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तीन बार बढ़ाई तारीख पर जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए आवेदन तक नहीं कर सका निगम
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शहर की सफाई पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण के दूसरे चरण जीएफसी यानी कूड़ा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग के लिए आवेदन तक नहीं कर पाया है। हालांकि इस आवेदन के लिए तीन बार तिथियों को बढ़ाया भी जा चुका है, लेकिन निगम के पास कूड़ा निस्तारण प्रोसेसिंग के कागजात न होने पर इसके लिए आवेदन करना मुश्किल हो गया। इससे सीधे तौर पर निगम को इस फेज के 1800 अंकों में से 1100 अंकों का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों ने इसका जिम्मेदार जेबीएम को माना है। जेबीएम के पास कूड़ा उठान का काम है, लेकिन जेबीएम कंपनी ने निगम से पहले ही 31 अप्रैल तक अपने क्लस्टर प्लांट के शुरुआत होने तक निगम से समय मांगा है। इसलिए निगम इस फेज में आवेदन ही नहीं कर पा रहा है।
इतना ही नहीं इस फेज में सोनीपत नगर निगम भी आवेदन नहीं कर पाया है। चूंकि मुरथल में बनने वाले जेबीएम के क्लस्टर प्लांट में सोनीपत का कूड़ा भी प्रोसेस होगा, जो अभी तक नहीं हो पाया है। कूड़े की प्रोसेसिंग जब शुरू होगी, उसके दस्तोवजों के आधार पर ही जीएफसी फेज के स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया जा सकता है। इन दस्तावेजों की जांच करने ही स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को आना था, इनके आधार पर इस फेज के अंकों को निगम को दिया जाना था, जो अब नहीं हो पाएगा।
- अंतिम तिथि 15 फरवरी, निगम के हाथ खाली
स्वच्छ सर्वेक्षण में जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए तीन बार लास्ट डेट को एक्सटेेंड किया जा चुका है। इसके लिए पहली अंतिम तिथि 8 फरवरी थी, बाद में इसे 12 फरवरी किया गया है, इसके बाद इसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी की गई है और अभी तक निगम के हाथ खाली हैं।
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ओडीएफ ++ छूटा तो 500 अंकों को होगा नुकसान
दूसरे चरण में नगर निगम पानीपत अब तक ओडीएफ प्लस प्लस की कैटेगरी में था, जिसमें निगम को 500 अंक मिलने थे, लेकिन ये कैटेगरी 21 जनवरी को ही समाप्त हो चुकी है। इसके लिए टीम 28 फरवरी से पहले सर्वे कर रिजल्ट भी घोषित कर देगी। अगर ये कैटेगरी भी निगम के हाथ से निकली तो निगम को 500 अंकों को अतिरिक्त नुकसान होगा।
कुल 1800 में से 1600 अंक दांव पर
दूसरे चरण कुल 1800 अंकों का है। इसमें जीएफसी के सेवन स्टार तक 1100 अंक मिलने थे, लेकिन एक स्टार के लिए भी निगम आवेदन योग्य नहीं है, इसलिए इसमें कोई अंक नहीं मिलेगा। अगर ओडीएफ प्लस प्लस में भी निगम फिसला तो इसके 500 अंक भी निगम से कट जाएंगे। कुल मिलकार निगम के 1800 में से 1600 अंक दांव पर लगे हैं।
वर्जन-
पानीपत-सोनीपत तक नहीं कर पाए आवेदन: सीटीएल
कूड़ा प्रोसेसिंग के दस्तावेज न होने के कारण जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता। इसमें जेबीएम का मुरथल क्लस्टर प्लांट का तैयार न होना जिम्मेदार है। यहीं पानीपत और सोनीपत का कूड़ा प्रोसेस होना था। इसलिए अभी तक स्टार रेटिंग के लिए आवेदन नहीं किया जा सका। इससे निगम को 1100 अंकों का नुकसान होगा।
- विजय, सिटी टीम लीडर, नगर निगम, पानीपत।
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इतना ही नहीं इस फेज में सोनीपत नगर निगम भी आवेदन नहीं कर पाया है। चूंकि मुरथल में बनने वाले जेबीएम के क्लस्टर प्लांट में सोनीपत का कूड़ा भी प्रोसेस होगा, जो अभी तक नहीं हो पाया है। कूड़े की प्रोसेसिंग जब शुरू होगी, उसके दस्तोवजों के आधार पर ही जीएफसी फेज के स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया जा सकता है। इन दस्तावेजों की जांच करने ही स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को आना था, इनके आधार पर इस फेज के अंकों को निगम को दिया जाना था, जो अब नहीं हो पाएगा।
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- अंतिम तिथि 15 फरवरी, निगम के हाथ खाली
स्वच्छ सर्वेक्षण में जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए तीन बार लास्ट डेट को एक्सटेेंड किया जा चुका है। इसके लिए पहली अंतिम तिथि 8 फरवरी थी, बाद में इसे 12 फरवरी किया गया है, इसके बाद इसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी की गई है और अभी तक निगम के हाथ खाली हैं।
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ओडीएफ ++ छूटा तो 500 अंकों को होगा नुकसान
दूसरे चरण में नगर निगम पानीपत अब तक ओडीएफ प्लस प्लस की कैटेगरी में था, जिसमें निगम को 500 अंक मिलने थे, लेकिन ये कैटेगरी 21 जनवरी को ही समाप्त हो चुकी है। इसके लिए टीम 28 फरवरी से पहले सर्वे कर रिजल्ट भी घोषित कर देगी। अगर ये कैटेगरी भी निगम के हाथ से निकली तो निगम को 500 अंकों को अतिरिक्त नुकसान होगा।
कुल 1800 में से 1600 अंक दांव पर
दूसरे चरण कुल 1800 अंकों का है। इसमें जीएफसी के सेवन स्टार तक 1100 अंक मिलने थे, लेकिन एक स्टार के लिए भी निगम आवेदन योग्य नहीं है, इसलिए इसमें कोई अंक नहीं मिलेगा। अगर ओडीएफ प्लस प्लस में भी निगम फिसला तो इसके 500 अंक भी निगम से कट जाएंगे। कुल मिलकार निगम के 1800 में से 1600 अंक दांव पर लगे हैं।
वर्जन-
पानीपत-सोनीपत तक नहीं कर पाए आवेदन: सीटीएल
कूड़ा प्रोसेसिंग के दस्तावेज न होने के कारण जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता। इसमें जेबीएम का मुरथल क्लस्टर प्लांट का तैयार न होना जिम्मेदार है। यहीं पानीपत और सोनीपत का कूड़ा प्रोसेस होना था। इसलिए अभी तक स्टार रेटिंग के लिए आवेदन नहीं किया जा सका। इससे निगम को 1100 अंकों का नुकसान होगा।
- विजय, सिटी टीम लीडर, नगर निगम, पानीपत।