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Panipat News: अस्पताल में नहीं मिले चिकित्सक और दवा के लिए भी भटक रहे मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 03:17 AM IST
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Doctors were not found in the hospital and patients were wandering for medicines.
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी के समय भी चिकित्सक नहीं मिले। किसी बीमारी के चिकित्सक मिले तो उनकी लिखी दवा अस्पताल की फार्मेसी पर नहीं मिली। ऐसे में मरीजों को भटकना पड़ा।
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सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल में 1700 लोग ओपीडी में पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ और चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नहीं हो पाई। मनोरोग विशेषज्ञ मंगलवार और वीरवार को बैठते हैं और नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. शालिनी प्रशिक्षण पर हैं, दूसरे नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केतन भारद्वाज की ड्यूटी रिफाइनरी में आयोजित शिविर में लगी। ऐसे उनकी ओपीडी बंद रही। दोपहर एक बजे फिजिशियन डॉ. जैसमीन के वार्ड में मरीजों की जांच करने के लिए जाने के बाद डॉ. सुनील और इंटर्न का टी ब्रेक करीब 15 मिनट तक रहा। इससे मरीजों को परेशानी हुई। जरनल सर्जन और आर्थोपेडिक्स न मिलने से भी मरीजों को कई-कई घंटे बैठना पड़ा। इसके बाद भी करीब 50 मरीजों को बिना दवा के ही लौटना पड़ा। इन सबके बीच बेंच न मिलने पर मरीजों को ठंडे फर्श पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। वहीं मरीजों को फार्मेसी पर पूरी दवा नहीं मिली। उनको बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
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फोटो कोट्स

नहीं मिल रहे मनोरोग विशेषज्ञ
हरिनगर की माया ने बताया कि उन्हें कई दिन से रात को अच्छे से नींद नहीं आई रही है। वह शनिवार को अस्पताल आई थी लेकिन उस समय भी मनोरोग विशेषज्ञ नहीं मिले। सोमवार को फिर आई तो आज भी मनोरोग विशेषज्ञ नहीं मिले। अब उन्हें मंगलवार या वीरवार को तीसरी बार अस्पताल आना पड़ेगा।
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फोटो कोट्स
पेज दर्द की जांच नहीं हो सकी
शिव चौक निवासी इंद्र ने बताया कि वे जरनल सर्जन के पास पेट में बार-बार दर्द होने के कारण जांच के लिए अस्पताल आए थे लेकिन दोपहर करीब एक बजे चिकित्सक कक्ष में नहीं मिले। उन्होंने करीब आधा घंटे कक्ष में बैठकर इंतजार भी किया लेकिन चिकित्सक नहीं आए। अब उन्हें मंगलवार को फिर से अस्पताल आना पड़ेगा।


कोट्स
कक्ष में नहीं मिले चिकित्सक

खटीक बस्ती निवासी रितेश ने बताया कि उनके पैर की हड्डी में दर्द हो रहा है और पैर में सूजन हो गई है। वे आर्थोपेडिक्स के पास जांच के लिए आए थे लेकिन चिकित्सक करीब 12 बजे से कक्ष में नहीं है। इंटर्न ने बताया कि डॉ. प्रदीप और डॉ. अंकित दोनों ओटी में है इसलिए उनके स्थान पर इंटर्न ने उनके पैर देखा और दवा लिखी।


वर्जन :
सोमवार को रिफाइनरी में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए बोर्ड बैठता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी शिविर में लगाई गई है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल दो महीने के अवकाश पर हैं। उनकी जगह दूसरे चिकित्सक की मंगलवार और वीरवार को ओपीडी होती है। मरीजों को परेशानी नहीं होती।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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