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बिजली निगम में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े मामले में डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार
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पानीपत। सीआईए-टू पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : Panipat
पानीपत। बिजली निगम में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े मामले में सीआईए-2 ने यमुनानगर के रादौर से बिजली निगम के डाटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। छह दिन के रिमांड के दौरान आरोपी से खुलासा हुआ कि वह मुख्य आरोपी के साथ मिलकर फर्जी वाउचर तैयार करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार लाख रुपये और कार बरामद की। बाद में उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान यमुनानगर के लक्ष्मी नगर निवासी अतुल पुत्र विजय के रूप में हुई है। आरोपी को यमुनानगर के रादौर से गिरफ्तार किया था। आरोपी अतुल उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) में डीसी रेट पर यमुनानगर के रादौर में डाटा एंट्री ऑपरेटर था। आरोपी से की गई पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अतुल मामले में मुख्य आरोपी राघव के साथ मिलकर लैपटॉप पर फर्जी वाउचर तैयार करता था। गहनता से पूछताछ करने के लिए उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस दौरान आरोपी के कब्जे गबन की राशि में से चार लाख रुपये और एक वैगनआर कार बरामद की। सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे जेल भेज दिया गया।
पांच आरोपियों को भेजा जा चुका जेल, 1.44 करोड़ रुपये की हो चुकी बरामदगी
इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उक्त मामले में गिरोह के सरगना सहारनपुर निवासी आरोपी राघव सहित यमुनानगर की गोपाल कॉलोनी निवासी आरोपी पवन, समालखा के चुलकाना रोड निवासी अजय, यमुनानगर निवासी योगेश लांबा सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपियों के कब्जे से एक करोड़ 44 लाख 16 हजार रुपये नकदी, कार व सोना बरामद किया जा चुका है। आरोपी फर्जी पीपीओ व वाउचर तैयार कर बिजली निगम के खातों से रुपयों का गबन कर रुपयों को बांट लेते थे।
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यह था मामला
थाना समालखा में फरवरी 2022 में गांव कारद निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत देकर बताया था कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के सरकारी बैंक खाते से उसके बैंक खाते में रुपये जमा हो रहे है। सुरेश ने अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में भी यूएचबीवीएन के सरकारी बैंक खाते से रुपये जमा होने की सूचना दी थी। जिस शिकायत पर आईपीसी की धारा 409, 420, 120-बी, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।
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सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान यमुनानगर के लक्ष्मी नगर निवासी अतुल पुत्र विजय के रूप में हुई है। आरोपी को यमुनानगर के रादौर से गिरफ्तार किया था। आरोपी अतुल उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) में डीसी रेट पर यमुनानगर के रादौर में डाटा एंट्री ऑपरेटर था। आरोपी से की गई पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अतुल मामले में मुख्य आरोपी राघव के साथ मिलकर लैपटॉप पर फर्जी वाउचर तैयार करता था। गहनता से पूछताछ करने के लिए उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस दौरान आरोपी के कब्जे गबन की राशि में से चार लाख रुपये और एक वैगनआर कार बरामद की। सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे जेल भेज दिया गया।
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पांच आरोपियों को भेजा जा चुका जेल, 1.44 करोड़ रुपये की हो चुकी बरामदगी
इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उक्त मामले में गिरोह के सरगना सहारनपुर निवासी आरोपी राघव सहित यमुनानगर की गोपाल कॉलोनी निवासी आरोपी पवन, समालखा के चुलकाना रोड निवासी अजय, यमुनानगर निवासी योगेश लांबा सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपियों के कब्जे से एक करोड़ 44 लाख 16 हजार रुपये नकदी, कार व सोना बरामद किया जा चुका है। आरोपी फर्जी पीपीओ व वाउचर तैयार कर बिजली निगम के खातों से रुपयों का गबन कर रुपयों को बांट लेते थे।
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यह था मामला
थाना समालखा में फरवरी 2022 में गांव कारद निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत देकर बताया था कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के सरकारी बैंक खाते से उसके बैंक खाते में रुपये जमा हो रहे है। सुरेश ने अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों में भी यूएचबीवीएन के सरकारी बैंक खाते से रुपये जमा होने की सूचना दी थी। जिस शिकायत पर आईपीसी की धारा 409, 420, 120-बी, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।