{"_id":"6799428c96548a839903b943","slug":"devotees-even-come-from-abroad-to-get-chulkana-shyams-clothes-panipat-news-c-244-1-pnp1007-131293-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: चुलकाना श्याम के वस्त्र को पाने के लिए विदेश से भी आते हैं भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: चुलकाना श्याम के वस्त्र को पाने के लिए विदेश से भी आते हैं भक्त
विज्ञापन
पानीपत। वसंत पंचमी पर बाबा श्याम के वस्त्र पाने के लिए भक्तों में उत्साह बना हुआ है। इस बाबा के वस्त्र भक्तों को देने का रिवाज है। इसको लेकर चुलकाना गांव स्थित श्याम मंदिर में विशेष आयोजन किया जाएगा। चुलकाना श्याम के वस्त्र को पाने के लिए भक्त विदेश से भी आते हैं।
मंदिर समिति प्रधान रोशन लाल छौक्कर और वृंदावन ट्रस्ट के सचिव हरीश बंसल ने बताया कि बाबा श्याम के ये वस्त्र दो से चार फरवरी तक बांटे जाएंगे। ऐसे भक्त आराम से बाबा के दर्शन कर वस्त्र ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि चुलकाना श्यामजी की महिमा जितनी निराली है, उतना ही अनुपम उनका शृंगार व पोशाक होते हैं। जिन्हें देखने व पाने की ललक लाखों श्रद्धालु मन में पाले रहते हैं। जिसे यह वस्त्र मिल जाता है, उसे बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
श्री श्याम बाबा चुलकाना वाले का वस्त्र साल में एक बार बदला जाता है। पंचामृत से स्नान कराकर फिर से पीले रंग का अंत: वस्त्र पहनाकर उसके ऊपर पोशाक और पीले फूलों का शृंगार किया जाता है। भक्त शीश के दानी के इस मनोहारी रूप के दर्शन करने के लिए चुलकाना नगरी में पहुंचते हैं। श्री श्याम बाबा को पीले चावल बनाकर भोग लगाया जाता है। प्राचीन काल से चली आ रही हैं यह परंपरा आज भी कायम है। चुलकाना धाम भाजपा मंडल के मीडिया प्रभारी सोनू शर्मा छदिया और मांगेराम पुजारी ने बताया कि यूं तो पूरे भारतवर्ष में श्याम बाबा के सैंकड़ों मंदिर हैं, लेकिन श्री श्याम बाबा का प्रथम स्थान चुलकाना धाम माना जाता है क्योंकि इसी चुनकुट ऋषि की सिद्ध पीठ तपोभूमि चुलकाना धाम से श्याम बाबा के फाल्गुन मेले की शुरुआत हुई थी, जो आज पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
श्यामजी का फाल्गुन मेला और चुलकाना धाम में श्याम प्रभु के मंदिर की स्थापना भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद और वरदान फलस्वरूप हजारों साल पहले हुई थी। आज चुलकाना के श्याम बाबा पूरे देश ही नहीं विदेश में भी विख्यात है।
विज्ञापन
मंदिर समिति प्रधान रोशन लाल छौक्कर और वृंदावन ट्रस्ट के सचिव हरीश बंसल ने बताया कि बाबा श्याम के ये वस्त्र दो से चार फरवरी तक बांटे जाएंगे। ऐसे भक्त आराम से बाबा के दर्शन कर वस्त्र ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि चुलकाना श्यामजी की महिमा जितनी निराली है, उतना ही अनुपम उनका शृंगार व पोशाक होते हैं। जिन्हें देखने व पाने की ललक लाखों श्रद्धालु मन में पाले रहते हैं। जिसे यह वस्त्र मिल जाता है, उसे बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
विज्ञापन
श्री श्याम बाबा चुलकाना वाले का वस्त्र साल में एक बार बदला जाता है। पंचामृत से स्नान कराकर फिर से पीले रंग का अंत: वस्त्र पहनाकर उसके ऊपर पोशाक और पीले फूलों का शृंगार किया जाता है। भक्त शीश के दानी के इस मनोहारी रूप के दर्शन करने के लिए चुलकाना नगरी में पहुंचते हैं। श्री श्याम बाबा को पीले चावल बनाकर भोग लगाया जाता है। प्राचीन काल से चली आ रही हैं यह परंपरा आज भी कायम है। चुलकाना धाम भाजपा मंडल के मीडिया प्रभारी सोनू शर्मा छदिया और मांगेराम पुजारी ने बताया कि यूं तो पूरे भारतवर्ष में श्याम बाबा के सैंकड़ों मंदिर हैं, लेकिन श्री श्याम बाबा का प्रथम स्थान चुलकाना धाम माना जाता है क्योंकि इसी चुनकुट ऋषि की सिद्ध पीठ तपोभूमि चुलकाना धाम से श्याम बाबा के फाल्गुन मेले की शुरुआत हुई थी, जो आज पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
श्यामजी का फाल्गुन मेला और चुलकाना धाम में श्याम प्रभु के मंदिर की स्थापना भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद और वरदान फलस्वरूप हजारों साल पहले हुई थी। आज चुलकाना के श्याम बाबा पूरे देश ही नहीं विदेश में भी विख्यात है।