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इंडस्ट्रियल एरिया में 10 घंटे बिजली कटौती से फैक्ट्रियों को हो रहा करोड़ों का नुक्सान
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पानीपत। इंडस्ट्रियल एरिया में 20 घंटे से ज्यादा बिजली देने का वादा विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक करते आए हैं मगर एक सप्ताह से 10 से 12 घंटे का बिजली कट लग रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के साथ औद्योगिक क्षेत्र में रविवार रात को सेक्टर-29 पार्ट वन और टू की बिजली कट हो गई। इसके बाद पार्ट वन में सुबह चार बजे और पार्ट टू में सुबह छह बजे बिजली आई।
डायर एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा एवं अन्य उद्योगपतियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में रात भर बिजली न होने से दो से तीन घंटे जेनरेटर पर मशीनें चलाने के बाद मजबूरन फैक्टरियों को बंद करना पड़ रहा है। इससे उद्योगपतियों को रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। गर्मी में चादर और पर्दों की मांग ज्यादा रहती है और उद्योगपति समय पर ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। बिजली न आने से मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
दूसरी ओर पानी आने के समय भी रोजाना बिजली गुल हो जाती है। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सुबह छह से आठ बजे तक पानी आने का मुख्य समय होता है उस समय बिजली नहीं आती। बिजली न होने से मोटर नहीं चला पाते, जिससे दिनभर उन्हें पानी की किल्लत होती है। लोगों का कहना है कि यदि एक दिन की बात हो तो कोई नहीं लेकिन पिछले एक सप्ताह से यह परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि बिजली निगम को कटौती करनी ही है तो पहले ही सूचना दे दे, जिससे वह पानी भरकर रख लें। रोजाना जिले के सभी फीडरों पर पांच से छह घंटे की कटौती आम बात हो गई है। कट बढ़ने पर बिजली निगम ने रोजाना होने वाले घोषित कट की लिस्ट देनी भी बंद कर दी है। जिले के छह ब्लॉकों में बिजली किल्लत से लोग परेशान हैं।
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डायर एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा एवं अन्य उद्योगपतियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में रात भर बिजली न होने से दो से तीन घंटे जेनरेटर पर मशीनें चलाने के बाद मजबूरन फैक्टरियों को बंद करना पड़ रहा है। इससे उद्योगपतियों को रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। गर्मी में चादर और पर्दों की मांग ज्यादा रहती है और उद्योगपति समय पर ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। बिजली न आने से मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
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दूसरी ओर पानी आने के समय भी रोजाना बिजली गुल हो जाती है। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सुबह छह से आठ बजे तक पानी आने का मुख्य समय होता है उस समय बिजली नहीं आती। बिजली न होने से मोटर नहीं चला पाते, जिससे दिनभर उन्हें पानी की किल्लत होती है। लोगों का कहना है कि यदि एक दिन की बात हो तो कोई नहीं लेकिन पिछले एक सप्ताह से यह परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि बिजली निगम को कटौती करनी ही है तो पहले ही सूचना दे दे, जिससे वह पानी भरकर रख लें। रोजाना जिले के सभी फीडरों पर पांच से छह घंटे की कटौती आम बात हो गई है। कट बढ़ने पर बिजली निगम ने रोजाना होने वाले घोषित कट की लिस्ट देनी भी बंद कर दी है। जिले के छह ब्लॉकों में बिजली किल्लत से लोग परेशान हैं।
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