{"_id":"58a5f13a4f1c1bab19d84481","slug":"cia-one-arrest-accuse-morning-cut-veins-both-hand","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआईए-वन में सुबह पकड़ा जानलेवा का आरोपी, दो घंटे बाद काट लीं हाथों की नस ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीआईए-वन में सुबह पकड़ा जानलेवा का आरोपी, दो घंटे बाद काट लीं हाथों की नस
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:06 AM IST
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अस्पताल में
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीआईए-वन थाने की कस्टडी में जानलेवा हमला के एक आरोपी ने ब्लेड ने अपने दोनों हाथों की नस काट ली। पुलिस ने आरोपी को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। वहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। परिजनों ने पुलिस पर उसको टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। एसपी ने मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोप साबित होने पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। सीआईए-वन पुलिस टीम ने बाबरपुर मंडी में फ्लाईओवर के नीचे से गांव नारा निवासी रविंद्र को वीरवार सुबह ही गिरफ्तार किया था।
आरोपी पर गांव के ही अजीत पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए साथ ले गई। आरोप है कि कस्टडी में आरोपी रविंद्र ने ब्लेड से अपने दोनों हाथों की नस काट ली। आरोपी के हाथों से खून निकलता देख उसको तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
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सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। वहां पर परिजनों ने पुलिस पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए। परिजनों ने दावा किया उन्होंने रविंद्र को 14 फरवरी को सीआईए-वन में पेश किया था। सीआईए ने पूछताछ की बात कही थी। आरोप है कि सीआईए के टॉर्चर के चलते ही रविंद्र ने अपने दोनों हाथों की नसें कट लीं।
सीआईए-वन ने ऐसे सभी आरोपों को नकारा है। सीआईए-प्रभारी का कहना है कि आरोपी को सुबह ही बाबरपुर मंडी में फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया था। उसको पूछताछ के लिए लाए थे। यहां टॉयलेट जाने के बहाने उसने अपने हाथ की नसें काट लीं।
कहां से आया ब्लेड
सीआईए-वन की कस्टडी में आरोपी के आत्महत्या की कोशिश करने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि आरोपी के पास ब्लेड कहां से आया। यदि आरोपी को आज ही गिरफ्तार किया था, तो उसने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया।
जिम ट्रेनर को गोली मारने की घटना में था शामिल
गांव नारा निवासी अजीत 30 जनवरी की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ईश्वर के डेरे की तरफ सैर करने गया था। वापस आते समय जब वह खुंबी फार्म के पास पहुंचा तो वहां पहले से खड़े तीन बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग गए थे।
अजीत को तीन गोलियां लगी थीं। परिजनों ने उसको गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था। थाना मतलौडा पुलिस ने अजीत के बयान के आधार पर गांव नारा निवासी रविंद्र, मोहित और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस कस्टडी में पहले हो चुकी है खुदकुशी
पुलिस कस्टडी में जान देने या जान लेवा हमला करने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन माह पहले थाना शहर में एक आरोपी ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। खुदकुशी करने वाला मारपीट के एक मामले का आरोपी था। पुलिस ने इसके बाद बंदीगृह में चौकसी बरतने के आदेश देते हुए एक संतरी लगातार लगाने के आदेश दिए थे।
अब सवाल है कि सीआईए-वन में इस तरह का मामला हुआ है तो उस वक्त संतरी या बाकी मुलाजिम कहां थे। पिछले दिनों सीआईए-वन में ही एक व्यक्ति ने एक मामले के आरोपी ने फोन नंबर की बाहर फेंकी पर्ची के आधार पर उसकी मां से संपर्क किया था। उसने उसकी मां के साथ संबंध भी बना लिए थे। उसने महिला के सामने खुद को सीआईए कर्मी बताया था। पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
हत्या के प्रयास में नामजद आरोपी गांव नारा निवासी रविंद्र को वीरवार सुबह बाबरपुर मंडी के फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया था। आरोपी को पूछताछ के लिए ले गए थे। वहां उसने ब्लेड से अपने दोनों हाथ काट लिए। उसे तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सीआईए कर्मचारी सेव बनाते हैं। कोई ब्लेड गिर गया होगा। आरोपी टॉयलेट के बहाने गया था। ब्लेड मिलने के बाद उसने अपने हाथ काट लिए। परिजनों के टार्चर करने और आरोपी को सीआईए में छोड़कर जाने के आरोप गलत हैं।
दीपक कुमार, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।
पुलिस कस्टडी में एक आरोपी के अपने हाथ पर ब्लेड से वार करने की सूचना मिली थी। आरोपी को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अस्पताल में सुरक्षा दी गई है। अस्पताल में दाखिल आरोपी की हालत में सुधार है।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर
