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Panipat News: डेंटल सर्जन दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर रहे
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पानीपत। डेंटल चिकित्सकों ने हरियाणा सिविल डेंटल सर्जन एसोसिएशन के बैनर तले ने बुधवार दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रखी। उन्होंने सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक काम नहीं किया। डेंटल चिकित्सक 16 अगस्त को व्रत रखकर मरीजों का इलाज करेंगे। 17 अगस्त को प्रदेशभर के डेंटल सर्जन कुरुक्षेत्र में कैंडल मार्च निकालेंगे। 22 अगस्त को सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। 23 अगस्त को डेंटल सर्जन सिर्फ अपना काम करेंगे। 24 अगस्त को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने डेंटल सर्जन हड़ताल पर बैठेंगे।
एचसीडीएस के जिलाध्यक्ष डॉ. मनीष पासी ने कहा कि उन्होंने पिछले 16 सालों से लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए गांधीवादी तरीके से आवाज उठाई है। मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही छत के नीचे एक जैसा काम करते हैं, लेकिन उनका वेतनमान अलग-अलग है। इसके साथ ही उन्होंने एसीपी में भेदभाव किया गया है। मेडिकल ऑफिसर को क्लास वन व डेंटल सर्जन को क्लास द्वितीय अधिकारी माना जाता है। डेंटल सर्जन को पांच साल में 100 प्रतिशत वेतन, 11 साल में 25 प्रतिशत वेतन तथा 17 साल बाद तीसरी एसीपी में मात्र 20 प्रतिशत वेतन मिल रहा है। उन्हें डॉक्टर ही नहीं माना जाता। उन्हें लगता है कि बीडीएस की पढ़ाई एमबीबीएस के मुकाबले काफी सरल है।
हरियाणा के आसपास के सभी राज्यों जैसे दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान आदि में मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही वेतनमान पर काम कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा में ऐसा नहीं है। डेंटल सर्जन के बाद प्रमोशन में सीनियर डेंटल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन का ही पद है और उसके बाद डायरेक्टर, जबकि लंबे समय से मांग चल रही है कि उनके लिए डिप्टी डायरेक्टर के भी दो पद सृजित किए जाएं।
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एचसीडीएस के जिलाध्यक्ष डॉ. मनीष पासी ने कहा कि उन्होंने पिछले 16 सालों से लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए गांधीवादी तरीके से आवाज उठाई है। मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही छत के नीचे एक जैसा काम करते हैं, लेकिन उनका वेतनमान अलग-अलग है। इसके साथ ही उन्होंने एसीपी में भेदभाव किया गया है। मेडिकल ऑफिसर को क्लास वन व डेंटल सर्जन को क्लास द्वितीय अधिकारी माना जाता है। डेंटल सर्जन को पांच साल में 100 प्रतिशत वेतन, 11 साल में 25 प्रतिशत वेतन तथा 17 साल बाद तीसरी एसीपी में मात्र 20 प्रतिशत वेतन मिल रहा है। उन्हें डॉक्टर ही नहीं माना जाता। उन्हें लगता है कि बीडीएस की पढ़ाई एमबीबीएस के मुकाबले काफी सरल है।
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हरियाणा के आसपास के सभी राज्यों जैसे दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान आदि में मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही वेतनमान पर काम कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा में ऐसा नहीं है। डेंटल सर्जन के बाद प्रमोशन में सीनियर डेंटल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन का ही पद है और उसके बाद डायरेक्टर, जबकि लंबे समय से मांग चल रही है कि उनके लिए डिप्टी डायरेक्टर के भी दो पद सृजित किए जाएं।
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