को हाल ही में विकसित किया है। यह सुविधा विद्यार्थियों के मानवीय संपर्क और भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता को समाप्त कर देगी। वहीं इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का आवागमन का खर्च नहीं होगा और समय भी बचेगा।
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सीबीएसई के लिंक पर करना होगा आवेदन, कर सकेंगे ट्रैक
छात्र अब इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डुप्लीकेट मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट आदि प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को वेबसाइट सीबीएसई डॉट निक डॉट इन पर लॉग इन करना होगा और प्रक्रिया और विकल्पों के लिए सीबीएसई के लिंक पर आवेदन करना होगा। आवेदन प्राप्त होने पर शैक्षणिक दस्तावेजों को प्रिंट करेंगे और उन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को भेजेंगे। जिसे ट्रैक किया जा सकेगा। पोर्टल पर डिजिटल कॉपी के साथ ही प्रिंटेड कॉपी चुनने का विकल्प भी होगा।
ये होगा आवेदन शुल्क
वर्ष 2017 से पहले की फीस- 100 रुपये
5 साल तक- 250 रुपये
5 से 10 साल से अधिक- 500 रुपये
10 से 20 साल से अधिक- 1000 रुपये