सीआईए-वन में हत्या की कोशिश के आरोपी ने बाथरूम जाने के बहाने अपने हाथ पर ब्लेड मार लिया। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सीआईए के टॉर्चर करने की किसी प्रकार की बात सामने नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है। अगर इस प्रकार की बात मिलती है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
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पुलिस ने लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। एसपी ने मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोप साबित होने पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। सीआईए-वन पुलिस टीम ने बाबरपुर मंडी में फ्लाईओवर के नीचे से गांव नारा निवासी रविंद्र को वीरवार सुबह ही गिरफ्तार किया था।
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आरोपी पर गांव के ही अजीत पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए साथ ले गई। आरोप है कि कस्टडी में आरोपी रविंद्र ने ब्लेड से अपने दोनों हाथों की नस काट ली। आरोपी के हाथों से खून निकलता देख उसको तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
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सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। वहां पर परिजनों ने पुलिस पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए। परिजनों ने दावा किया उन्होंने रविंद्र को 14 फरवरी को सीआईए-वन में पेश किया था। सीआईए ने पूछताछ की बात कही थी। आरोप है कि सीआईए के टॉर्चर के चलते ही रविंद्र ने अपने दोनों हाथों की नसें कट लीं।
सीआईए-वन ने ऐसे सभी आरोपों को नकारा है। सीआईए-प्रभारी का कहना है कि आरोपी को सुबह ही बाबरपुर मंडी में फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया था। उसको पूछताछ के लिए लाए थे। यहां टॉयलेट जाने के बहाने उसने अपने हाथ की नसें काट लीं।
कहां से आया ब्लेड
सीआईए-वन की कस्टडी में आरोपी के आत्महत्या की कोशिश करने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि आरोपी के पास ब्लेड कहां से आया। यदि आरोपी को आज ही गिरफ्तार किया था, तो उसने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया।
जिम ट्रेनर को गोली मारने की घटना में था शामिल
गांव नारा निवासी अजीत 30 जनवरी की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ईश्वर के डेरे की तरफ सैर करने गया था। वापस आते समय जब वह खुंबी फार्म के पास पहुंचा तो वहां पहले से खड़े तीन बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग गए थे।
अजीत को तीन गोलियां लगी थीं। परिजनों ने उसको गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था। थाना मतलौडा पुलिस ने अजीत के बयान के आधार पर गांव नारा निवासी रविंद्र, मोहित और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस कस्टडी में पहले हो चुकी है खुदकुशी
पुलिस कस्टडी में जान देने या जान लेवा हमला करने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन माह पहले थाना शहर में एक आरोपी ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। खुदकुशी करने वाला मारपीट के एक मामले का आरोपी था। पुलिस ने इसके बाद बंदीगृह में चौकसी बरतने के आदेश देते हुए एक संतरी लगातार लगाने के आदेश दिए थे।
अब सवाल है कि सीआईए-वन में इस तरह का मामला हुआ है तो उस वक्त संतरी या बाकी मुलाजिम कहां थे। पिछले दिनों सीआईए-वन में ही एक व्यक्ति ने एक मामले के आरोपी ने फोन नंबर की बाहर फेंकी पर्ची के आधार पर उसकी मां से संपर्क किया था। उसने उसकी मां के साथ संबंध भी बना लिए थे। उसने महिला के सामने खुद को सीआईए कर्मी बताया था। पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
हत्या के प्रयास में नामजद आरोपी गांव नारा निवासी रविंद्र को वीरवार सुबह बाबरपुर मंडी के फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया था। आरोपी को पूछताछ के लिए ले गए थे। वहां उसने ब्लेड से अपने दोनों हाथ काट लिए। उसे तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सीआईए कर्मचारी सेव बनाते हैं। कोई ब्लेड गिर गया होगा। आरोपी टॉयलेट के बहाने गया था। ब्लेड मिलने के बाद उसने अपने हाथ काट लिए। परिजनों के टार्चर करने और आरोपी को सीआईए में छोड़कर जाने के आरोप गलत हैं।
दीपक कुमार, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।
पुलिस कस्टडी में एक आरोपी के अपने हाथ पर ब्लेड से वार करने की सूचना मिली थी। आरोपी को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अस्पताल में सुरक्षा दी गई है। अस्पताल में दाखिल आरोपी की हालत में सुधार है।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर
सीआईए-वन में हत्या की कोशिश के आरोपी ने बाथरूम जाने के बहाने अपने हाथ पर ब्लेड मार लिया। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सीआईए के टॉर्चर करने की किसी प्रकार की बात सामने नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है। अगर इस प्रकार की बात मिलती है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।