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7 साल में लापता हुए 5 बच्चों का नहीं लगा कोई सुराग, रोषित लोगों ने पुलिस प्रशासन का फूंका पुतला

Mon, 11 Feb 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 01:03 AM IST
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7 साल में लापता हुए 5 बच्चों का नहीं लगा कोई सुराग, रोषित लोगों ने पुलिस प्रशासन का फूंका पुतला
7 साल में लापता हुए 5 बच्चों का नहीं लगा कोई सुराग, पुलिस प्रशासन का फूंका पुतला
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पानीपत। वार्ड 18 में वर्ष 2012 से 2017 तक संदिग्ध परिस्थितयों में लापता हुए 5 नाबालिग बच्चो का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। जिस कारण परिजनों व स्थानीय निवासियों में पुलिस के खिलाफ काफी रोष है। इसी के चलते रोषित लोगों ने पुलिस के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका।
कागजों में बनाई एसआईटी
मुखीजा कॉलोनी की न्यू आरके पुरम निवासी सुभाष गोस्वामी ने बताया कि 29 जून 2017 को घर के पास से 17 वर्षीय बेटा दीपक लापता हो गया था। अब तक उसका सुराग नहीं लग पाया। मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में है, लेकिन 4 बार से बैठक ही नहीं हुई। पहले डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी ने जांच की। 2 जनवरी 2019 को एसपी सुमित कुमार ने 7 पुलिसकर्मियों की एसआईटी बनाई। 1 माह में 4 बार चक्कर लगाए, लेकिन एसआईटी में शामिल पुलिस अफसरों के नाम पता नहीं चल पाए। 5 फरवरी को दिल्ली भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री से मिला था। उन्होंने सीएम से बात कर बच्चे को तलाशने का आश्वासन दिया है।
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पुलिस कर रही महज खानापूर्ति:
मुखीजा कॉलोनी की गली नंबर 10 में रहने वाली नाजमा पत्नी मुमताज ने बताया कि 17 अगस्त 2017 को 15 वर्षीय बेटा शाहिद और पड़ोस में रहने वाली ननद रुखसाना का बेटा 16 वर्षीय बेटा इकलाक खेलने के लिए गए थे। इसके बाद दोनों लौटकर नहीं आए। मॉडल टाउन थाने में केस दर्ज कराया था। दो साल बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। दोनों बच्चों की तलाश में जगह-जगह तलाश करते रहे। पुलिस ने एक-दो बार घर आकर खानापूर्ति की लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ठीक से जांच करे तो बच्चों का पता लग सकता है।
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लापता हुए हो गए 7 साल, पुलिस ने फाइल की बंद:
मुखीजा कॉलोनी की गली नंबर 9बी में रहने वाले केसो सिंह ने बताया कि मार्च 2012 में होली के समय साला राकेश का बेटा 17 वर्षीय शुभम घर पर आया था। 8 मार्च 2012 को शुभम और केसो सिंह का 12 वर्षीय बेटा विवेक दुकान से रंग लेने के लिए गए थे। इसके बाद दोनों लौटकर नहीं आए। 7 साल से चचेरे भाई लापता है, पुलिस ने तो फाइल ही बंद कर दी। लेकिन परिजन अब भी बच्चों का तलाशने में जुटे हुए हैं। केसो सिंह ने कहा कि पुलिस उनके साथ कहीं भी बच्चों को तलाशने के लिए नहीं गई। बच्चों को उठाने वाला गैंग सक्रिय है।
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