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हेराफेरी से एनओसी लेकर बना लिया स्पोर्ट्स स्कूल, अब चेयरमैन फंसा
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:08 PM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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पानीपत। मतलौडा स्थित सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल की परमिशन और एनओसी दोनों फर्जी मिले हैं। पुलिस ने डीटीपी (ई) और शिक्षा निदेशालय में जांच के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। चेयरमैन ने अपने दादा भलाराम एजुकेशन के नाम पर ट्रस्ट बनाई थी। बीएड और डीएड कॉलेज की बिल्डिंग के सहारे स्कूल की भी एनओसी, परमिशन फर्जी तरीके से ले ली। पुलिस ने स्कूल चेयरमैन जोगिंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया है। जांच मेें समिति के दूसरे पदाधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।
मामला मतलौडा कस्बे का है। सीआईए-वन ने सरस्वती स्पोटर्स स्कूल के चेयरमैन जोगिंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चेयरमैन जोगिंद्र को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा। कोर्ट ने उनका दो दिन का रिमांड मंजूर कर दिया। सीआईए-वन प्रभारी अजय मोर ने बताया कि थाना मतलौडा में पहले से ही भलाराम ट्रस्ट पर अवैध निर्माण और धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हैं। सीआईए-वन को गत दिनों ही इस मामले की जांच सौंपी गई थी।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
गांव के ही महाबीर ने डीटीपी को भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल और सरस्वती एजूकेशन कॉलेज की आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। इसमें बताया गया कि भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत डीटीपी से 23 जून 2014 को सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल के नाम एनओसी जारी की गई है। जबकि, रिकार्ड में किसी तरह की एनओसी नहीं मिली। इसके बाद शिक्षा निदेशालय में सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल की परमिशन से संबंधित मामले की जांच की। शिक्षा निदेशालय में इसकी कोई परमिशन नहीं मिली। डीटीपी (ई) ने प्राथमिक जांच में मामला साफ होने के बाद डीसी और एसपी को पत्र लिखकर भलाराम ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की। थाना मतलौडा पुलिस में ट्रस्ट के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा अवैध निर्माण, जबकि दूसरा धोखाधड़ी का दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने फर्जी कागज तैयार कर प्रयोग करने की धाराओं को भी धोखाधड़ी के मुकदमे में जोड़ दिया। पुलिस जांच में भी आरोप साबित पाए गए।
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डीटीपी के एक कर्मी पर भी संदेह
भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत स्कूल की फर्जी एनओसी और परमिशन के मामले में आरोपी चेयरमैन जोगिंद्र अकेला नहीं है। इस मामले में डीटीपी के एक कर्मी की गतिविधियां भी संदिग्ध है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कर्मी ने ही अपने कार्यालय से फर्जी एनओसी निकलवाकर दी थी। यह कर्मी एक अन्य आरोप में पहले भी फंसा हुआ है।
तीन माह में एनओसी और परमिशन दोनों
सीआईए-वन ने जांच में पाया गया कि भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल को लेकर 23 जून 2014 को डीटीपी में एनओसी मिली। इसके बाद मात्र तीन माह में ही 10 सितंबर 2014 को शिक्षा निदेशालय से पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल चलाने की परमिशन ले ली। स्कूल में इसी सत्र में कक्षाएं भी शुरू कर दी गईं।
इस तरह फंसा स्कूल संचालक
भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट ने सबसे पहले सरस्वती एजूकेशन कॉलेज मतलौडा में 2007-08 में शुरू किया। इसमें बीएड, डीएड और एमएड के कोर्स संचालित किए गए। इसके बाद इसी कैंपस में सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल शुरू कर दिया। शिक्षा विभाग के नियमानुसार एक ही कैंपस में दो शिक्षण संस्थान संचालित नहीं किए जा सकते। डीटीपी औरशिक्षा निदेशालय दोनों विभागों में परमिशन नहीं मिल सकती थी। ऐसे में प्रबंधन ने दूसरा रास्ता अपनाया।
शिक्षा विभाग ने जांच में बताया था सही
महाबीर ने सरस्वती स्पोटर्स स्कूल की सबसे पहले शिकायत शिक्षा विभाग से की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी को दी शिकायत में स्कूल की एनओसी और परमिशन फर्जी होने का दावा किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच बीईओ मतलौडा को सौंप दी। बीईओ मतलौडा ने दो सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने जांच के दौरान स्कूल की परमिशन सही बताई। महाबीर ने इसके बाद डीटीपी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी। इसमें एनओसी और परमिशन की कॉपी मांगी गई थी।
बाकी पदाधिकारी भी जांच के घेरे में
भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोट्र्स स्कूल की एनओसी और परमिशन मामले में ट्रस्ट के अन्य कई पदाधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। सीआईए-वन प्रभारी अजय मोर ने बताया कि इसमें आरोपी जोगिंद्र के पिता दुलीचंद (प्रबंधक), भाई बिजेंद्र (वाइस चेयरमैन), ममेरा भाई शीशपाल निवासी चिडाना सोनीपत (सदस्य) और उषा देवी निवासी भाऊपुर (सचिव) है। पुलिस अन्य पदाधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
शिक्षा विभाग भी करेगा कार्रवाई
शिक्षा विभाग भी सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल पर हेराफेरी से एनओसी और परमिशन लेने के मामले में कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल चलाने से पहले परमिशन लेनी होती है। इस दौरान कमेटी मौका मुआयना कर नियमों की जांच करती है। शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन लेकर स्कूल के संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।
भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल मतलौडा की एनओसी और परमिशन जांच में फर्जी पाई गई हैं। पुलिस ने चेयरमैन जोगिंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया है। पुलिस आरोपी से इस मामले साथ पूछताछ करेगी।
अजय मोर, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।
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मामला मतलौडा कस्बे का है। सीआईए-वन ने सरस्वती स्पोटर्स स्कूल के चेयरमैन जोगिंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चेयरमैन जोगिंद्र को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा। कोर्ट ने उनका दो दिन का रिमांड मंजूर कर दिया। सीआईए-वन प्रभारी अजय मोर ने बताया कि थाना मतलौडा में पहले से ही भलाराम ट्रस्ट पर अवैध निर्माण और धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हैं। सीआईए-वन को गत दिनों ही इस मामले की जांच सौंपी गई थी।
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ऐसे हुआ मामले का खुलासा
गांव के ही महाबीर ने डीटीपी को भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल और सरस्वती एजूकेशन कॉलेज की आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। इसमें बताया गया कि भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत डीटीपी से 23 जून 2014 को सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल के नाम एनओसी जारी की गई है। जबकि, रिकार्ड में किसी तरह की एनओसी नहीं मिली। इसके बाद शिक्षा निदेशालय में सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल की परमिशन से संबंधित मामले की जांच की। शिक्षा निदेशालय में इसकी कोई परमिशन नहीं मिली। डीटीपी (ई) ने प्राथमिक जांच में मामला साफ होने के बाद डीसी और एसपी को पत्र लिखकर भलाराम ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की। थाना मतलौडा पुलिस में ट्रस्ट के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा अवैध निर्माण, जबकि दूसरा धोखाधड़ी का दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने फर्जी कागज तैयार कर प्रयोग करने की धाराओं को भी धोखाधड़ी के मुकदमे में जोड़ दिया। पुलिस जांच में भी आरोप साबित पाए गए।
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डीटीपी के एक कर्मी पर भी संदेह
भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत स्कूल की फर्जी एनओसी और परमिशन के मामले में आरोपी चेयरमैन जोगिंद्र अकेला नहीं है। इस मामले में डीटीपी के एक कर्मी की गतिविधियां भी संदिग्ध है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कर्मी ने ही अपने कार्यालय से फर्जी एनओसी निकलवाकर दी थी। यह कर्मी एक अन्य आरोप में पहले भी फंसा हुआ है।
तीन माह में एनओसी और परमिशन दोनों
सीआईए-वन ने जांच में पाया गया कि भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल को लेकर 23 जून 2014 को डीटीपी में एनओसी मिली। इसके बाद मात्र तीन माह में ही 10 सितंबर 2014 को शिक्षा निदेशालय से पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल चलाने की परमिशन ले ली। स्कूल में इसी सत्र में कक्षाएं भी शुरू कर दी गईं।
इस तरह फंसा स्कूल संचालक
भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट ने सबसे पहले सरस्वती एजूकेशन कॉलेज मतलौडा में 2007-08 में शुरू किया। इसमें बीएड, डीएड और एमएड के कोर्स संचालित किए गए। इसके बाद इसी कैंपस में सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल शुरू कर दिया। शिक्षा विभाग के नियमानुसार एक ही कैंपस में दो शिक्षण संस्थान संचालित नहीं किए जा सकते। डीटीपी औरशिक्षा निदेशालय दोनों विभागों में परमिशन नहीं मिल सकती थी। ऐसे में प्रबंधन ने दूसरा रास्ता अपनाया।
शिक्षा विभाग ने जांच में बताया था सही
महाबीर ने सरस्वती स्पोटर्स स्कूल की सबसे पहले शिकायत शिक्षा विभाग से की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी को दी शिकायत में स्कूल की एनओसी और परमिशन फर्जी होने का दावा किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच बीईओ मतलौडा को सौंप दी। बीईओ मतलौडा ने दो सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने जांच के दौरान स्कूल की परमिशन सही बताई। महाबीर ने इसके बाद डीटीपी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी। इसमें एनओसी और परमिशन की कॉपी मांगी गई थी।
बाकी पदाधिकारी भी जांच के घेरे में
भलाराम ट्रस्ट के अंतर्गत सरस्वती स्पोट्र्स स्कूल की एनओसी और परमिशन मामले में ट्रस्ट के अन्य कई पदाधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। सीआईए-वन प्रभारी अजय मोर ने बताया कि इसमें आरोपी जोगिंद्र के पिता दुलीचंद (प्रबंधक), भाई बिजेंद्र (वाइस चेयरमैन), ममेरा भाई शीशपाल निवासी चिडाना सोनीपत (सदस्य) और उषा देवी निवासी भाऊपुर (सचिव) है। पुलिस अन्य पदाधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
शिक्षा विभाग भी करेगा कार्रवाई
शिक्षा विभाग भी सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल पर हेराफेरी से एनओसी और परमिशन लेने के मामले में कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल चलाने से पहले परमिशन लेनी होती है। इस दौरान कमेटी मौका मुआयना कर नियमों की जांच करती है। शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन लेकर स्कूल के संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।
भलाराम एजूकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले सरस्वती स्पोर्ट्स स्कूल मतलौडा की एनओसी और परमिशन जांच में फर्जी पाई गई हैं। पुलिस ने चेयरमैन जोगिंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया है। पुलिस आरोपी से इस मामले साथ पूछताछ करेगी।
अजय मोर, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।