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पुलिस द्वारा मीट दुकानें बंद कराने से नाराज मीट विक्रेताओं ने दिखाई दबंगाई, गांव की बंद कराई परचून की दुकानें, गांव में तनाव
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:05 AM IST
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पुलिस द्वारा मीट दुकानें बंद कराने से नाराज मीट विक्रेताओं ने दिखाई दबंगई , गांव की बंद कराई परचून की दुकानें, गांव में तनाव
सनौली। गांव गढी बेसक में पुलिस द्वारा मीट की दुकानें बंद कराने पर मीट विक्रेताओं ने दबंगाई दिखाते हुए जबरदस्ती गांव के अड्डे की परचून आदि की दुकानें बंद कराई। मीट विक्रेताओं की दबंगाई से नाराज दुकानदारों ने एकजूट होकर सरपंच सुनील कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदार सनौली थाना एसएचओ संदीप कुमार से मिलने थाना पहुंचे। इस पर सरपंच सुनील कुमार ने मीट के चार दुकानदारों द्वारा जबरदस्ती परचून की दुकानों को बंद कराने का विरोध जताया और सैकड़ों ग्रामीणों सहित सनौली थाना एसएचओ से मिल कर मीट विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
एसएचओ से मिलने पहुंचे परचून दुकानदारों ने एसएचओ को कहा कि कई बार मीट दुकानों को बंद कराने के लिए ग्रामीण पुलिस प्रशासन से मांग कर चुके हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। गांव में सरेआम मीट बेचा जाता है। उनका आरोप है कि पुलिस मीट वालों की दुकानें उसी समय बंद कराती है जब पुलिस को कोई पैसे नहीं मिलते। इसलिए पुलिस मीट वालों पर मेहरबान है। पैसे देने पर एक-दो दिन बाद फिर से मीट की दुकानें खोल दी जाती हैं। एक-दो दिन तक ही पुलिस मीट विक्रेताओं से मिल कर दोबारा फिर मीट दुकानों को चालू करवा देती है। ग्रामीणों ने पुलिस की मिलीभगत कर मीट की दुकानों को चलवाने के भी आरोप लगाए हैं। इस पर सरपंच सुनील कुमार ने कहा कि पहले भी पुलिस एक-दो बार मीट की दुकानों को बंद करा चुकी है। मगर फिर एक-दो दिन बाद ही चल जाती हैं। सब खेल पुलिस की शह पर ही होता है।
एसएचओ सदीप ने पंचायत व अन्य परचून दुकानदारों को आश्वासन दिया कि सभी परचून की दुकानें खुली रहेंगी। कोई जबरदस्ती उन्हें बंद कराएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीट विक्रेताओं के कागजात जांच कर उनके खिलाफ जो नियमानुसार कार्रवाई बनेगी, वो जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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सनौली। गांव गढी बेसक में पुलिस द्वारा मीट की दुकानें बंद कराने पर मीट विक्रेताओं ने दबंगाई दिखाते हुए जबरदस्ती गांव के अड्डे की परचून आदि की दुकानें बंद कराई। मीट विक्रेताओं की दबंगाई से नाराज दुकानदारों ने एकजूट होकर सरपंच सुनील कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदार सनौली थाना एसएचओ संदीप कुमार से मिलने थाना पहुंचे। इस पर सरपंच सुनील कुमार ने मीट के चार दुकानदारों द्वारा जबरदस्ती परचून की दुकानों को बंद कराने का विरोध जताया और सैकड़ों ग्रामीणों सहित सनौली थाना एसएचओ से मिल कर मीट विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
एसएचओ से मिलने पहुंचे परचून दुकानदारों ने एसएचओ को कहा कि कई बार मीट दुकानों को बंद कराने के लिए ग्रामीण पुलिस प्रशासन से मांग कर चुके हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। गांव में सरेआम मीट बेचा जाता है। उनका आरोप है कि पुलिस मीट वालों की दुकानें उसी समय बंद कराती है जब पुलिस को कोई पैसे नहीं मिलते। इसलिए पुलिस मीट वालों पर मेहरबान है। पैसे देने पर एक-दो दिन बाद फिर से मीट की दुकानें खोल दी जाती हैं। एक-दो दिन तक ही पुलिस मीट विक्रेताओं से मिल कर दोबारा फिर मीट दुकानों को चालू करवा देती है। ग्रामीणों ने पुलिस की मिलीभगत कर मीट की दुकानों को चलवाने के भी आरोप लगाए हैं। इस पर सरपंच सुनील कुमार ने कहा कि पहले भी पुलिस एक-दो बार मीट की दुकानों को बंद करा चुकी है। मगर फिर एक-दो दिन बाद ही चल जाती हैं। सब खेल पुलिस की शह पर ही होता है।
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एसएचओ सदीप ने पंचायत व अन्य परचून दुकानदारों को आश्वासन दिया कि सभी परचून की दुकानें खुली रहेंगी। कोई जबरदस्ती उन्हें बंद कराएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीट विक्रेताओं के कागजात जांच कर उनके खिलाफ जो नियमानुसार कार्रवाई बनेगी, वो जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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