{"_id":"5fa988838ebc3e9b7f0706d3","slug":"d-panipat-news-knl50380395","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक किया गया 329 दर्ज, पिछले 45 दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक किया गया 329 दर्ज, पिछले 45 दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर
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पिछले 45 दिनों से शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंता का विषय बना हुआ है। सुबह श्याम स्मॉग का गुबार बनने से मिट्टी के कण ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। जिस कारण पर्यावरण अत्यधिक प्रदूषित हो गया है । सोमवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 329 दर्ज किया गया। पिछले 45 दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति 20 नवंबर तक रह सकती है। अब भी उद्योगों से काला धुआं निकलते देखा जा रहा है। यह स्थिति सनौली रोड, गोहाना रोड, काबड़ी रोड और बापौली क्षेत्र में अधिक गंभीर है।
कोरोना के रोगियों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
सिविल अस्पताल के डॉ. अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल प्रदूषण सबसे अधिक प्रभाव कोरोना के रोगियों पर डाल रहा है। क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण पहले ही उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। पर्यावरण में धुआं मिश्रित होने के कारण उनके फेफड़े अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा यह परेशानी दमा रोगियों के लिए भी है। लोगों से अपील है कि वह घर से निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें।
सुबह शाम दृश्यता 200 मीटर
स्मॉग के कारण दृश्यता सुबह शाम 200 मीटर रह जाती है। इस कारण वाहन रोगियों को भी परेशानी होती है। धुएं के गुब्बार से आंखों व सीने में जलन महसूस हो रही है।
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कोरोना के रोगियों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
सिविल अस्पताल के डॉ. अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल प्रदूषण सबसे अधिक प्रभाव कोरोना के रोगियों पर डाल रहा है। क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण पहले ही उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। पर्यावरण में धुआं मिश्रित होने के कारण उनके फेफड़े अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा यह परेशानी दमा रोगियों के लिए भी है। लोगों से अपील है कि वह घर से निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें।
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सुबह शाम दृश्यता 200 मीटर
स्मॉग के कारण दृश्यता सुबह शाम 200 मीटर रह जाती है। इस कारण वाहन रोगियों को भी परेशानी होती है। धुएं के गुब्बार से आंखों व सीने में जलन महसूस हो रही है।
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