फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   बेटी के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने थाना सदर में दो घंटे तक किया हंगामा

बेटी के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने थाना सदर में दो घंटे तक किया हंगामा

Thu, 16 May 2019 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2019 12:04 AM IST
विज्ञापन
बेटी के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने थाना सदर में दो घंटे तक किया हंगामा
पानीपत। गांव बड़ौली में गत तीन मई को हुई दहेज हत्या के हत्यारोपियों ससुराल पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी न होने पर नाराज परिजनों ने बुधवार को थाना सदर में दो घंटे जमकर बवाल काटा। उन्होंने थाना परिसर में हंगामा किया व पुलिस पर कई आरोप लगाए। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें गिरफ्तार नहीं करने सहित संबंधित केस में सिर्फ मायके पक्ष को ही बार-बार फोन कर जांच में शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन इसे सुसाइड बता रही है और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। थाने में मौजूद डीएसपी क्राइम ने आक्रोशित परिजनों को समझाया व मामले में जल्द ही उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

हत्यारोपियों के खिलाफ सबूत मांगने का लगाया आरोप : परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए कि पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की जांच नहीं कर रही है। इसके अलावा पुलिस हत्यारोपियों के खिलाफ सबूत भी लड़की के परिजनों से ही मांग रही है। उन्होंने बताया कि डीएसपी उनसे उनकी बेटी की शादी होने के सबूत मांग रही हैं। इसमें पुलिस मुख्य रूप से शादी का कार्ड, दहेज के सामान की सूची सहित शादी की वीडियोग्राफी तक मांग रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर इस तरह से उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
विज्ञापन

ये था मामला : रघबीर सिंह निवासी गांव चिड़ाव ने डीएसपी को दी लिखित शिकायत में बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री नीलम की शादी फरवरी 2018 में पानीपत जिले के गांव बड़ौली वासी पंकज पुत्र दलबीर के साथ धूमधाम से की थी। उन्होंने अपनी क्षमता अनुसार दान-दहेज भी दिया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष के लोग उनकी बेटी नीलम को लगातार दहेज के लिए परेशान करते थे। आरोप है कि ससुराल वालों ने नीलम को 3 मई 2019 को मौत के घाट उतार दिया और फंदा लगाकर आत्महत्या करने की झूठी कहानी रच दी। रघबीर ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी की मौत की सूचना भी उन्हें नीलम की ससुराल वालों ने नहीं दी, बल्कि एक पड़ोसी ने दी। जिसकी पुष्टि के लिए उन्होंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। जब वो परिजनों के साथ बड़ौली पहुंचे तो नीलम के शव पर चोट के निशान थे। इसलिए उन्होंने इसी दिन संबंधित थाना सदर प्रभारी को अपनी पुत्री के हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई थी। जबकि अब तक आरोपियों की गिरफ्तार तो दूर उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि नीलम की हत्या में कौन-कौन शामिल थे। उनका आरोप है कि बेटी के हत्यारोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दहेज हत्या में शादी के कार्ड, दहेज के सामान की सूची सहित वीडियोग्राफी की जरूरत पड़ती है। इसलिए उनसे ये सबूत के तौर पर मांगे गए थे। शिकायतकर्ता को 2-3 बार जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया, लेकिन वो शामिल नहीं हुए।
- राजेश फौगाट, डीएसपी क्राइम।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed