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सील लगाने पहुंचे पर ताला लाना भूले, दुकानदार बोले, बेशक सील लगाओ, ताले अपने लेकर लाओ
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शहर में खुलेआम चली रही मीट की दुकानों को सील करने के लिए बुधवार को नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची, लेकिन अधिकारी मौके पर ताले लाना भूल गए। जिसके बाद निगम अधिकारियों ने मीट की दुकानों को सील करने के लिए दुकानदारों द्वारा प्रयोग किए जा रहे ताले लगाए और उन पर अपनी सील लगा दी। जिस पर दुकानदारों ने ऐतराज जताया। दुकानदारों ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि बेशक उनकी दुुकानों को सील कर दो, लेकिन ताले अपने लेकर आओ। दुकानदारों ने यह तक कहा कि अगर निगम के पास ताले खरीदने के पैसे नहीं हैं तो पैसे भी वे दे देंगे, लेकिन ताले निगम को ही खरीदने होंगे। दुकानदारों के बढ़ते विरोध को देखते हुए निगम टीम ने मौके से खिसकने पर ही भलाई समझी।
दूसरी ओर निगम की टीम ने काबड़ी फाटक के पास एक और गोहाना रोड पुल के नीचे शास्त्री कॉलोनी के एंट्री गेट के पास पांच दुकानों को सील किया। एक दुुकान पर दो गेट थे, इसमें एक पर शटर न होने के कारण इसे सिर्फ पॉलिथीन से ढककर ही काम चलाना पड़ा, जबकि दूसरे शटर पर ताला लगा दिया। निगम टीम की इस कार्रवाई में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर नायब तहसीलदार अनिल कौशिक, निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण, एमई विरेंद्र मलिक समेत सैनिटेशन ब्रांच के कई अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
पहले भी कई बार किया जा चुका है सील
बता दें कि निगम गोहाना रोड पुल के नीचे खुली मीट की इन दुकानों को कई बार सील कर चुका है। नेताओं के हस्तक्षेप से इनकी सीलिंग कार्रवाई को बीच में ही रोका जा चुका है, लेकिन यहां के स्थानीय लोगों से बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को एक बार फिर निगम ने इन दुुकानों को सील करने का काम किया है।
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मेयर के पीए ने किया फोन, अधिकारी बोले- नहीं करनी बात
मीट की दुकानों की सीलिंग कार्रवाई में दुकानदारों ने एक बार फिर मेयर से संपर्क किया। इस दौरान कुछ दुकानदार निगम अधिकारियों से मिले और फोन पर मेयर से बात करने की बात कही, तो अधिकारियों ने मना कर दिया। थोड़ी देर बाद मेयर के पीए के नाम से फोन पर बात कराने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने बात करने से मना करते हुए अपनी कार्रवाई को जारी रखा।
धार्मिक औश्र व शैक्षणिक संस्थानों से दूर और कवर होनी चाहिए दुकान
निगम अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार मीट की दुकानों के पास लाइसेंस होना चाहिए। यह पूरी तरह से कवर होनी चाहिए, ताकि बाहर से दुकान के अंदर कुछ भी दिखाई न दे सके। इसके अलावा किसी भी धार्मिक व शैक्षणिक संस्थान से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो निगम इसे सील करने की पावर रखता है।
खुलेआम चल रही मीट की दुकानों की काफी समय से निगम को शिकायतें मिल रही थीं। इस पर निगम आयुक्त के निर्देशानुसार ही निगम टीम ने पांच दुकानों को सील करने का काम किया है।
- प्रदीप कल्याण, एक्सइएन, नगर निगम पानीपत
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दूसरी ओर निगम की टीम ने काबड़ी फाटक के पास एक और गोहाना रोड पुल के नीचे शास्त्री कॉलोनी के एंट्री गेट के पास पांच दुकानों को सील किया। एक दुुकान पर दो गेट थे, इसमें एक पर शटर न होने के कारण इसे सिर्फ पॉलिथीन से ढककर ही काम चलाना पड़ा, जबकि दूसरे शटर पर ताला लगा दिया। निगम टीम की इस कार्रवाई में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर नायब तहसीलदार अनिल कौशिक, निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण, एमई विरेंद्र मलिक समेत सैनिटेशन ब्रांच के कई अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
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पहले भी कई बार किया जा चुका है सील
बता दें कि निगम गोहाना रोड पुल के नीचे खुली मीट की इन दुकानों को कई बार सील कर चुका है। नेताओं के हस्तक्षेप से इनकी सीलिंग कार्रवाई को बीच में ही रोका जा चुका है, लेकिन यहां के स्थानीय लोगों से बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को एक बार फिर निगम ने इन दुुकानों को सील करने का काम किया है।
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मेयर के पीए ने किया फोन, अधिकारी बोले- नहीं करनी बात
मीट की दुकानों की सीलिंग कार्रवाई में दुकानदारों ने एक बार फिर मेयर से संपर्क किया। इस दौरान कुछ दुकानदार निगम अधिकारियों से मिले और फोन पर मेयर से बात करने की बात कही, तो अधिकारियों ने मना कर दिया। थोड़ी देर बाद मेयर के पीए के नाम से फोन पर बात कराने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने बात करने से मना करते हुए अपनी कार्रवाई को जारी रखा।
धार्मिक औश्र व शैक्षणिक संस्थानों से दूर और कवर होनी चाहिए दुकान
निगम अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार मीट की दुकानों के पास लाइसेंस होना चाहिए। यह पूरी तरह से कवर होनी चाहिए, ताकि बाहर से दुकान के अंदर कुछ भी दिखाई न दे सके। इसके अलावा किसी भी धार्मिक व शैक्षणिक संस्थान से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो निगम इसे सील करने की पावर रखता है।
खुलेआम चल रही मीट की दुकानों की काफी समय से निगम को शिकायतें मिल रही थीं। इस पर निगम आयुक्त के निर्देशानुसार ही निगम टीम ने पांच दुकानों को सील करने का काम किया है।
- प्रदीप कल्याण, एक्सइएन, नगर निगम पानीपत