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राजिंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण की लिंग जांच करते पकड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 07 May 2016 12:11 AM IST
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भ्रूण की लिंग जांच
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग ने मधु चौक के नजदीक राजेंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर की आपरेटर को एक गर्भवती महिला के भ्रूण की लिंग जांच करते पकड़ा। इसके एवज में एजेंट के माध्यम से 17 हजार रुपये लिए गए। विभाग ने नकली ग्राहक की मदद से इस कार्यवाही को अंजाम दिया। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने सेंटर की आपरेटर, संचालिका व एजेंट को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि सरोजनी कॉलोनी में रहने वाला राजू नाम का व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच करवाता है। स्वास्थ्य विभाग ने एक गर्भवती महिला को उस एजेंट तक पहुंचाया। एजेंट की गर्भवती महिला के साथ दो बार फोन पर बात हुई।
एजेंट ने 17 हजार रुपये में लिंग जांच करवाने का भरोसा दिलाया और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की डिकोय जंगला वाली माता जी के मंदिर के नजदीक बुलाया। स्वास्थ्य विभाग ने डिकोय को 500-500 रुपये के 34 नोट देकर भेज दिया। एजेंट ने मंदिर के नजदीक डिकोय से 17 हजार रुपये ले लिए और 500 रुपये के एक नोट पर क्रास बनाकर डिकोय को दे दिया। एजेंट ने यह नोट राजिंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर में जाकर देने का कहा।
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डिकोय राजिंद्र अल्ट्रासाउंड पहुंची और काउंटर पर वह नोट दिया। काउंटर पर मौजूद महिला ने उससे 500 रुपये और लिए और अल्ट्रासाउंड के लिए कमरे मेें भेज दिया। कमरे में उसका अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण के लिंग के बारे में बता दिया गया। इसके बाद डिकोय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दे दी। कुछ देर में पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. दहिया टीम व पुलिस के साथ सेंटर पर आ गए। काउंटर पर मौजूद महिला से क्रास बनाकर दिया गया 500 रुपये का नोट बरामद कर लिया गया। टीम ने सेंटर की दो अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं।
एजेंट से मिले आठ हजार, पत्नी के एकाऊंट में जमा करवाए चार हजार
सेंटर पर कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एजेंट के मोबाइल नंबर पर फोन किया। पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता कर उसे टैगोर गार्डन से गिरफ्तार कर लिया। एजेंट की जेब से साइन किए गए आठ हजार रुपये बरामद हुए। एजेंट ने पुलिस को बताया कि उसने चार हजार रुपये अपनी पत्नी के एकाऊंट मेें जमा करवाए हैं और बाकी रकम उसने अपने दोस्त को दे दी। एजेंट से पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले भी कई महिलाओं के भ्रूण की लिंग जांच करवा चुका है।
कोड वर्ड में बताया भ्रूण का लिंग
इस सेंटर में गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच के बाद लड़का या लड़की होने का सीधे तौर पर नहीं बताया जाता। बल्कि इसके लिए कोड वर्ड इस्तेमाल किया जाता है। एजेंट ने डिकोय को बताया था कि यदि भ्रूण लड़का हुआ तो यस कहा जाएगा और यदि भ्रूण लड़की हुई तो नो कहा जाएगा। डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने के बाद आपरेटर ने डिकोय को यस कहा।
अल्ट्रासाउंड करते समय आपरेटर के साथ थी सेंटर संचालिका
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सेंटर की संचालिका राजिंद्र कौर है। जबकि अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉ. गुरप्यारी अथोराइज्ड है। जब डिकोय का अल्ट्रासाउंड किया गया तो उस समय कमरे में राजिंद्र कौर भी मौजूद थीं। यह बात आपरेटर ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताई। आपरेटर के अनुसार उससे अच्छा अल्ट्रासाउंड तो राजिंद्र कौर कर लेती है।
डेढ साल सील रहा था सेंटर
राजिंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 2013 में भी स्वास्थ्य विभाग ने रेड की थी। उस समय सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन पर अथोराइज्ड आपरेटर की बजाय दूसरा व्यक्ति अल्ट्रासाउंड कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर की दो अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी थीं, जो कि करीब डेढ़ साल तक सील रहीं।
सेंटर की संचालिका राजिंद्र कौर, रजिस्टर्ड आपरेटर गुरप्यारी व एजेंट राजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
डॉ. विजय दहिया, डिस्ट्रिक पीएनडीटी इंचार्ज।
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स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि सरोजनी कॉलोनी में रहने वाला राजू नाम का व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच करवाता है। स्वास्थ्य विभाग ने एक गर्भवती महिला को उस एजेंट तक पहुंचाया। एजेंट की गर्भवती महिला के साथ दो बार फोन पर बात हुई।
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एजेंट ने 17 हजार रुपये में लिंग जांच करवाने का भरोसा दिलाया और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की डिकोय जंगला वाली माता जी के मंदिर के नजदीक बुलाया। स्वास्थ्य विभाग ने डिकोय को 500-500 रुपये के 34 नोट देकर भेज दिया। एजेंट ने मंदिर के नजदीक डिकोय से 17 हजार रुपये ले लिए और 500 रुपये के एक नोट पर क्रास बनाकर डिकोय को दे दिया। एजेंट ने यह नोट राजिंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर में जाकर देने का कहा।
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डिकोय राजिंद्र अल्ट्रासाउंड पहुंची और काउंटर पर वह नोट दिया। काउंटर पर मौजूद महिला ने उससे 500 रुपये और लिए और अल्ट्रासाउंड के लिए कमरे मेें भेज दिया। कमरे में उसका अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण के लिंग के बारे में बता दिया गया। इसके बाद डिकोय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दे दी। कुछ देर में पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. दहिया टीम व पुलिस के साथ सेंटर पर आ गए। काउंटर पर मौजूद महिला से क्रास बनाकर दिया गया 500 रुपये का नोट बरामद कर लिया गया। टीम ने सेंटर की दो अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं।
एजेंट से मिले आठ हजार, पत्नी के एकाऊंट में जमा करवाए चार हजार
सेंटर पर कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एजेंट के मोबाइल नंबर पर फोन किया। पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता कर उसे टैगोर गार्डन से गिरफ्तार कर लिया। एजेंट की जेब से साइन किए गए आठ हजार रुपये बरामद हुए। एजेंट ने पुलिस को बताया कि उसने चार हजार रुपये अपनी पत्नी के एकाऊंट मेें जमा करवाए हैं और बाकी रकम उसने अपने दोस्त को दे दी। एजेंट से पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले भी कई महिलाओं के भ्रूण की लिंग जांच करवा चुका है।
कोड वर्ड में बताया भ्रूण का लिंग
इस सेंटर में गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच के बाद लड़का या लड़की होने का सीधे तौर पर नहीं बताया जाता। बल्कि इसके लिए कोड वर्ड इस्तेमाल किया जाता है। एजेंट ने डिकोय को बताया था कि यदि भ्रूण लड़का हुआ तो यस कहा जाएगा और यदि भ्रूण लड़की हुई तो नो कहा जाएगा। डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने के बाद आपरेटर ने डिकोय को यस कहा।
अल्ट्रासाउंड करते समय आपरेटर के साथ थी सेंटर संचालिका
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सेंटर की संचालिका राजिंद्र कौर है। जबकि अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉ. गुरप्यारी अथोराइज्ड है। जब डिकोय का अल्ट्रासाउंड किया गया तो उस समय कमरे में राजिंद्र कौर भी मौजूद थीं। यह बात आपरेटर ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताई। आपरेटर के अनुसार उससे अच्छा अल्ट्रासाउंड तो राजिंद्र कौर कर लेती है।
डेढ साल सील रहा था सेंटर
राजिंद्र अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 2013 में भी स्वास्थ्य विभाग ने रेड की थी। उस समय सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन पर अथोराइज्ड आपरेटर की बजाय दूसरा व्यक्ति अल्ट्रासाउंड कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर की दो अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी थीं, जो कि करीब डेढ़ साल तक सील रहीं।
सेंटर की संचालिका राजिंद्र कौर, रजिस्टर्ड आपरेटर गुरप्यारी व एजेंट राजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
डॉ. विजय दहिया, डिस्ट्रिक पीएनडीटी इंचार्ज।